{"_id":"631d8886b68cc15b035921d9","slug":"model-of-alwar-government-schools-became-inspirational-school-buildings-made-attractive","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Rajasthan: अलवर के सरकारी स्कूलों का मॉडल देखकर रह जाएंगे दंग, अब बच्चे रोज क्लास आने की करते हैं जिद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan: अलवर के सरकारी स्कूलों का मॉडल देखकर रह जाएंगे दंग, अब बच्चे रोज क्लास आने की करते हैं जिद
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
Published by: रोमा रागिनी
Updated Sun, 11 Sep 2022 12:58 PM IST
सार
Rajasthan: अलवर के सरकारी स्कूलों का मॉडल देखकर रह जाएंगे दंग, अब बच्चे क्लास आने की करते हैं जिद
विज्ञापन
1 of 6
एयरोप्लेन के शेप जैसा सरकारी स्कूल का क्लास
- फोटो : Social Media
Link Copied
राजस्थान के अलवर जिले में बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए नए प्रयास किए जा रहे हैं। बच्चे स्कूल में खुशी-खुशी आए, इसके लिए स्कूलों को आकर्षक बनाया जा रहा है। दीवारों पर लगी किताबों, पेंसिल की तस्वीरों से लेकर स्कूल में सेल्फी पॉइंट और बोतल के आकार की पानी टंकी छात्र-छात्राओं को बेहद लुभा रही है। अलवर के सरकारी स्कूल का मॉडल इतना सफल हो रहा है कि बच्चों में पढ़ने और सीखने की ललक पहले से बढ़ गई है।
Trending Videos
2 of 6
जहाज के शेप में बना एक सरकारी स्कूल
- फोटो : Social Media
अलवर के स्कूल बने चर्चा का विषय
सरकारी स्कूलों का स्वरूप बदलने और उसका कायाकल्प करने का नतीजा है कि पिछले दो साल में स्कूलों में एडमिशन दोगुने हो गए हैं। वहीं बच्चों में सीखने की ललक बढ़ी है। इसके साथ ही वे पहले से अधिक अनुशासन में रहने लगे हैं। अलवर का सिर्फ एक सरकारी स्कूल बदला नजर नहीं आ रहा बल्कि अलवर के अधिकांश सरकारी स्कूल के मॉडल चर्चा का विषय बन गए हैं। दानदाताओं के योगदान और राज्य के अलावा विभिन्न संगठनों की मदद से, राजस्थान के कई सरकारी स्कूलों ने अपनी अनूठी डिजाइन से लोगों को आकर्षित किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
3 of 6
बस के मॉडल पर बना क्लास रूम
- फोटो : Social Media
पानी की टंकी बोतल की आकार की
सहोदी गांव के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रिसिंपल किरण ने बताया कि जब मैंने पदभार संभाला था, तब स्कूल की बिल्डिंग अच्छी स्थिति में नहीं थी। मेरा मानना है कि स्कूल की इमारत आकर्षक होनी चाहिए। इसलिए दीवारों को आकर्षक रूप से चित्रित किया गया और पानी की टंकी को बोतल के आकार का बनवाया गया है। सीढ़ियों को भी इस तरह से डिजाइन किया गया है, जो बच्चों को सीखने में मदद करता है।
4 of 6
ट्रेन के मॉडल पर बना स्कूल
- फोटो : Social Media
स्कूल में सेल्फी प्वाइंट
शिक्षिका किरण कहती हैं कि स्कूल में एक सेल्फी प्वाइंट भी है। सेल्फी प्वाइंट छात्रों को आकर्षित करता है और शिक्षा के पंख लगाकर उन्हें ऊंची उड़ान भरने के लिए प्रेरित करता है। सहगाह फाउंडेशन की ओर से स्कूल के जीर्णोद्धार पर 40 लाख रुपये खर्च किए गए और ग्रामीणों ने भी इसमें हाथ बंटाया। नामांकन में लगभग दोगुना इजाफा हुआ। हमारे इस कदम से सीखने, अनुशासन और स्वच्छता का माहौल बनाने सहायता मिली है।
विज्ञापन
5 of 6
बच्चों में सीखने की बढ़ी ललक
- फोटो : Social Media
ट्रेन की डिब्बे जैसी क्लास
एक स्कूल में, कक्षाएं एक ट्रेन के डिब्बे की तरह दिखती हैं, जिसकी दीवारें नीले रंग से रंगी हुई हैं। अलवर में तैनात शिक्षा विभाग के इंजीनियर राजेश लावनिया ने बताया कि जहां छात्रों के नामांकन में उल्लेखनीय उछाल आया है और इसका असर पढ़ाई पर भी पड़ा है। वहीं अनुशासन और स्वच्छता के मामले में भी सकारात्मक बदलाव आया है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।