सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त

Sita Navami 2026: शुभ योग में सीता नवमी आज, जानें क्या है देवी के जन्म से जुड़ी पौराणिक कथा

धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Megha Kumari Updated Sat, 25 Apr 2026 06:02 AM IST
सार

Sita Navami 2026: हर वर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर सीता नवमी मनाई जाती है। वर्ष 2026 में सीता नवमी 25 अप्रैल को मनाई जा रही है..

विज्ञापन
Sita Navami vrat katha in hindi know puja muhurat
Sita Navami 2026 - फोटो : अमर उजाला AI

Sita Navami 2026: हर वर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर सीता नवमी मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन माता सीता का प्राकट्य हुआ था। यही कारण है कि, इस शुभ अवसर पर राम मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और भव्य आयोजन किए जाते हैं। इस दिन सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए व्रत रखती हैं और श्रद्धा भाव से माता सीता की उपासना करती हैं। वर्ष 2026 में सीता नवमी 25 अप्रैल को मनाई जा रही है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने के साथ-साथ सीता नवमी की कथा का पाठ अवश्य करना चाहिए, क्योंकि इससे पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है।


ऐसे में आइए सीता नवमी की संपूर्ण व्रत कथा को जानते हैं।

Trending Videos
Sita Navami vrat katha in hindi know puja muhurat
Sita Navami 2024 - फोटो : अमर उजाला
सीता नवमी 2026 तिथि 
  • नवमी तिथि आरंभ:  24 अप्रैल, शाम 07:21 बजे से  
  • वैशाख शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि समाप्त: 25 अप्रैल, शाम 06:27 बजे 
  • उदयातिथि के अनुसार 25 अप्रैल, 2026 को सीता नवमी व्रत मान्य होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Sita Navami vrat katha in hindi know puja muhurat
Sita Navami 2026 - फोटो : adobe

शुभ मुहूर्त
सीता नवमी के दिन सुबह 10 बजकर 58 मिनट पर पूजा के लिए मुहूर्त प्रारंभ हो रहा है। यह दोपहर 1 बजकर 34 मिनट तक मान्य रहने वाला है।

Guru Purnima 2026: कब है गुरु पूर्णिमा ? जानें डेट और इस दिन क्या करना होगा शुभ

Sita Navami vrat katha in hindi know puja muhurat
Sita Navami 2026 - फोटो : adobe stock

सीता नवमी व्रत कथा
सीता नवमी की कथा को लेकर ऐसा कहा जाता है कि, एक समय की बात है जब मिथिला में बारिश नहीं हो रही है। बारिश न होने के कारण राजा जनक बेहद परेशान हो चुके थे। इसी विषय को लेकर राजा जनक ने सभी ऋषि-मुनियों को बुलाया और बारीश न होने पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान ऋषि-मुनियों ने राजा जनक से खेत में हल चलाने के लिए कहा। उनका मानना था कि, अगर राजा जनक खेत में हल चलाते हैं, तो इससे इंद्र देव प्रसन्न हो सकते हैं और उनकी विशेष कृपा अवश्य बरसेगी।

ऋषि-मुनियों की बातों से आग्रह करते हुए राजा जनक ने खेत में हल चलाया। यह हिंदू पंचांग के वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि थी। माना जाता है कि, खेत में हल चलाते हुए राजा जनक को एक वस्तु टकराई। इस दृश्य को देख राजा ने सेवादारों से उस जगह की पूरी खुदाई करने को कहा।

राजा के आदेश के बाद उस स्थान की खुदाई पर एक कलश प्राप्त होता है, जिसमें एक कन्या थी। माना जाता है कि, उस कन्या को राजा जनक ने अपनी पुत्री मानकर अपने पास रखा और उसका पालन-पोषण किया। कहते हैं कि, राजा जनक ने उस कन्या का नाम सीता रखा। इसलिए हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर सीता नवमी मनाई जाती है, जिसपर विशेष रूप से देवी सीता की पूजा-अर्चना की जाती है। कहते हैं कि, इस तिथि पर उपवास रखने से जीवन में सुख-समृद्धि वास करती हैं।
 

Grahan Yog In April 2026: 25 अप्रैल की रात बनेगा ग्रहण योग, इन 3 राशि वालों की बढ़ाएगा टेंशन


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता और संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed