फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बालासन के फायदे: शिशु आसन करने से मिल सकते हैं ये 7 फायदे, जानें सही तरीका

Fri, 16 Oct 2026 09:56 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Fri, 16 Oct 2026 09:56 AM IST
सार

Shishuasana Benefits in Hindi: शिशु आसन के 7 संभावित फायदे, सही अभ्यास विधि और जरूरी सावधानियां जानें। शुरुआती लोगों के लिए चाइल्ड्स पोज करने का आसान तरीका।

विज्ञापन
Child Pose Benefits: How to Practice Shishuasana Yoga Correctly Balasan Ke Fayde
बालासन के फायदे और अभ्यास का सही तरीका - फोटो : Ai

Shishuasana Benefits: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, थकान और घंटों बैठकर काम करने की वजह से शरीर में अकड़न महसूस होना आम बात है। ऐसे में योग की कुछ आसान मुद्राएं शरीर को आराम देने और मन को शांत करने में मदद कर सकती हैं।



शिशु आसन, जिसे अंग्रेजी में चाइल्ड्स पोज (Child's Pose) और योग की कई परंपराओं में बालासन भी कहा जाता है, एक सरल विश्राम मुद्रा है। इस आसन में शरीर को आगे की ओर झुकाकर माथे को जमीन या किसी सहारे पर रखा जाता है। यह मुद्रा खासतौर पर योग अभ्यास के बीच आराम करने और सांसों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए उपयोगी मानी जाती है। नियमित और सही तरीके से अभ्यास करने पर यह पीठ, कूल्हों और जांघों की मांसपेशियों में हल्का खिंचाव देने के साथ तनाव कम महसूस करने में मदद कर सकती है।

हालांकि, हर व्यक्ति की शारीरिक क्षमता अलग होती है, इसलिए आसन करते समय शरीर पर दबाव डालने से बचना चाहिए। आइए जानते हैं शिशु आसन के सात संभावित फायदे, इसे करने का सही तरीका और किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।

Trending Videos
Child Pose Benefits: How to Practice Shishuasana Yoga Correctly Balasan Ke Fayde
बालासन - फोटो : istock

शिशु आसन के 7 फायदे


1. तनाव कम करने में मददगार

 

 

शिशु आसन में आरामदायक स्थिति में रहकर धीमी और गहरी सांसें लेने से मन को शांत करने में मदद मिल सकती है। दिनभर की थकान के बाद यह मुद्रा विश्राम के लिए उपयोगी है।


2. पीठ की अकड़न में राहत

 

 

इस आसन में आगे झुकने से पीठ की मांसपेशियों में हल्का खिंचाव आता है। लंबे समय तक बैठने के कारण होने वाली सामान्य अकड़न में इससे आराम मिल सकता है।

Child Pose Benefits: How to Practice Shishuasana Yoga Correctly Balasan Ke Fayde
Yoga Poses - फोटो : AI

3. कूल्हों और जांघों में लचीलापन

 

 

शिशु आसन कूल्हों, जांघों और टखनों के आसपास हल्का खिंचाव देता है। नियमित अभ्यास से इन हिस्सों की गतिशीलता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।


4. कंधों को आराम

 

 

यदि हाथों को शरीर के आगे फैलाया जाए, तो कंधों और ऊपरी पीठ में हल्का खिंचाव महसूस हो सकता है। असुविधा होने पर हाथों को शरीर के पास भी रखा जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Child Pose Benefits: How to Practice Shishuasana Yoga Correctly Balasan Ke Fayde
yoga poses - फोटो : AI

5. सांसों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद

 

 

इस मुद्रा में शांत होकर सांस लेने से व्यक्ति अपने श्वास-प्रश्वास पर ध्यान दे सकता है। इससे योग अभ्यास के दौरान एकाग्रता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

6. थकान के बाद विश्राम

शिशु आसन को योग सत्र के बीच आराम करने के लिए अपनाया जाता है। कुछ देर आराम से बैठने और सांसों पर ध्यान देने से शरीर को सहज महसूस हो सकता है।

7. शरीर की जागरूकता बढ़ाए

इस आसन के दौरान शरीर की स्थिति और मांसपेशियों में होने वाले खिंचाव पर ध्यान देने से अपने शरीर को बेहतर समझने में मदद मिल सकती है।

विज्ञापन
Child Pose Benefits: How to Practice Shishuasana Yoga Correctly Balasan Ke Fayde
बालासन - फोटो : AI

शिशु आसन करने का सही तरीका

 

सबसे पहले योग मैट पर घुटनों के बल बैठें और कूल्हों को धीरे-धीरे एड़ियों की ओर ले जाएं। इसके बाद सांस छोड़ते हुए धड़ को आगे झुकाएं और माथे को मैट या मुलायम सहारे पर रखें। हाथों को सामने फैलाएं या शरीर के दोनों ओर आराम से रखें। कंधों और गर्दन को ढीला रखें और सामान्य गति से सांस लेते रहें। शुरुआत में 20 से 30 सेकंड रुकें और सहज महसूस होने पर धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। फिर हाथों का सहारा लेकर धीरे-धीरे वापस बैठ जाएं।


बालासन करते समय रखें ये सावधानियां

घुटनों, टखनों या पीठ में गंभीर चोट होने पर विशेषज्ञ की सलाह के बिना यह आसन न करें। गर्भावस्था में इसे करने से पहले डॉक्टर या प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ से सलाह लें। घुटनों के नीचे या माथे के नीचे तकिया रखकर सहारा लिया जा सकता है। किसी भी तरह का दर्द, चक्कर या असहजता महसूस होने पर तुरंत आसन से बाहर आ जाएं।

शिशु आसन सरल जरूर है, लेकिन इसे अपनी क्षमता के अनुसार करना जरूरी है। नियमित योग, संतुलित दिनचर्या और सही तकनीक के साथ यह आपकी विश्राम संबंधी दिनचर्या का उपयोगी हिस्सा बन सकता है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed