शनि धाम कोकिलावन की रोचक तस्वीरें देखिए
शनि महाराज भगवान श्री कृष्ण के भक्त माने जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि कृष्ण के दर्शनों के लिए शनि महाराज ने कठोर तपस्या की। शनि की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान श्री कृष्ण ने कोयल के रुप में शनि महाराज को दर्शन दिया। यह स्थान आज कोकिला वन के नाम से जाना जाता है। कहते हैं जो यहां आकर शनि महाराज के दर्शन करते हैं उन्हें शनि की दशा, साढ़ेसाती और ढैय्या में शनि नहीं सताते।
शनि धाम कोकिलावन की रोचक तस्वीरें देखिए
कोकिला वन शनि धाम पहुंचते ही आपको सबसे पहले हनुमान जी का यह मंदिर मिलेगा। कहते हैं हनुमान जी की पूजा करने वाले को शनि महाराज दंड नहीं देते। इसलिए आप भी पहले हनुमान जी के दर्शन कीजिए फिर चालिए चार किलोमीटर के परिक्रमा पथ पर। यहां मार्ग में आपको कई अनोखे दृश्य देखने को मिलेंगे।
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इनकी श्रद्घा देखिए स्त्री पुरुष दोनों ही जमीन पर लेकर दंड प्रणाम करके शनि महाराज से क्षमा याचना कर रहे हैं। यहां आने वाला हर श्रद्घालु कम से कम एक बार दंड प्रणाम जरुर करता है। वैसे कई ऐसे श्रद्घालु मिल जाएंगे जो पूरी परिक्रमा दंड प्रणाम करते हुए पूरा करते हैं।
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इस भिखारी को देखिए कैसे सिक्कों को गिनकर उनका ढेर बना रहा है। इनसे आप दस रुपये का नोट देकर खुल्ले पैसे ले सकते हैं। आप दस रुपये देंगे तो बदले में आपको 8 रुपये के सिक्के मिलेंगे। भिखारियों को दान देने से शनि का प्रकोप शांत होता है इसलिए लोग यहां खूब भिक्षा देते हैं। इसलिए परिक्रमा पथ पर आपको लगभग हर कदम पर रास्ते के दोनों तरफ तरह तरह के अंदाज में भीख मांगने वाले दिखेंगे।
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कहते हैं काले घोड़े की नाल की अंगूठी धारण से शनि दोष दूर होता है। इसलिए काले घोड़े को साथ लेकर अंगूठी बेचने की दूकान चला रहे हैं। शनि दोष के प्रभाव से बचने के लिए लोग बड़े ही विश्वास के साथ इनसे अंगूठी खरीदते हैं। परिक्रमा पथ पर आपको ऐसे कई अंगूठी बेचने वाले मिल जाएंगे। इसलिए आगे चलिए और भी बहुत कुछ है देखने के लिए।