मथुरा और वृंदावन में देवशयनी एकादशी के अवसर पर मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम हुए। मंगलवार सुबह श्रद्धालुओं ने यमुना स्नान किया और अपने आराध्य के दर्शन कर मनौती मांगी। पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के द्वारिकाधीश मंदिर और प्राचीन केशवदेव मंदिर में भव्य फूल बंगले सजाए गए। फूल बंगले में विराजे अपने आराध्य के दर्शन पाकर भक्त अभिभूत हो गए। उधर, वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में ठाकुरजी के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। ठाकुरजी के दर्शन के बाद कान्हा के भक्तों ने वृंदावन की परिक्रमा की। देवशयनी एकादशी पर गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर सूना रहा। राजकीय मुड़िया पूर्णिमा मेला निरस्त होने के कारण यहां श्रद्धालु नहीं पहुंचे। परिक्रमा मार्ग के मंदिरों के पट बंद रहे। मंदिरों के पुजारियों ने अंदर ही ठाकुर जी की सेवा पूजा की।
देवशयनी एकादशी: ब्रज के मंदिरों में सजे भव्य फूल बंगले, आराध्य के दर्शन कर भक्त हुए निहाल
द्वारिकाधीश मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि दिल्ली और कोलकाता से विभिन्न प्रकार के फूलों को मंगाया गया। इन फूलों के द्वारा मंदिर को भव्य सजाया गया। मंदिर प्रांगण को रंग बिरंगी विद्युत रोशनी से सजाया गया। सायंकाल 6 से 7:30 तक राजाधिराज ने भव्य फूल बंगले में विराजकर भक्तों को दर्शन दिए। भक्त भी अपने आराध्य के दर्शन पाकर निहाल हो गए। मंदिर प्रांगण राजाधिराज के जयकारों से गुंजायमान हो गया। भक्तों ने राजाधिराज के दर्शन कर मनोकामना पूर्ण होने की मनौती मांगी।
श्री दीर्घ विष्णु मंदिर में किया पंचामृत अभिषेक
घीया मंडी स्थित प्राचीन आदिश्री दीर्घ विष्णु मंदिर में मंदिर के महंत कांतानाथ चतुर्वेदी के निर्देशन में धार्मिक आयोजन हुए। सुबह ठाकुरजी के विग्रह का पंचामृत अभिषेक मंदिर के सेवायत बालकृष्ण चतुर्वेदी व लालकृष्ण चतुर्वेदी ने किया गया। प्राचीन ठाकुर केशवदेव मंदिर में भी धार्मिक आयोजन हुए। मंत्र उच्चारण के बीच ठाकुरजी के श्री विग्रह का गुलाब जल, सुगंधित चमेली इत्र से अभिषेक किया गया। मंदिर में रायवेल व चमेली के सुगंधित फूलों से बंगला सजाया।
वृंदावन में बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ी। ठाकुरजी के दर्शन कर देवशयनी एकादशी पर भक्तों ने परिक्रमा की। सुबह से ही मंदिरों के दर्शन के साथ ही परिक्रमा का दौर शुरू हो गया। मौसम में ठंडक होने के कारण दिन भर श्रद्धालु परिक्रमा करते नजर आए। देश और विदेशी भक्त टोलियों में हरिनाम संकीर्तन करते हुए निकले।
गोवर्धन में मुड़िया पूर्णिमा मेला निरस्त होने के कारण देवशयनी एकादशी पर गिरिराज परिक्रमा मार्ग और तीर्थ स्थलों पर सन्नाटा पसरा रहा। परिक्रमा मार्ग में पड़ने वाले मंदिरों के पट बंद रहे। मंदिरों के पुजारियों ने अंदर ही ठाकुर जी की सेवा पूजा की। परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं का आवागमन पूर्ण तरीके से रोक दिया गया। स्थानीय लोगों को लोकल आईडी दिखाने के बाद ही परिक्रमा मार्ग में प्रवेश दिया जा रहा है।
