International Women Day 2024 Women Rights in India अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, हर साल 8 मार्च को विश्वभर में मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक समानता की मांग को उजागर करने के लिए समर्पित है। इस दिन को मनाने की शुरुआत 1908 के बाद हुई, जब अमेरिका में मजदूर आंदोलन हुआ। इस आंदोलन में करीब 15 हजार महिलाएं न्यूयॉर्क की सड़कों पर उतरकर अपने अधिकारों की मांग करने लगीं। महिलाओं की मांग थी कि उनकी नौकरी के घंटे यानी कामकाज की समय अवधि कम की जाए और वेतनमान में बढ़ोतरी हो। साथ ही इस आंदोलन में महिलाओं को मतदान का अधिकार देने की भी मांग की गई।
International Women Day 2024: महिलाओं के पास हैं ये कानूनी अधिकार, हर नारी को जरूर होना चाहिए पता
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर महिलाओं को दिए गए कानूनी अधिकारों के बारे में बताया जा रहा है, ताकि वह भी समाज में सम्मान और समान भाव के साथ रह सकें।
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भारत में महिलाओं के कानूनी अधिकार:
समानता का अधिकार
भारतीय संविधान महिलाओं को समानता और न्याय की सुरक्षा प्रदान करता है। धारा 14(1) ने सभी नागरिकों को समानता के अधिकार प्रदान किए हैं। भारतीय संविधान की धारा 14(1) के मुताबिक, भारत के सभी नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक संदर्भों में समानता का हक है। विभिन्न विचारों, धर्म, जाति, लिंग, जन्म स्थान या किसी अन्य आधार पर भेदभाव के खिलाफ हर व्यक्ति को यह अधिकार मिला है।
धारा 15(3)
समर्थन का अधिकार: इस धारा के तहत, सरकार विशेष प्रवर्तनों के माध्यम से विभिन्न वर्गों की महिलाओं को समर्थन प्रदान कर सकती है ताकि वे समाज में बराबरी के साथ रह सकें।
समान वेतन का अधिकार
महिला और पुरुषों में समानता की बात होने के बावजूद मजदूरी से लेकर प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी तक में समान कार्य के लिए पुरुषों और महिलाओं के वेतन में अंतर पाया जाता है। कई क्षेत्रों में आज भी महिलाओं को पुरुषों की तुलना में कम मेहनताना मिलता है। संविधान महिलाओं को समान पारिश्रमिक का अधिकार देता है। समान पारिश्रमिक अधिनियम के तहत, वेतन या मजदूरी में लिंग के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा सकता।
पहचान गोपनीयता का अधिकार
महिलाओं के प्रति अपराध को लेकर कानून में महिलाओं को कुछ विशेषाधिकार मिले हैं। यौन शोषण मामले में पीड़िता को अपना नाम और पहचान गोपनीय रखने का अधिकार है। इसके साथ ही वह किसी महिला पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है। पुलिस, मीडिया और अधिकारी को महिला की पहचान जाहिर करने का अधिकार नहीं है।

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