माघ पूर्णिमा तिथि 27 फरवरी, शनिवार को है। माघ पूर्णिमा तिथि का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान एवं दान पुण्य करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। हिन्दू मान्यता के अनुसार माघ पूर्णिमा पर स्नान करने वाले जातकों को सुख-सौभाग्य और संतान सुख प्राप्त होता है। माघ पूर्णिमा पर दान, हवन, व्रत और जप किए जाते हैं। आइए जानते हैं माघ पूर्णिमा की तिथि मुहूर्त, व्रत विधि और महत्व के बारे में।
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Magh Purnima 2021: माघ पूर्णिमा आज, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व और उपाय
Sat, 27 Feb 2021 07:26 AM IST
रुस्तम राणा
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रुस्तम राणा
Updated Sat, 27 Feb 2021 07:26 AM IST
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माघ पूर्णिमा 2021
- फोटो : अमर उजाला
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माघ पूर्णिमा 2021
- फोटो : अमर उजाला
माघ पूर्णिमा 2021 का मुहूर्त (Magh Purnima 2021 Muhurat Timing)
माघ पूर्णिमा आरंभ- 26 फरवरी, शुक्रवार शाम 03 बजकर 49 मिनट से।
माघ पूर्णिमा आरंभ- 26 फरवरी, शुक्रवार शाम 03 बजकर 49 मिनट से।
माघ पूर्णिमा समाप्त- 27 फरवरी, शनिवार दोपहर 01 बजकर 46 मिनट तक।
माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान करते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
माघ पूर्णिमा व्रत और पूजा विधि (Magh Purnima Vrat Vidhi)
- माघ पूर्णिमा के दिन प्रातः काल सूर्योदय से पूर्व किसी पवित्र नदी, जलाशय में स्नान करना चाहिए।
- स्नान के बाद सूर्य मंत्र का उच्चारण करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए।
- स्नान के पश्चात व्रत का संकल्प लेकर भगवान मधुसूदन की पूजा करनी चाहिए।
- मध्याह्न काल में गरीब व्यक्ति और ब्राह्मणों को भोजन कराकर दान-दक्षिणा देना चाहिए।
- दान में तिल और काले तिल विशेष रूप से दान में देना चाहिए।
- माघ माह में काले तिल से हवन और काले तिल से पितरों का तर्पण करना चाहिए।
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माघ पूर्णिमा 2021
- फोटो : अमर उजाला
माघ पूर्णिमा का महत्व
माघ नक्षत्र के नाम से माघ पूर्णिमा की उत्पत्ति होती है। मान्यता है कि माघ माह में देवता पृथ्वी पर आते हैं और मनुष्य रूप धारण करके प्रयाग में स्नान, दान और जप करते हैं। इसलिए कहा जाता है कि इस दिन प्रयाग में गंगा स्नान करने से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में लिखे कथनों के अनुसार यदि माघ पूर्णिमा के दिन पुष्य नक्षत्र हो तो इस तिथि का महत्व और बढ़ जाता है।
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माघ पूर्णिमा स्नान करते श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
इस दिन करें ये उपाय
- पूर्णिमा की रात को माता लक्ष्मी के स्वागत करने के लिए पूर्णिमा की सुबह-सुबह स्नान कर तुलसी को भोग, दीपक और जल अवश्य चढ़ाएं।
- पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय के समय चन्द्रमा को कच्चे दूध में चीनी और चावल मिलाकर "ॐ स्रां स्रीं स्रौं स: चन्द्रमसे नम:" या " ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम:. " मंत्र का जप करते हुए अर्घ्य देना चाहिए।
- धन प्राप्ति के लिए पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी की प्रतिमा पर 11 कौड़ियां चढ़ाकर उन पर हल्दी से तिलक करें।
- इस दिन सुबह स्नान करने के बाद पीपल के पेड़ पर कुछ मीठा चढ़ाकर जल अर्पित करना चाहिए।