Lata Mangeshkar Death Anniversary 2024: भारत की स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर की आज यानी 6 फरवरी को पुण्यतिथि मनाई जाती है। भारत समेत कई देशों में लोग लता मंगेशकर के गाने और उनकी आवाज को सुनना पसंद करते हैं। 28 सितंबर 1929 को इंदौर में जन्मी लता मंगेशकर का जीवन उपलब्धियों से भरा रहा है।
Lata Mangeshwar: लता मंगेशकर ने क्यों नहीं की शादी? जानिए उनके स्वर साम्राज्ञी बनने की कहानी
बिना किसी पर निर्भर हुए उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी खुद की पहचान बनाई और कई उपलब्धियां अपने नाम की। आइए जानते हैं लता मंगेशकर ने शादी क्यों नहीं की और उनके जीवन से जुड़ी उपलब्धियां।
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लता मंगेशकर ने शादी क्यों नहीं की?
एक इंटरव्यू के दौरान लता मंगेशकर ने शादी न करने की वजह बताई थी। उन्होंने बताया कि घर के सभी सदस्यों की जिम्मेदारी उन पर थी। कई बार शादी का ख्याल आया लेकिन वह उसपर अमल नहीं कर सकती थीं। बेहद कम उम्र में काम करने लगीं। उन्होंने सोचा पहले छोटे भाई-बहनों को व्यवस्थित कर दूं। बहनों की शादी कराई, उनके बच्चे हो गए और फिर लता पर उन्हें संभालने की भी जिम्मेदारी आ गई। इस तरह का उनका वक्त निकलता चला गया।
रॉयल अल्बर्ट हॉल में प्रदर्शन करने वाली पहली भारतीय
लता मंगेशकर को यूं ही नारी शक्ति की मिसाल नहीं कहा जा सकता। 1974 में वह रॉयल अल्बर्ट हॉल में प्रदर्शन करने वाली पहली भारतीय बनीं। उनकी उपलब्धियां इतनी थीं कि उसी वर्ष गिनीज रिकॉर्ड में उनका नाम दर्ज हुआ। उन्हें भारतीय संगीत के इतिहास में सबसे अधिक दर्ज की गई कलाकार होने का गौरव मिला।
लता मंगेशकर की उपलब्धियां
स्वर कोकिला लता मंगेशकर को 1970 में सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक का फिल्मफेयर अवार्ड मिला। 1972 में फिल्म परिचय के गीतों के लिए सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिया गया। 1974 में फिल्म कोरा कागज के गीतों के लिए सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। इसके बाद 1977 में जैत रे जैत के लिए सर्वश्रेष्ठ गायिका और 1989 में दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 1990 में फिल्म लेकिन के गीतों के लिए सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।
देश के सर्वोच्च पुरस्कार
1989 में लता मंगेशकर को पद्म विभूषण, 1990 में श्री राजा लक्ष्मी फाउंडेशन चेन्नई द्वारा पुरस्कार, 2000 में आइफा लाइफस्टाइल अचीवमेंट अवार्ड, 2001 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। 2001 में महाराष्ट्र रत्न, 2002 में आशा भोंसले पुरस्कार, 2004 में फिल्मफेयर विशेष पुरस्कार, 2007 में फ्रांस सरकार ने उन्हें सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार (ऑफिसर ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर) से सम्मानित किया।

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