{"_id":"66b38ca61da0f2166d01cae4","slug":"rajasthan-hariyali-teej-photos-teej-mata-procession-took-place-with-royal-pomp-in-jaipur-2024-08-07","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Hariyali Teej Photos: शाही ठाठ-बाट के साथ निकली तीज माता की सवारी, विदेशी पावणों ने कलाकारों संग किया नृत्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hariyali Teej Photos: शाही ठाठ-बाट के साथ निकली तीज माता की सवारी, विदेशी पावणों ने कलाकारों संग किया नृत्य
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Wed, 07 Aug 2024 08:33 PM IST
सार
Hariyali Teej Photos: शाही ठाठ-बाट के साथ निकली तीज माता की सवारी, विदेशी पावणों ने कलाकारों संग किया नृत्य
श्रावण शुक्ल तृतीया हरियाली तीज को सिटी पैलेस के जनानी ढ्योढ़ी से तीज माता की सवारी रियासतकालीन शाही ठाठ बाट से निकली। सुर्ख लाल पोशाक में स्वर्णाभूषण से सुसज्जित तीज माता जैसे ही चांदी की पालकी में सवार होकर त्रिपोलिया गेट से बाहर आईं तो सड़क, बरामदों और छतों पर बैठे श्रद्धालुओं ने तीज माता के जयकारों से चारदीवारी को गूंजायमान कर दिया। पूर्व राजपरिवार की सदस्य गौरवी कुमारी ने सिटी पैलेस में जनानी ड्योढ़ी में पारंपरिक पूजा-अर्चना की। वहीं, त्रिपोलिया गेट पर पद्मनाभ सिंह ने तीज माता की आरती उतारी। हजारों की संख्या में स्थानीय लोगों के साथ बड़ी संख्या में देसी-विदेशी पर्यटकों ने रियासतकालीन तीज की सवारी देखी और नजारों को मोबाइल में कैद किया। सबसे आगे सजे धजे गजराज पर सवार महावत पूर्व राजपरिवार का पंचरंगा ध्वज थामे हुए था।
Trending Videos
2 of 7
तीज माता की सवारी
- फोटो : अमर उजाला
राजस्थानी धुन बिखेरते बैंड बाजा वादक, सजे हुए ऊंट-घोड़े और शाही लवाजमे के साथ निकली तीज माता की एक झलक पाने के लिए लोग उतावले नजर आए। प्रदेश के अलग-अलग स्थानों से आए करीब 200 कलाकारों ने प्रदेश की लोक कला और संस्कृति की छटा बिखेर कर लोगों का दिल जीत लिया। राजस्थान के प्रसिद्ध कालबेलिया, गैर नृत्य, बहरूपिया, मशक वादन, कठपुतली नृत्य, कच्छी घोड़ी और अलग-अलग बैंड, अनेक लोक कलाकारों के समूह तीज की शाही सवारी में शामिल होकर शानदार प्रस्तुतियां दीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
3 of 7
तीज सवारी
- फोटो : अमर उजाला
कच्छी घोड़ी नृत्य की प्रस्तुति आकर्षण का केन्द्र रहे। गैर नृत्य और बहरूपिया कलाकारों के साथ विदेशी पर्यटकों ने सेल्फी ली। लोक कलाकारों ने मयूर नृत्य से लोगों को प्रभावित किया। वहीं, कालबेलिया नृत्यांगनाएं भी मौजूद रहीं। जो नृत्य करते हुए आगे चल रहीं थीं। तीज की सवारी के साथ चल रहे राजस्थानी मस्कट के साथ फोटो खिंचाने का क्रेज दिखा।तीज की सवारी के साथ चल रहे राजस्थानी मस्कट के साथ फोटो खिंचाने का क्रेज दिखा। पर्यटन विभाग की ओर से विदेशी पर्यटकों के लिए त्रिपोलिया गेट के सामने हिंद होटल की छत पर बैठने की व्यवस्था की गई।
4 of 7
तीज माता की सवारी
- फोटो : अमर उजाला
उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने तीज महोत्सव की प्रदेशवासियों को शुभकामनायें और बधाई देते हुए कहा कि तीज महोत्सव राजस्थान की अनूठी पहचान है। बदलते समय के साथ हम नवाचार कर रहे हैं, जिस से न केवल पर्यटक आकर्षित हो, बल्कि हमारी नयी पीढ़ी भी त्योहार को चाव से मनाये। इस बार मनाया गया तीज का उत्सव इसी का प्रतीक है कि बड़ी संख्या में जयपुर शहर वासियों ने तथा देशी-विदेशी पर्यटकों ने तीज माता की सवारी महोत्सव में सहभागिता की है। वहीं, पर्यटन विभाग के द्वारा नवाचारों करते हुए इस बार विभागीय वेबसाइट व विभाग के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउन्ट्स पर लाइव स्ट्रीमिंग की गई है, जिससे बड़ी संख्या में दर्शकों ने घर बैठे ही सजीव प्रसारण देखकर तीज त्योहार का आनंद लिया है।
विज्ञापन
5 of 7
तीज माता की सवारी
- फोटो : अमर उजाला
सावन की रिमझिम फुहारों के बीच तीज की सवारी पूरे हर्ष उल्लास के साथ सिटी पैलेस से निकाली गई। इस बार शोभा यात्रा में आएसी व जैल बैंड द्वारा प्रस्तुतियों से वातावरण गुंजायमान हो गया। दर्शक भी तीज की सवारी देख झूमते हुए दिखाई दिए। लोक कलाकारों द्वारा जनानी ड्योढ़ी, छोटी चौपड़ व ताल कटोरा तक मार्ग पर तथा मार्ग में बनाए गए मंचों पर आकर्षक प्रस्तुतियां दी गई, जिसे देखकर दर्शक झूम गए और समूचे उल्लास व जोश के साथ एक-एक प्रस्तुति का आनंद लेते हुए दिखाई दिए। ढोल नगाडों की गूंज से सभी मन्त्रमुग्ध हो गए। लगातार हो रही रिमझिम में भी न तो दर्शकों का उत्साह कम हुआ और न ही कलाकारों कला प्रदर्शन का जूनून। कलाकारों ने एक से एक बेहतरीन प्रस्तुतियां देकर वातावरण को अद्भुत और भव्य बना दिया। शाही हाथी, सजे हुए ऊंट और उन पर सवार लंबी-लंबी मूंछ लहराते राजस्थानी वेशभूषा में पुरुष, घोड़े, शान से सजी हुई पालकियां, देवी देवताओं का रूप धारण किए हुए बहुरुपियों के साथ ही उछल कूद करते बन्दर रूपी बहुरुपिये दर्शकों में कोलाहल मचा रहे थे। कालबेलिया कलाकार, कच्छी घोड़ी, नर्तक, बैंड बाजों की स्वरलाहरियों के साथ लोक कलाकारों की मनोहारी प्रस्तुति और आतिशबाजी के आयोजन ने सम्पूर्ण आयोजन को अद्वितीय बना दिया।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।