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Diwali 2024: देश में सबसे पहले दिवाली मनाएंगे महाकाल, बाबा का उबटन से होगा स्नान, जानें और क्या रहेगा खास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 30 Oct 2024 08:43 PM IST
सार
Mahakal Diwali: गुरुवार सुबह-सुबह 4 बजे बाबा महाकाल को पुजारी परिवार की महिलाएं रूप चतुर्दशी पर्व के चलते उबटन लगाएंगी वहीं बाबा का आकर्षक श्रूंगार किया जाएगा। नए वस्त्र-आभूषण धारण करवाए जाएंगे।
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महाकाल के आंगन में सबसे पहले दिवाली मनाई जाएगी।
- फोटो : अमर उजाला
देश में सबसे पहले दिवाली महाकाल के आंगन में मनेगी। गुरुवार को रूपचतुर्दशी और दीपावली पर्व महाकाल मंदिर में एक साथ मनाया जाएगा। गुरुवार सुबह-सुबह 4 बजे बाबा महाकाल को पुजारी परिवार की महिलाएं रूप चतुर्दशी पर्व के चलते उबटन लगाएंगी वहीं बाबा का आकर्षक श्रूंगार किया जाएगा। नए वस्त्र-आभूषण धारण करवाए जाएंगे। इसके बाद कपूर आरती होगी और बाबा को दीपावली पर्व का अन्नकूट भोग लगाया जाएगा।
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दीपावली पर सजा महाकाल का आंगन, विद्युत जगमगाहट ने मन मोहा।
- फोटो : अमर उजाला
फूलझड़ी जलाकर मनाएंगे दिवाली
महाकाल मंदिर के पुजारी पंडित महेश गुरु ने बताया कि केसर-चंदन के उबटन राजाधिराज को लगाया जाएगा और फिर गर्म पानी से स्नान होगा। इसके साथ ही अन्नकूट लगाकर फूलझड़ी से आरती होगी। शाम के समय शुभ लाभ मुहूर्त में श्रद्धालुओं द्वारा घरों में माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की प्रार्थना की जाएगी। महाकाल मंदिर में ग्वालियर पंचांग के अनुसार पर्व मनाए जाते हैं।
महाकाल मंदिर के पुजारी पंडित महेश गुरु ने बताया कि केसर-चंदन के उबटन राजाधिराज को लगाया जाएगा और फिर गर्म पानी से स्नान होगा। इसके साथ ही अन्नकूट लगाकर फूलझड़ी से आरती होगी। शाम के समय शुभ लाभ मुहूर्त में श्रद्धालुओं द्वारा घरों में माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की प्रार्थना की जाएगी। महाकाल मंदिर में ग्वालियर पंचांग के अनुसार पर्व मनाए जाते हैं।
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दीपावली पर सजा महाकाल का आंगन, विद्युत जगमगाहट ने मन मोहा।
- फोटो : अमर उजाला
महाकाल का होगा विशेष शृंगार
देश में सबसे पहले 31 अक्टूबर को महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में दिवाली मनाई जाएगी। इस दिन पंडे, पुजारी परिवार की महिलाएं महाकाल को उबटन लगाएंगी। गर्भगृह में अन्नकूट का भोग लगाया जाएगा। शाम को कोटितीर्थ कुंड में दीप मालिकाएं सजाई जाएंगी। इस दिन महाकाल का अद्भुत शृंगार होता है।
देश में सबसे पहले 31 अक्टूबर को महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में दिवाली मनाई जाएगी। इस दिन पंडे, पुजारी परिवार की महिलाएं महाकाल को उबटन लगाएंगी। गर्भगृह में अन्नकूट का भोग लगाया जाएगा। शाम को कोटितीर्थ कुंड में दीप मालिकाएं सजाई जाएंगी। इस दिन महाकाल का अद्भुत शृंगार होता है।
दीपावली पर सजा महाकाल का आंगन, विद्युत जगमगाहट ने मन मोहा।
- फोटो : अमर उजाला
दीपोत्सव पर जगमग है महाकाल का आंगन
दीपोत्सव के अवसर पर महाकाल का आंगन जगमग है तो वहीं दूसरी ओर दीपावली का उत्साह भी शहर के नागरिकों में दिखाई दे रहा है। महाकाल मंदिर में रंग बिरंगी लाइट रोशनी को आच्छादित कर रही है तो वहीं घरों पर भी लोगों ने रोशनी की है। शाम होते ही घरों के आंगन रोशनी से दमक उठते है।
दीपोत्सव के अवसर पर महाकाल का आंगन जगमग है तो वहीं दूसरी ओर दीपावली का उत्साह भी शहर के नागरिकों में दिखाई दे रहा है। महाकाल मंदिर में रंग बिरंगी लाइट रोशनी को आच्छादित कर रही है तो वहीं घरों पर भी लोगों ने रोशनी की है। शाम होते ही घरों के आंगन रोशनी से दमक उठते है।
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दीपावली पर सजा महाकाल का आंगन, विद्युत जगमगाहट ने मन मोहा।
- फोटो : अमर उजाला
गर्भगृह में जलेगी एक फूलझड़ी
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में होली पर गर्भगृह में लगी आग के बाद अब महाकालेश्वर प्रबंध समिति बाबा महाकाल के दरबार मे मनाए जाने वाले पर्व को लेकर कुछ गंभीर नजर आ रही है। यही कारण है कि इस वर्ष श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति ने यह निर्णय लिया है कि 31 अक्टूबर को बाबा महाकाल के दरबार में मनाए जाने वाले दीपावली पर्व पर सिर्फ एक फुलझड़ी जलाकर यह पर्व मनाया जाएगा। साथ ही मंदिर परिसर में आतिशबाजी पर भी रोक रहेगी।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में होली पर गर्भगृह में लगी आग के बाद अब महाकालेश्वर प्रबंध समिति बाबा महाकाल के दरबार मे मनाए जाने वाले पर्व को लेकर कुछ गंभीर नजर आ रही है। यही कारण है कि इस वर्ष श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति ने यह निर्णय लिया है कि 31 अक्टूबर को बाबा महाकाल के दरबार में मनाए जाने वाले दीपावली पर्व पर सिर्फ एक फुलझड़ी जलाकर यह पर्व मनाया जाएगा। साथ ही मंदिर परिसर में आतिशबाजी पर भी रोक रहेगी।

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