Chhath Puja 2025 : छठ पूजा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति का अद्भुत प्रतीक है, जहां सूर्य उपासना के साथ प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाती है। हर साल कार्तिक शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को यह महापर्व मनाया जाता है, जिसमें डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा निभाई जाती है। इस वर्ष छठ पूजा 2025 की शुरुआत 25 अक्टूबर, शनिवार से होगी और इसका समापन 28 अक्टूबर (मंगलवार) को उषा अर्घ्य के साथ होगा। छठ पर्व के दौरान श्रद्धालु व्रत रखकर जलाशयों के किनारे सूर्य देव की पूजा करते हैं। लेकिन अगर आप इस बार इसे और खास बनाना चाहते हैं, तो देश के कुछ प्रमुख सूर्य मंदिरों के दर्शन अवश्य करें, जिनका संबंध छठ पूजा से आत्मिक रूप से जुड़ा हुआ है।
Chhath Puja 2025: छठ पूजा के मौके पर करें इन दिव्य सूर्य मंदिरों के दर्शन, मनोकामना होगी पूरी
Chhath Puja 2025 : जानिए छठ पूजा 2025 के अवसर पर भारत के प्रसिद्ध सूर्य मंदिरों के बारे में, जहां दर्शन मात्र से पूर्ण होती हैं मनोकामनाएं।
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देव सूर्य मंदिर औरंगाबाद, बिहार
इसे छठ महापर्व का केंद्र माना जाता है। यहां हर साल लाखों श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। देव सूर्य मंदिर, देवार्क सूर्य मंदिर या केवल देवार्क के नाम से प्रसिद्ध यह भारतीय राज्य बिहार के औरंगाबाद जिले में देव नामक स्थान पर स्थित एक हिंदू मंदिर है जो देवता सूर्य को समर्पित है।
कोणार्क सूर्य मंदिर (ओडिशा)
यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में प्रसिद्ध यह मंदिर सूर्य देव की भव्यता का प्रतीक है। सूर्य देव को समर्पित, कोणार्क का निर्माण गंग राजवंश के शासक नरसिंह देव प्रथम द्वारा 13वीं शताब्दी में किया गया था। इसकी स्थापत्य प्रतिभा और इसके कश्मीर से लेकर भारत के पूर्वी हिस्सों तक सूर्य देवता की पूजा के प्रसार के प्रमाण होने के कारण, वर्ष 1984 में इसको यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल की सूची में शामिल किया गया था।
मोधेरा सूर्य मंदिर, गुजरात
गुजरात के रहने वाले हैं तो छठ पूजा में मोधेरा सूर्य मंदिर के दर्शन के लिए जरूर जाएं। यह मंदिर वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां सूर्य की पहली किरण सीधे गर्भगृह में प्रवेश करती है।
मार्तंड सूर्य मंदिर, जम्मू-कश्मीर
जम्मू कश्मीर में भी सूर्य मंदिर है। यहां मार्तंड सूर्य मंदिर स्थित है जो कि 8वीं शताब्दी में बना था। यह मंदिर प्राचीन कश्मीर की वैभवशाली सभ्यता की झलक देता है।