यह कहानी नहीं, हकीकत है। जिसे जानकर पुलिस ने भी मान ली थी हार। साल 1988 बुलेट बाइक पर सवार एक व्यक्ति की पेड़ से टकराने से मौत हो गई। हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस बाइक को जब्त कर थाने ले आई और शव को अस्पातल भेज दिया। अगली सुबह थाने से बाइक गायब थी। यह जानकारी पुलिस को लगी तो वह हैरान रह गई। बाइक की तलाश शुरू की गई, आखिर में पुलिस को बाइक मिली घटनास्थल पर। पुलिस बाइक को फिर थाने ले आई, लेकिन अगले दिन फिर वही हुआ। बाइक थाने से गायब थी। हर दिन ऐसा होने पर पुलिस परेशान हो गई।
Rajasthan: कहानी उस बुलट की जो अपने आप चलती थी, पुलिस भी परेशान, फिर बना बुलेट बाबा का मंदिर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Wed, 14 Sep 2022 10:46 PM IST
सार
Rajasthan: कहानी उस बुलट की जो अपने आप चलती थी, पुलिस भी परेशान, फिर बना बुलेट बाबा का मंदिर
विज्ञापन