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दुनिया घूमने के शौकीन हैं तो पढ़ लें ये खबर, आपकी विदेश यात्रा पर होने वाला है बड़ा असर

Tue, 18 Feb 2020 07:57 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निलेश कुमार Updated Tue, 18 Feb 2020 07:57 PM IST
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Foreign Tour will be more expensive by April this provision in Budget 2020-21
Foreign Tour - फोटो : Amar Ujala

घूमने-फिरने के शौकीनों को विदेश यात्राएं करना खूब पसंद होता है। देश के अलावा दुनिया की सैर करने का अपना ही रोमांच है। कई बार भारतीय रेलवे, खानपान एवं पर्यटन निगम यानी आईआरसीटीसी और अन्य टूर एंड ट्रैवल्स कंपनियां सस्ता पैकेज उपलब्ध कराती है और इन पैकेजों के सहारे विदेश घूमना किफायती भी होता है। इससे इतर बड़ी खबर ये है कि आने वाले समय में विदेश यात्रा करना महंगा हो सकता है। इसी साल पेश हुए बजट में किए गए प्रावधान अगले वित्तीय वर्ष से लागू होंगे और इसके अनुसार एक अप्रैल से विदेश यात्रा महंगी हो जाएगी। 

Foreign Tour will be more expensive by April this provision in Budget 2020-21
Flight tour - फोटो : Pixabay

दरअसल केंद्र सरकार ने बजट 2020 में आयकर की धारा 206सी में संशोधन कर टीसीएस लगाने का प्रस्ताव दिया है। ऐसे में नए वित्तीय वर्ष 2020-21 से विदेशी टूर पैकेज खरीदना महंगा हो जाएगा। साथ ही विदेशों में पैसा भेजना भी महंगा हो जाएगा। विदेशी टूर पैकेज खरीदने पर या सात लाख रुपये से अधिक भारतीय मुद्रा को विदेशी करेंसी से एक्सचेंज कराने पर स्रोत कर संग्रह(टीसीएस) देना होगा।  

Foreign Tour will be more expensive by April this provision in Budget 2020-21
Flight - फोटो : Pixabay

टीसीएस के दायरे में आने वाले विदेशी टूर पैकेज के अंतर्गत ट्रैवल का खर्च, होटल में ठहरने का खर्च, बोर्डिंग और लॉजिंग समेत अन्य खर्च भी शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार के टीसीएस वाले इस प्रस्ताव के बाद अब पढाई के लिए विदेश जाने से लेकर विदेश में छुट्टियां मनाना भी महंगा हो जाएगा।

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Foreign Tour will be more expensive by April this provision in Budget 2020-21
foreign education

बताया जा रहा है कि इस प्रावधान के अनुसार, अगर कोई विदेशों में यात्रा करता है, शिक्षा के लिए विदेश जाता है, वहां किसी अन्य तरह का कोई खर्च करता है, किसी को गिफ्ट भेजता है या विदेश में कोई अन्य निवेश करता है तो इस तरह का ट्रांजेक्शन आरबीआई के लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के तहत रेगुलेट होगा। इसके तहत उच्चतम सीमा एक वित्त वर्ष में 2.5 लाख अमेरिकी डॉलर तय की गई है। 70 रुपए के एक्सचेंज रेट के हिसाब से यह रकम करीब 1.75 करोड़ रुपए होती है।

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Foreign Tour will be more expensive by April this provision in Budget 2020-21
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

बजट के अनुसार क्या है नया नियम
दिल्ली के लक्ष्मीनगर निवासी सीए अमित रंजन के मुताबिक आयकर कानून, 1961 की धारा 206सी के तहत अगर कोई अधिकृत डीलर एक वित्त वर्ष में 7 लाख रुपए से अधिक रकम को एलआरएस के जरिए विदेश में फंड भेजता है तो उन्हें 5 फीसदी की दर से टीसीएस देना होगा। साथ ही विदेशी टूर पैकेज के लिए किसी भी राशि पर टीसीएस लगेगा। खबरों के अनुसार, पैन या आधार उपलब्ध नहीं कराने पर 5 की जगह 10 फीसदी की दर से टीसीएस देना होगा।

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