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खुलासा : बुलेटप्रूफ नहीं थी मुख्तार अंसारी की यूपी नंबर वाली एंबुलेंस, जांच में सामने आई बात
Sat, 03 Apr 2021 03:16 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 03 Apr 2021 03:16 PM IST
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मुख्तार अंसारी की एंबुलेंस
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को मोहाली कोर्ट में पेशी के दौरान जिस एंबुलेंस में लाया गया था, उस को लेकर रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। कल तक दावा किया जा रहा है कि यह एंबुलेंस बुलेट प्रूफ है। वहीं अब पंजाब पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह एंबुलेंस बुलेटप्रूफ नहीं थी। यह साधारण एंबुलेंस है। पंजाब पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने यह जानकारी दी। कुछ समय पहले इसी एंबुलेंस को लेकर यूपी के पूर्व डीजीपी बृजलाल ने बड़े खुलासे किए थे। उन्होंने कहा था कि एंबुलेंस बुलेटप्रूफ और चलता फिरता किला है। उन्होंने यहां तक आरोप लगाया था कि इसमें सैटेलाइट व फोन से लेकर अंसारी के गुर्गे तक रहते हैं। अब यह सारी बात गलत साबित हो गई है। इससे पहले पंजाब पुलिस यह भी साफ कर चुकी हैं कि कानून के तहत ही आरोपी मुख्तार अंसारी को एंबुलेंस की अनुमति दी गई है। पंजाब पुलिस का कहना है कि मुख्तार को निजी एंबुलेंस से कोर्ट में पेशी के लिए 1952 के पंजाब प्रिजन (अटेंडेंस इन कोर्ट) एक्ट के तहत अनुमति दी है। यदि कोई कैदी बीमार होने पर अपने खर्चे पर एंबुलेंस से पेशी के लिए जाना चाहता है तो उसे इस एक्ट के तहत स्वीकृति प्रदान की जाती है।
मुख्तार अंसारी
- फोटो : फाइल फोटो
अंसारी के वायस सैंपल मिले, सात सला की सजा तय
जानकारी के मुताबिक मुख्तार अंसारी ने दो साल पहले मोहाली के सेक्टर-70 स्थित एक नामी रियल एस्टेट कारोबारी को फोन पर दस करोड़ की फिरौती मांगी थी। यह कॉल 27 सेकेंड की थी। उस समय कारोबारी ने इस कॉल को रिकॉर्ड कर लिया था।
जानकारी के मुताबिक मुख्तार अंसारी ने दो साल पहले मोहाली के सेक्टर-70 स्थित एक नामी रियल एस्टेट कारोबारी को फोन पर दस करोड़ की फिरौती मांगी थी। यह कॉल 27 सेकेंड की थी। उस समय कारोबारी ने इस कॉल को रिकॉर्ड कर लिया था।
मुख्तार अंसारी को मोहाली कोर्ट में पेश किया गया।
- फोटो : फाइल फोटो
मोहाली के मटौर थाने में इस संबंध में केस दर्ज हुआ था। इसके बाद पुलिस अंसारी को लेकर आई थी। करीब चार दिन अंसारी मोहाली की जेल में रहा था। इस दौरान उसके वायस सैंपल लिए गए थे। इससे अंसारी के वायस सैंपल मेल खा गए हैं। इसके बाद पुलिस ने इस संबंध में दस मार्च को चालान पेश किया था। साथ ही 31 मार्च को चालान की कॉपी मुख्तार अंसारी को सौंपी गई थी।
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मुख्तार अंसारी
- फोटो : फाइल फोटो
मोहाली अदालत में आरोपी पर फिरौती मांगने, सबूत मिटाने और जान से मारने की धमकियां देने के तहत चार्जशीट फाइल की गई है। अगर सारी धाराओं में आरोपी दोषी पाए जाते है तो उन्हें सात साल तक सजा हो सकती है।
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मुख्तार अंसारी की एंबुलेंस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जिस एंबुलेंस को बुलेट प्रूफ बताया जा रहा था, वह उत्तर प्रदेश में भी अंसारी की जेल के बाहर खड़ी रहती थी। अब यह एंबुलेंस रोपड़ तक पहुंच चुकी है। अब उत्तर प्रदेश पुलिस इस मामले में यह भी जांच कर रही है कि जिस एंबुलेंस का चार साल से इंश्योरेंस व छह साल से फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं है, वह पंजाब तक कैसे पहुंची। रास्ते में इसकी कहीं चेकिंग हुई या नहीं।