Falgun Amavasya 2021 Date: फाल्गुन अमावस्या इस साल 13 मार्च शनिवार के दिन पड़ रही है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन अमावस्या फाल्गुन माह कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि होती है। धार्मिक दृष्टि से यह तिथि बेहद ही महत्वपूर्ण मानी गई है। फाल्गुन अमावस्या के दिन जीवन में सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए व्रत रखा जाता है। शास्त्रों में फाल्गुन अमावस्या को पितरों को मोक्ष दिलाने तिथि कहा गया है। आइए जानते हैं फाल्गुन अमावस्या का मुहूर्त, व्रत विधि और महत्व के बारे में।
Falgun Amavasya 2021 Date: कब है फाल्गुन अमावस्या, जानें तारीख, मुहूर्त, व्रत विधि और महत्व
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फाल्गुन अमावस्या शुभ मुहूर्त
अमावस्या तिथि प्रारंभ: मार्च 12, 2021 को 15:04:32 बजे से।
अमावस्या तिथि समाप्त: मार्च 13, 2021 को 15:52:49 बजे तक।
- अमावस्या के दिन प्रातःकाल स्नान नदी, सरोवर या पवित्र कुंड में स्नान करें।
- स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें और व्रत का संकल्प लें।
- गरीब व भूखे व्यक्ति को भोजन अवश्य कराएं।
- अनाज, वस्त्र, तिल, आंवला, कंबल, पलंग, घी और गौशाला में गाय के लिए भोजन का दान करें।
- यदि आप आर्थिक रूप से संपन्न हैं तो गौ दान, स्वर्ण दान या भूमि दान भी कर सकते हैं।
- अमावस्या पर पितरों का तर्पण करें। इस दिन पितरों का तर्पण करने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है।
फाल्गुन अमावस्या पितरों को मोक्ष दिलाने वाली होती है। पितरों की शांति के लिए किए जाने वाले दान, तर्पण, श्राद्ध आदि के लिए यह दिन बहुत ही अच्छा माना जाता है। यदि निरंतरता में प्रत्येक अमावस्या को आप पितरों हेतु श्राद्ध नहीं कर पाते हैं तो कुछ अमावस्याएं विशेष तौर पर सिर्फ श्राद्ध कर्म के लिए शुभ मानी जाती हैं। फाल्गुन मास की अमावस्या उन्हीं में से एक है। सिर्फ श्राद्ध कर्म ही नहीं बल्कि कालसर्प दोष के निवारण हेतु भी अमावस्या का विशेष होता है।
पितरों के तर्पण के निमित्त वर्ष भर की अमावस्या तिथि में से भी फाल्गुन अमावस्या का अत्यंत महत्व है। फाल्गुनी अमावस्या पर कई धार्मिक तीर्थों पर फाल्गुन मेलों का आयोजन भी होता है। साथ ही इस दिन गंगा स्नान बहुत ही शुभ माना जाता है। यह भी माना जाता है कि इस दिन संगम पर देवताओं का निवास होता है।