self confidence in children: हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा आत्मविश्वासी, खुश और मानसिक रूप से मजबूत बने। इसके लिए वे अच्छी शिक्षा, बेहतर माहौल और हर संभव सुविधा देने की कोशिश करते हैं। लेकिन कई बार अनजाने में कही गई कुछ बातें या बार-बार पूछे जाने वाले सवाल बच्चों के आत्मविश्वास पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं। माता-पिता का उद्देश्य भले ही बच्चे को प्रेरित करना या उसकी प्रगति जानना हो, लेकिन सवाल पूछने का तरीका और शब्दों का चयन बच्चे की सोच और भावनाओं को गहराई से प्रभावित करता है।
Parenting Tips: बच्चों से भूलकर भी न पूछें ये 7 सवाल, धीरे-धीरे खत्म हो सकता है उनका आत्मविश्वास
How To Build Child Confidence: बच्चों से कौन-से सवाल नहीं पूछने चाहिए?
बच्चों से बार-बार तुलना करने वाले, कमियों पर जोर देने वाले या डर पैदा करने वाले सवाल जैसे "तुम्हारे कम नंबर क्यों आए?", "शर्मा जी के बेटे जैसे क्यों नहीं हो?" या "अगर फेल हो गए तो?" पूछने से बचना चाहिए। ऐसे सवाल बच्चों का आत्मविश्वास कम कर सकते हैं। उनकी जगह सहयोग, प्रोत्साहन और समाधान पर आधारित बातचीत करना बेहतर होता है।
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- "तुम्हारे इतने कम नंबर क्यों आए?"
अगर हर परीक्षा के बाद केवल अंक ही चर्चा का विषय बन जाएं, तो बच्चा यह मानने लगता है कि उसकी पहचान सिर्फ उसके रिजल्ट से है। इससे वह असफलता से डरने लगता है।
बेहतर तरीका
"तुम्हें किस विषय में सबसे ज्यादा मुश्किल हुई? हम मिलकर उसे बेहतर करेंगे।"
- "देखो, शर्मा जी का बेटा कितना अच्छा है"
दूसरों से तुलना करना बच्चे के आत्मसम्मान को चोट पहुंचा सकता है। हर बच्चे की क्षमता और सीखने की गति अलग होती है।
बेहतर तरीका
बच्चे की तुलना केवल उसकी पिछली प्रगति से करें।
- "तुमसे यह भी नहीं होता?"
ऐसे शब्द बच्चे को यह महसूस करा सकते हैं कि वह सक्षम नहीं है। इससे वह नई चीजें सीखने से भी डर सकता है।
बेहतर तरीका
"कोई बात नहीं, फिर से कोशिश करते हैं।"
- "तुम हमेशा गलती क्यों करते हो?"
"हमेशा" और "कभी नहीं" जैसे शब्द बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव छोड़ते हैं। इससे वे खुद को असफल मानने लगते हैं।
बेहतर तरीका
"इस बार गलती हुई है, अगली बार इसे कैसे सुधार सकते हैं?"
- "तुम इतने शर्मीले क्यों हो?"
बच्चे के व्यक्तित्व को लेबल करना उसकी पहचान पर असर डाल सकता है। हर बच्चा सामाजिक रूप से एक जैसा नहीं होता।
बेहतर तरीका
उसे अपनी गति से लोगों से घुलने-मिलने का समय दें।
- "अगर फेल हो गए तो क्या होगा?"
डर के आधार पर प्रेरित करने की कोशिश अक्सर उल्टा असर करती है। बच्चा दबाव और चिंता महसूस करने लगता है।
बेहतर तरीका
मेहनत और सीखने की प्रक्रिया पर ध्यान दें, केवल परिणाम पर नहीं।
- "तुम बड़े होकर क्या बनोगे?"
यह सवाल सामान्य है, लेकिन बार-बार पूछने पर बच्चा दबाव महसूस कर सकता है, खासकर जब उसे अभी अपनी रुचि का पता न हो।
बेहतर तरीका
"तुम्हें किस काम में सबसे ज्यादा मजा आता है?"
बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने के आसान तरीके
-
उनकी बात ध्यान से सुनें।
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छोटी-छोटी सफलताओं की भी सराहना करें।
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गलती होने पर डांटने की बजाय समाधान बताएं।
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निर्णय लेने के छोटे-छोटे अवसर दें।
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उनकी भावनाओं का सम्मान करें।
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तुलना करने से बचें।
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बिना शर्त प्यार और समर्थन का एहसास कराएं।