नवरात्रि में लोग माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं। हर दिन नारी का हर रूप देश भर में पूजा जाता है। नवरात्रि मात्र आध्यात्म से जुड़ा पर्व नहीं बल्कि ये नारी शक्ति का प्रतीक भी है। नवरात्रि के नौ दिन और अंत में कन्या पूजन संदेश देता है-नारी के सम्मान का। नवरात्रि की माता दुर्गा का हर रूप भी हर एक क्षेत्र में उनके पराक्रम, उनकी शक्तियों को दर्शाता है। माता कभी काली बन सकती हैं, तो कभी अन्नपूर्णा बन सकती हैं। देवी मां सरस्वती बन शिक्षा का आशीर्वाद दे सकती हैं तो लक्ष्मी बन सुख समृद्धि ला सकती हैं। विश्व की महिलाएं भी देवी के नौ रूपों की तरह ही हैं। वह घर संभाल सकती हैं, तो देश भी संभाल सकती हैं। बच्चों का लालन पालन कर सकती हैं तो सीमा पर देश की रक्षा भी कर सकती हैं। भारत में भी हर क्षेत्र में देवी के अनेक रूपों की तरह कई महिलाएं हैं। चलिए मिलते हैं देश की नवदुर्गा से, जिन्होंने हर क्षेत्र में महिला शक्ति को दिया बल और अपने अपने क्षेत्रों में कर रहीं हैं नेतृत्व
देश की नवदुर्गा: मिलिए इन नौ महिलाओं से, जिन्होंने हर क्षेत्र में नारी शक्ति को दिया बल
हमारे देश में लगभग हर घर में लड़कियों को मितव्ययिता सिखाई जाती है। ये सिर्फ घर चलाने नहीं बल्कि देश चलाने के लिए भी जरूरी है। निर्मला सीतारमण का नाम आज देश ही नहीं विदेश में भी प्रसिद्ध है। देश की पहली पूर्णकालिक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को मोदी सरकार में पद मिला। उसके बाद से वह लगातार देश की वित्त मामलों को संभाल रही हैं। सीतारमण केवल वित्त मंत्री ही नहीं बल्कि देश की रक्षा मंत्री भी रह चुकी हैं।
किरण बेदी
भारत की पहली महिला आईपीएस अफसर किरण बेदी का नाम कौन नहीं जानता। किरण बेदी ने बतौर महिला पुलिसकर्मी बहुत नाम कमाया। बाद में रिटायरमेंट के बाद किरण बेदी सामाजिक राजनीतिक एक्टिविस्ट बन गयीं। दिल्ली में हुए अन्ना आंदोलन में शामिल हुईं और यहां से राजनीति में कदम रखा। वर्दी में समाज की रक्षा करने वाली किरण बेदी जब राजनीति में आईं तो रणनीति से समाज को सुधारने के काम में जुट गयीं। साल 2015 में दिल्ली विधानसभा चुनाव में किरण बेदी भाजपा के टिकट से मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार बनी। चुनाव तो न जीत सकीं लेकिन बाद में पुडुचेरी की उपराज्यपाल बनाई गईं। फिलहाल अब किरण बेदी इस पद पर नहीं हैं।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
राजनीति में अगर इन दिनों किसी महिला की आवाज इतनी बुलंद है जो सत्ता, विपक्षी दलों और जनता तक पहुंच सके तो वह है पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की। ममता बनर्जी महिला सशक्तिकरण का सबसे जबरदस्त उदाहरण हैं। एक महिला जो न केवल अपनी पार्टी की लीडर है, बल्कि प्रदेश की भी मुखिया है। लगातार तीन बार से किसी राज्य का मुख्यमंत्री बने रहना बड़ी बात होती है, वो भी एक महिला के लिए। ममता केंद्र में लगातार दो बार रेल मंत्री भी रह चुकी हैं।
फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह
हवाई जहाज उड़ाने से लेकर भारत की वायुसेना में फाइटर जेट उड़ाने तक के क्षेत्र में देश की बेटियों की हिस्सेदारी है। पिछले साल भारतीय वायुसेना के बेड़े में राफेल शामिल हुए। फ्रांस से आए दमदार लड़ाकू विमान राफेल को उड़ाने वाली पहली महिला पायलट शिवांगी सिंह बनी। बनारस की शिवांगी सिंह ने मिग-21 की उड़ान भरी। लड़ाकू विमान के जरिए देश की रक्षा करने के मामले में महिलाएं पीछे नहीं हैं ,ये शिवांगी सिंह ने साबित कर दिया।

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