बेली फैट या पेट के आसपास की चर्बी न सिर्फ आपके लुक को खराब कर देती है, साथ ही इसे सेहत के लिए भी काफी नुकसानदायक माना जाता है। अक्सर पेट की चर्बी को कम करने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं। डाइटिंग से लेकर जिमिंग तक, हालांकि बेली फैट को कम करना शायद इतना भी आसान नहीं है। अगर आप भी बेली फैट की समस्या से परेशान हैं और तमाम तरह के उपाय करके हार चुके हैं, तो योगासन आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है।
आज का योग: बेली फैट को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं, इन योगासनों से दूर होगी समस्या
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भुजंगासन योग का अभ्यास
पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने के साथ पीठ के निचले हिस्से को आराम देने में भुजंगासन योग या कोबरा पोज के अभ्यास को विशेष लाभदायक माना जाता है। भुजंगासन का नियमित रूप से अभ्यास करने से पेट के आसपास की चर्बी को आसानी से कम करने में मदद मिल सकती है। रीढ़ की हड्डी की समस्याओं से परेशान लोगों के लिए भी इस योग के अभ्यास को फायदेमंद माना जाता है।
प्लैंक पोज का अभ्यास
पेट की चर्बी को कम करने के लिए प्लैंक पोज को सबसे कारगर योगाभ्यासों में से एक माना जाता है। योग विशेषज्ञों के मुताबिक जितनी देर प्लैंक पोज का अभ्यास किया जाए यह कैलोरी बर्न करके पेट को टोन करने में उतना ही लाभदायक हो सकता है। प्लैंक पोज का नियमित रूप से अभ्यास करना कोर स्ट्रेंथ बनाने, शरीर के लचीलेपन और मेटाबॉलिज्म में सुधार करने में लाभदायक माना जाता है।
नौकासन योग का अभ्यास
पेट की मांसपेशियों पर शानदार ढंग से काम करने और आपके कोर को मजबूत करने में इस योग का नियमित रूप से अभ्यास करना भी आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। पेट की चर्बी को कम करने के अलावा पेट को कम करने और जांघों के लिए भी नौकासन योग का अभ्यास करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इस योग का नियमित रूप से अभ्यास किया जा सकता है।
------------------
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।