{"_id":"6a4cf9ec738c114d9c03541c","slug":"mp-health-department-s-feat-despite-controversies-dr-parashar-to-technical-cgmt-responsibility-questions-2026-07-07","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"MP स्वास्थ्य विभाग का कारनामा: विवादों के बावजूद डॉ. पराशर को तकनीकी CGMT की जिम्मेदारी, नियुक्ति पर उठे सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP स्वास्थ्य विभाग का कारनामा: विवादों के बावजूद डॉ. पराशर को तकनीकी CGMT की जिम्मेदारी, नियुक्ति पर उठे सवाल
Tue, 07 Jul 2026 06:37 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Tue, 07 Jul 2026 06:37 PM IST
सार
मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन में तकनीकी सीजीएमटी के पद पर डॉ. पंकज पराशर की दोबारा नियुक्ति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। निजी कंपनी से कथित जुड़ाव, खरीद प्रक्रिया से जुड़े मामले में ईआडब्ल्यू में जांच और नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन
सीजीएमटी के पद पर डॉ. पंकज पराशर दोबारा नियुक्ति की
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन (एमपीपीएचएससीएल) में तकनीकी मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएमटी) के पद पर डॉ. पंकज पराशर की दोबारा नियुक्ति ने प्रशासनिक और स्वास्थ्य महकमे में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। डॉ. पराशर का नाम पहले भी निजी कंपनी से कथित जुड़ाव और खरीद प्रक्रिया से जुड़े विवादों में सामने आ चुका है। इसके बावजूद उन्हें फिर से महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपे जाने को लेकर चर्चा तेज हो गई है। करीब दो वर्ष पहले एक टीवी कार्यक्रम में डॉ. पराशर ने स्वयं को इंदौर की एक निजी मेडिकल डिवाइस कंपनी का संस्थापक (फाउंडर) बताया था। इसके बाद शिकायत की गई थी कि सरकारी सेवा में रहते हुए किसी निजी कंपनी से जुड़ाव सेवा नियमों के विपरीत हो सकता है। हालांकि, इस शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई, यह सार्वजनिक नहीं किया गया।
डॉ. पंकज पराशर को मिला सर्टिफिकेट
- फोटो : अमर उजाला
नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल
नई नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। नियुक्ति आदेश चिकित्सा शिक्षा विभाग की संचालक द्वारा जारी किया गया है। चर्चा इस बात की है कि आदेश में मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक (एमडी) को प्रति तक नहीं भेजी गई। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जिस संस्था में अधिकारी की पदस्थापना की जा रही है, क्या उसकी सहमति या अनुशंसा ली गई थी? साथ ही यह भी चर्चा का विषय है कि यदि अधिकारी की प्रतिनियुक्ति चिकित्सा शिक्षा विभाग से हेल्थ कॉर्पोरेशन में की गई है, तो क्या इसके लिए सक्षम प्राधिकारी से आवश्यक अनुमोदन लिया गया था और पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप अपनाई गई या नहीं।
ये भी पढ़ें- Twisha Sharma Case: गिरिबाला-समर्थ के वॉयस सैंपल और लैपटॉप पासवर्ड लेने की अनुमति, CBI की जांच तेजी से बढ़ेगी
यह पद क्यों महत्वपूर्ण है?
एमपीपीएचएससीएल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों के लिए दवाइयों, मेडिकल उपकरण, मशीनों और अन्य स्वास्थ्य सामग्री की केंद्रीय खरीद एजेंसी हैं। इसमें तकनीकी सीजीएमटी का सीधा संबंध करोड़ों रुपए की खरीद, टेंडर, तकनीकी स्वीकृति और उपकरणों की गुणवत्ता से होता है। इसलिए इस पद पर बैठा अधिकारी कॉर्पोरेशन की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा होता है। तकनीकी सीजीएमटी के काम में टेंडर की तकनीकी शर्तें तैयार करना और उनकी जांच करना, तकनीकी समिति में अहम भूमिका, मेडिकल उपकरणों की गुणवत्ता, मानकों और तकनीकी परीक्षण से जुड़े निर्णय लेना, गुणवत्ता नियंत्रण और खरीद प्रक्रिया के लिए तकनीकी सहला देना साथ ही मेडिकल उपकरणों की गुणवत्ता, मानकों और तनीकी परीक्षण से जुड़े निर्णय लेना होता है। अब इस पद पर यदि किसी की नियुक्ति विवादों के बीच होती है तो तकनीकी निर्णयों की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ सकते हैं।
ये भी पढ़ें- Twisha Sharma Case: गिरिबाला-समर्थ के वॉयस सैंपल और लैपटॉप पासवर्ड लेने की अनुमति, CBI की जांच तेजी से बढ़ेगी
आयुक्त, एससीएस और डॉ. पंकज पराशर ने साधी चुप्पी
इस मामले को लेकर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त धनराजु एस, अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल और सीजीएमटी बनाएं गए डाॅ. पंकज पराशर से बात करने का प्रयास किया। उनको संबंधित मामले में प्रश्न भी भेजी, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
ये भी पढ़ें- Congress: दिग्विजय की पटवारी से दूरी और उमंग से नजदीकी से कांग्रेस में नए समीकरण? सवालों में पार्टी की एकजुटता
कॉर्पाेरेशन के एमडी से बात करें
वहीं, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अरुणा कुमार से उनके द्वारा कॉर्पाेरेशन में नियुक्ति का आदेश जारी करने को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि नियुक्ति शासन से हुई। उनके द्वारा आदेश जारी किया गया है। मंत्री का अनुमोदन लेने की प्रक्रिया को लेकर आप मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन के एमडी से बात कर लीजिए।
ये भी पढ़ें- एआई पोस्ट पर कांग्रेस का आरोप: बोले- जीतू पटवारी की छवि धूमिल करने की साजिश, साइबर क्राइम कार्यालय में शिकायत
मुझे जानकारी नहीं : एमडी
मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन के एमडी मयंक अग्रवाल ने कहा कि यदि कोई शिकायत है तो उसकी जांच आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं ही करेंगे। जहां तक अनुमोदन का सवाल है तो वह लिया गया होगा। उसकी मुझे जानकारी नहीं हैं।
नई नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। नियुक्ति आदेश चिकित्सा शिक्षा विभाग की संचालक द्वारा जारी किया गया है। चर्चा इस बात की है कि आदेश में मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक (एमडी) को प्रति तक नहीं भेजी गई। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जिस संस्था में अधिकारी की पदस्थापना की जा रही है, क्या उसकी सहमति या अनुशंसा ली गई थी? साथ ही यह भी चर्चा का विषय है कि यदि अधिकारी की प्रतिनियुक्ति चिकित्सा शिक्षा विभाग से हेल्थ कॉर्पोरेशन में की गई है, तो क्या इसके लिए सक्षम प्राधिकारी से आवश्यक अनुमोदन लिया गया था और पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप अपनाई गई या नहीं।
ये भी पढ़ें- Twisha Sharma Case: गिरिबाला-समर्थ के वॉयस सैंपल और लैपटॉप पासवर्ड लेने की अनुमति, CBI की जांच तेजी से बढ़ेगी
यह पद क्यों महत्वपूर्ण है?
एमपीपीएचएससीएल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों के लिए दवाइयों, मेडिकल उपकरण, मशीनों और अन्य स्वास्थ्य सामग्री की केंद्रीय खरीद एजेंसी हैं। इसमें तकनीकी सीजीएमटी का सीधा संबंध करोड़ों रुपए की खरीद, टेंडर, तकनीकी स्वीकृति और उपकरणों की गुणवत्ता से होता है। इसलिए इस पद पर बैठा अधिकारी कॉर्पोरेशन की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा होता है। तकनीकी सीजीएमटी के काम में टेंडर की तकनीकी शर्तें तैयार करना और उनकी जांच करना, तकनीकी समिति में अहम भूमिका, मेडिकल उपकरणों की गुणवत्ता, मानकों और तकनीकी परीक्षण से जुड़े निर्णय लेना, गुणवत्ता नियंत्रण और खरीद प्रक्रिया के लिए तकनीकी सहला देना साथ ही मेडिकल उपकरणों की गुणवत्ता, मानकों और तनीकी परीक्षण से जुड़े निर्णय लेना होता है। अब इस पद पर यदि किसी की नियुक्ति विवादों के बीच होती है तो तकनीकी निर्णयों की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ सकते हैं।
ये भी पढ़ें- Twisha Sharma Case: गिरिबाला-समर्थ के वॉयस सैंपल और लैपटॉप पासवर्ड लेने की अनुमति, CBI की जांच तेजी से बढ़ेगी
आयुक्त, एससीएस और डॉ. पंकज पराशर ने साधी चुप्पी
इस मामले को लेकर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त धनराजु एस, अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल और सीजीएमटी बनाएं गए डाॅ. पंकज पराशर से बात करने का प्रयास किया। उनको संबंधित मामले में प्रश्न भी भेजी, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
ये भी पढ़ें- Congress: दिग्विजय की पटवारी से दूरी और उमंग से नजदीकी से कांग्रेस में नए समीकरण? सवालों में पार्टी की एकजुटता
कॉर्पाेरेशन के एमडी से बात करें
वहीं, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अरुणा कुमार से उनके द्वारा कॉर्पाेरेशन में नियुक्ति का आदेश जारी करने को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि नियुक्ति शासन से हुई। उनके द्वारा आदेश जारी किया गया है। मंत्री का अनुमोदन लेने की प्रक्रिया को लेकर आप मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन के एमडी से बात कर लीजिए।
ये भी पढ़ें- एआई पोस्ट पर कांग्रेस का आरोप: बोले- जीतू पटवारी की छवि धूमिल करने की साजिश, साइबर क्राइम कार्यालय में शिकायत
मुझे जानकारी नहीं : एमडी
मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन के एमडी मयंक अग्रवाल ने कहा कि यदि कोई शिकायत है तो उसकी जांच आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं ही करेंगे। जहां तक अनुमोदन का सवाल है तो वह लिया गया होगा। उसकी मुझे जानकारी नहीं हैं।
