हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास वर्ष का आंतिम महीना होता है। इस वर्ष फाल्गुन मास 28 फरवरी 2021 से शुरू हो गया है जो 28 मार्च 2021 तक रहेगा। यह समय बसंत ऋतु का समय रहता है। इस माह में बहुत ही खास और बड़े त्योहार पड़ते हैं। जिसमें से होली सबसे प्रमुख त्योहार है। होली की धूम पूरे देश में फुलैरा दूज से ही दिखने लगती है। होली के बाद रंगपंचमी का त्योहार मनाया जाता है। तो वहीं महाशिवरात्रि को लेकर भी लोगों में खासा उत्साह रहता है। इसलिए यह माह बहुत ही खास होता है। तो चलिए जानते हैं शिवरात्रि से लेकर होली और रंगपंचमी तक कौन सा त्योहार किस तारीख को पड़ रहा है।
Festivals 2021: महाशिवरात्रि से लेकर रंगपंचमी तक, जानिए कब है कौन सा त्योहार
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11 मार्च 2021 दिन गुरूवार को महाशिवरात्रि का व्रत किया जाएगा। वैसे तो हर माह शिव रात्रि होती है लेकिन फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शिवरात्रि को महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यह शिव और शक्ति के मिलन का दिन है, यानि शिव पार्वती विवाह इसी दिन हुआ था। इस बार की शिवरात्रि और भी खास है क्योंकि इसी दिन हरिद्वार कुंभ में प्रथम शाही स्नान किया जाएगा।
फाल्गुन मास में शुक्ल पक्ष की द्वितीया को फुलैरा दूज मनाई जाती है। इस बार फूलैरा दूज 15 मार्च को पड़ रही है। जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है। इस दिन फूलों की होली खेली जाती है। राधा-कृष्ण के मंदिरों को फूले से सजाया जाता है। यह दिन पूरी तरह कृष्ण जी को समर्पित किया जाता है। कई स्थानों पर फुलैरा दूज से लेकर होली तक प्रतिदिन घरों में गुलाल और फूलों से रंगोली बनाई जाती है।
होली के आठ दिन पहले से ही होलाष्टक लग जाते हैं। इस बार होलाष्टक 21 मार्च 2021 रविवार ले लग रहे हैं। कुछ जगहों पर इसी दिन से होली का डांडा रोपन किया जाता है। फाल्गुन अष्टमी से फाल्गुन पूर्णिमा तक होलाष्टक लगता है। पूर्णिमा के दिन होलिक दहन होता है जिसके बाद होली खेली जाती है। होलाष्टक के समय शुभ कार्य निषेध माने जाते हैं।
28 मार्च रविवार को रात्रि में दिन होलिका दहन किया जाएगा। दूसरे दिन यानि 29 मार्च 2021 दिन सोमवार को रंग वाली होली खेली जाएगी। इसे धुलेंड़ी भी कहा जाता है। 29 मार्च 2021 होलाष्टक भी समाप्त हो जाएंगे। होलिका दहन फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होता है, इस तरह से चैत्र मास भी आरंभ हो जाता है।