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हार के साथ-साथ धोनी को पहली बार लगा ऐसा झटका

Thu, 21 Jan 2016 02:26 PM IST
Updated Thu, 21 Jan 2016 02:26 PM IST
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हार के साथ-साथ धोनी को पहली बार लगा ऐसा झटका

MS Dhoni first double duck in ODI by Same Bowler
कैनबरा वनडे में ऑस्ट्रेलिया के हाथों टीम इंडिया 2 शतक के बावजूद हार गई, लेकिन हार से पहले ही भारतीय कप्तान धोनी को करियर में पहली बार ऐसा जोरदार झटका लगा जो कभी भी उनके साथ नहीं हुआ था।

हार के साथ-साथ धोनी को पहली बार लगा ऐसा झटका

MS Dhoni first double duck in ODI by Same Bowler
कप्तान धोनी को यह झटका उस समय लगा जब वह शिखर धवन के आउट होने और अजिंक्य रहाणे के चोटिल हो जाने से चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए और आते ही 0 पर आउट हो गए। वह अपनी पारी की तीसरी गेंद पर खाता खोले बगैर ही 0 पर पवेलियन लौट गए। उनके साथ 0 पर आउट होने की घटना बहुत ही कम हुई है ऐसे में जब वह खाता नहीं खोल पाए तो सभी को आश्चर्य भी हुआ।

हार के साथ-साथ धोनी को पहली बार लगा ऐसा झटका

MS Dhoni first double duck in ODI by Same Bowler
धोनी अपने 274 मैचों के वनडे करियर में 8 बार 0 पर आउट हुए हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि कोई गेंदबाज उन्हें 2 बार खाता खोलने से रोकने में सफल हुआ। गेंदबाज जॉन हेस्टिंग्स ने कैनबरा वनडे में धोनी को खाता खोलने का मौका नहीं दिया। वह 5 साल पहले भी 2010 में विजग में हुए मैच में धोनी को 9 पर आउट कर चुके थे।
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हार के साथ-साथ धोनी को पहली बार लगा ऐसा झटका

MS Dhoni first double duck in ODI by Same Bowler
जॉन हेस्टिंग्स ऐसे गेंदबाज हैं जिन्होंने धोनी को वनडे में 2 बार 0 पर आउट किया है। वह अपने करियर के पहले मैच में भी 0 पर ही आउट हुए थे। साथ ही एक जानकारी और, वह 3 टीमों (बांग्लादेश, श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया) के खिलाफ 2-2 बार खाता नहीं खोल सके हैं। जबकि दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के खिलाफ एक बार 0 पर आउट हुए हैं।
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हार के साथ-साथ धोनी को पहली बार लगा ऐसा झटका

MS Dhoni first double duck in ODI by Same Bowler
महेंद्र सिंह धोनी ने कैनबरा वनडे में हार के बाद कहा था, "मैं नाराज नहीं हूं, मैं निराश हूं। यह एक ऐसा मैच था, जिसमें हमें अच्छी बल्लेबाजी करनी चाहिए। मैं हार की ‌जिम्मेदारी लेता हूं। मुझे पारी को आगे बढ़ाना चाहिए था लेकिन मैं आउट हो गया। युवाओं पर कुछ दबाव था। अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट दबाव का खेल है। आपको सही शॉट के बारे में सोचना होता है। पिछले पांच सालों से हमारे पास स्पिनरों के अलावा कोई गेंदबाजी आक्रमण तय नहीं है। इस वजह से कुछ अधिक रन दे दिए जाते हैं। यही हमारी कमजारी है, जिसके बारे में हमें सोचना होगा।"
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