माघ पूर्णिमा तिथि का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने से और दान पुण्य करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस कारण माघ पूर्णिमा पर काशी, प्रयागराज और हरिद्वार जैसे तीर्थ स्थानों में स्नान करने का विशेष महत्व बताया गया है। हिन्दू मान्यता के अनुसार माघ पूर्णिमा पर स्नान करने वाले मनुष्यों पर भगवान माधव प्रसन्न रहते हैं और उन्हें सुख-सौभाग्य, धन-संतान और मोक्ष प्रदान करते हैं। माघ पूर्णिमा पर दान, हवन, व्रत और जप किए जाते हैं। आइए जानते हैं माघ पूर्णिमा की तिथि मुहूर्त, व्रत विधि और महत्व के बारे में।
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Magh Purnima 2021 Date: माघ पूर्णिमा कब है, जानें तिथि, मुहूर्त, व्रत विधि और महत्व
Mon, 15 Feb 2021 06:07 AM IST
रुस्तम राणा
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रुस्तम राणा
Updated Mon, 15 Feb 2021 06:07 AM IST
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माघ पूर्णिमा 2021
- फोटो : अमर उजाला
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माघ पूर्णिमा 2021
- फोटो : अमर उजाला
कब है माघ पूर्णिमा 2021 (Magh Purnima 2021 Date)
इस साल माघ पूर्णिमा तिथि 27 फरवरी शनिवार के दिन पड़ रही है।
माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान करते श्रद्धालु (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
माघ पूर्णिमा 2021 का मुहूर्त (Magh Purnima 2021 Muhurat Timing)
माघ पूर्णिमा आरंभ- 26 फरवरी, शुक्रवार शाम 03 बजकर 49 मिनट से।माघ पूर्णिमा समाप्त- 27 फरवरी, शनिवार दोपहर 01 बजकर 46 मिनट तक।
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माघ पूर्णिमा 2021
- फोटो : सोशल मीडिया
माघ पूर्णिमा व्रत और पूजा विधि (Magh Purnima Vrat Vidhi)
- माघ पूर्णिमा के दिन प्रातः काल सूर्योदय से पूर्व किसी पवित्र नदी, जलाशय में स्नान करना चाहिए।
- स्नान के बाद सूर्य मंत्र का उच्चारण करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए।
- स्नान के पश्चात व्रत का संकल्प लेकर भगवान मधुसूदन की पूजा करनी चाहिए।
- मध्याह्न काल में गरीब व्यक्ति और ब्राह्मणों को भोजन कराकर दान-दक्षिणा देना चाहिए।
- दान में तिल और काले तिल विशेष रूप से दान में देना चाहिए।
- माघ माह में काले तिल से हवन और काले तिल से पितरों का तर्पण करना चाहिए।
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माघ पूर्णिमा पर स्नान करते श्रद्धालु। (फाइल फोटो)
- फोटो : Amar Ujala
माघ पूर्णिमा का महत्व
माघ नक्षत्र के नाम से माघ पूर्णिमा की उत्पत्ति होती है। मान्यता है कि माघ माह में देवता पृथ्वी पर आते हैं और मनुष्य रूप धारण करके प्रयाग में स्नान, दान और जप करते हैं। इसलिए कहा जाता है कि इस दिन प्रयाग में गंगा स्नान करने से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में लिखे कथनों के अनुसार यदि माघ पूर्णिमा के दिन पुष्य नक्षत्र हो तो इस तिथि का महत्व और बढ़ जाता है।