Brest Size Kam Karne Wale Yogasan: कई महिलाएं बड़े ब्रेस्ट साइज की वजह से पीठ दर्द, कंधों में तनाव, गर्दन में दर्द, सही कपड़े चुनने में परेशानी और आत्मविश्वास में कमी जैसी समस्याओं का सामना करती हैं। ऐसे में इंटरनेट पर अक्सर ब्रेस्ट साइज कम करने वाले योगासन की तलाश की जाती है। लेकिन सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि शरीर के किसी एक हिस्से की चर्बी को केवल एक्सरसाइज या योग से अलग से कम नहीं किया जा सकता। ब्रेस्ट का बड़ा हिस्सा फैटी टिश्यू से बना होता है, इसलिए जब पूरे शरीर का वजन कम होता है, तब कुछ लोगों में ब्रेस्ट का आकार भी कम हो सकता है।
Breast Size Reduce Yoga: ब्रेस्ट साइज कम करने के लिए रोज करें ये 7 योगासन, कुछ ही हफ्तों में दिखेगा फर्क
Breast Size Kaise Kam Karen: क्या योग से ब्रेस्ट साइज कम किया जा सकता है?
योग सीधे तौर पर केवल ब्रेस्ट का आकार कम नहीं करता। हालांकि नियमित योग, संतुलित आहार और कैलोरी की कमी के साथ वजन कम होने पर कुछ लोगों में ब्रेस्ट का आकार भी कम हो सकता है। साथ ही योग छाती की मांसपेशियों को मजबूत बनाकर बेहतर पोस्चर और शरीर को अधिक टोन दिखाने में मदद करता है।
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ब्रेस्ट साइज कम करने वाले 7 असरदार योगासन
भुजंगासन
- कोबरा पोज के अभ्यास से छाती और कंधों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
- यह आसन रीढ़ की हड्डी लचीली बनाता है।
- इससे पोस्चर बेहतर होता है।
- ऊपरी शरीर टोन दिख सकता है।
भुजंगासन करने का तरीका
स्टेप 1- पेट के बल लेट जाएं।
स्टेप 2- दोनों हथेलियां कंधों के पास रखें।
स्टेप 3- सांस लेते हुए शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाएं।
स्टेप 4- 20–30 सेकंड तक रुकें।
स्टेप 5- धीरे-धीरे वापस आएं।
सूर्य नमस्कार
सूर्य नमस्कार से पूरे शरीर की एक्सरसाइज होती है।
इससे कैलोरी बर्न करने में मदद मिलती है।
12 आसनों का ये सेट वजन कम करने में सहायक है।
साथ ही मेटाबॉलिज्म को भी बेहतर बनाता है।
कैसे करें
स्टेप 1- रोज 8-12 राउंड करें।
स्टेप 2- शुरुआत धीरे करें।
स्टेप 3- सांसों का सही तालमेल रखें।
धनुरासन
- इस आसन के नियमित अभ्यास से छाती खुलती है।
- पीठ मजबूत होती है।
- पेट और कमर की चर्बी कम करने वाली दिनचर्या में उपयोगी।
- शरीर में लचीलापन बढ़ता है।
कैसे करें?
स्टेप 1- पेट के बल लेटें।
स्टेप 2- पैरों को मोड़कर टखनों को पकड़ें।
स्टेप 3- छाती और पैरों को ऊपर उठाएं।
स्टेप 4- 20 सेकंड तक रुकें।
उष्ट्रासन
- उष्ट्रासन से छाती की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं।
- कंधों का तनाव कम होता है।
- पोस्चर सुधरता है।
- पीठ मजबूत होती है।
कैसे करें अभ्यास?
स्टेप 1-घुटनों के बल बैठें।
स्टेप 2- पीछे झुककर एड़ियों को पकड़ें।
स्टेप 3- 20 सेकंड तक रुकें।