भगवान श्रीकृष्ण का नाम आते ही हमारे मन में जो आभा उभरती है। उसमें मस्तक पर मोर पंख, हाथों में बांसुरी लिए हुए श्रीकृष्ण नजर आते हैं। 23 अगस्त को पूरे देश में जन्माष्टमी धूम-धाम से मनाया जाएगा। इस मौके पर भगवान श्रीकृष्ण का अलग-अलग आभूषणों से श्रृंगार किया जाता है। तो आइए जानते हैं भगवान कृष्ण के श्रृंगार के लिए कौन-कौन सी चीजें जरूरी हैं।
Krishna Janmashtami 2019: श्रीकृष्ण का श्रृंगार करते वक्त ये पांच चीजें जरूर रखें
भगवान श्रीकृष्ण के माथे पर मौजूद मोरपंख से जुड़ी एक कहानी है। ऐसा कहा जाता है कि राधा रानी के महल में ढेर सारे मोर रहते थे। जब वह भगवान श्रीकृष्ण के बांसुरी की धुन पर नृत्य करती थीं तो उनके साथ महल के मोर भी नाचा करते थे। एक दिन किसी मोर का पंख नाचते समय जमीन पर गिर गया, जिसे भगवान श्रीकृष्ण ने उठाकर अपने माथे पर सजा लिया। भगवान कृष्ण के माथे पर मौजूद मोर का पंख राधा के प्रेम की निशानी मानी जाती है।
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एक ऐसी ही ज्योतिषीय गणना यह भी है कि भगवान कृष्ण की कुंडली में कालसर्प का दोष था। इसलिए वह हमेशा अपने मुकुट में मोर का पंख धारण करते थे। हम सभी जानते हैं कि मोर और सांप के बीच दुश्मनी है। इसलिए मस्तक पर मोर मुकुट धारण करने से कालसर्फ योग का दोष कम होता है। जैसे भगवान राम की पहचान उनकी धनुष से है तो उसी तरह श्रीकृष्ण की पहचान बंसी से है। भगवान कृष्ण की बांसुरी की मीठी संगीत सुनकर गोपियां उनकी ओर दौड़ी चली आती थीं। जन्माष्टमी के उत्सव में भगवान कृष्ण के श्रृंगार की सामग्री में बांसुरी को शामिल किया जाता है।
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बाल गोपाल को माखन बहुत प्रिय है। कहा जाता है कि जिस रात कान्हा का जन्म हुआ उस रात को नंद गांव की गोपियों ने सपना देखा कि कान्हा उनसे माखन मांग रहे हैं। भगवान श्रीकृष्ण के भोग में माखन-मिसरी को जरूर शामिल करना चाहिए। प्रेम पूर्वक माखन मिसरी का भोग लगाने से आरोग्य की प्राप्ति होती है। इसके अलावा भगवान श्रीकृष्ण को झूला या पालना भेंट करें। इससे प्रेम और आनंद की प्राप्ति होती है।
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जन्मोत्सव के दौरान भगवान के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल को पंचामृत से नहाने के बाद पीले रंग का वस्त्र जरूर पहनाएं। भगवान को पितांबर वस्थ बहुत प्रिय हैं। क्योंकि यह प्रेम और वैराग्य का प्रतीक है। इसके अलावा भगवान श्रीकृष्ण के साथ पूजा में बछड़े के अलावा गाय की भी पूजा करें। ऐसा करना सुख-समृद्धि दायक माना जाता है। गाय भगवान के सहचर हैं। भगवान धर्म रूपी गौ के रक्षक हैं।
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