फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Tulsidas Jayanti 2026: तुलसीदास जी को कैसे हुए हनुमानजी के दर्शन? काशी से चित्रकूट तक जानिए पूरी कथा

Wed, 19 Aug 2026 01:05 PM IST
ज्योति मेहरा शैली प्रकाश
शैली प्रकाश Published by: ज्योति मेहरा Updated Wed, 19 Aug 2026 01:05 PM IST
सार

Tulsidas Jayanti 2026: 20 अगस्त 2026 को तुलसीदास जयंती के अवसर पर आइए जानते हैं तुलसीदास जी और हनुमानजी से जुड़े वे प्रमुख प्रसंग, जो आज भी भक्तों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।

विज्ञापन
tulsidas jayanti 2026 hanuman darshan kashi chitrakoot katha
तुलसीदास जी और हनुमानजी की अद्भुत कथा - फोटो : AI

Tulsidas Ram Darshan Katha: गोस्वामी तुलसीदास जी का जीवन भगवान श्रीराम की भक्ति और हनुमानजी की कृपा से जुड़े अनेक प्रसंगों के लिए जाना जाता है। उनके जीवन से संबंधित कई कथाएं भक्तिपरंपरा में सदियों से प्रचलित हैं। इनमें सबसे चर्चित प्रसंग वे हैं, जिनमें हनुमानजी ने तुलसीदास जी को दर्शन दिए और उन्हें प्रभु श्रीराम तक पहुंचने का मार्ग दिखाया। हालांकि इन घटनाओं में से सभी को ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित नहीं माना जाता है। कुछ प्रसंग बाद की भक्तिपरंपराओं और लोककथाओं में मिलते हैं। 20 अगस्त 2026 को तुलसीदास जयंती के अवसर पर आइए जानते हैं तुलसीदास जी और हनुमानजी से जुड़े वे प्रमुख प्रसंग, जो आज भी भक्तों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।

tulsidas jayanti 2026 hanuman darshan kashi chitrakoot katha
हनुमानजी - फोटो : adobe stock

1. काशी में प्रेत ने बताया हनुमानजी का पता
तुलसीदास जी के जीवन से जुड़ी एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, वे काशी में रहकर भगवान श्रीराम की भक्ति और रामनाम का जाप किया करते थे। कहा जाता है कि वे प्रतिदिन एक पेड़ की जड़ में जल अर्पित करते थे। उस पेड़ पर एक प्रेत का वास बताया जाता है। तुलसीदास जी की नियमित सेवा और भक्ति से प्रसन्न होकर उस प्रेत ने उन्हें वरदान मांगने के लिए कहा। तुलसीदास जी ने भगवान श्रीराम के दर्शन की इच्छा व्यक्त की।

कथा के अनुसार, तब प्रेत ने उन्हें बताया कि रामकथा में जो व्यक्ति सबसे पहले आता है और सबसे अंत में जाता है, वही हनुमानजी हैं। वे एक वृद्ध के वेश में कथा सुनने आते हैं। अगले दिन तुलसीदास जी ने कथा में उपस्थित एक वृद्ध को पहचान लिया और उनके चरण पकड़ लिए।

मान्यता है कि तब हनुमानजी ने अपना परिचय दिया और तुलसीदास जी को आशीर्वाद देते हुए बताया कि चित्रकूट में उन्हें श्रीराम के दर्शन होंगे। यह प्रसंग भक्तिपरंपरा में काफी प्रसिद्ध है, लेकिन इसे तुलसीदास जी के जीवन की प्रमाणित ऐतिहासिक घटना के रूप में नहीं देखा जाता है।
 

tulsidas jayanti 2026 hanuman darshan kashi chitrakoot katha
चित्रकूट में तोते के रूप में मिला संकेत - फोटो : freepik

2. चित्रकूट में तोते के रूप में मिला संकेत
तुलसीदास जी और हनुमानजी से जुड़ी दूसरी लोकप्रिय कथा चित्रकूट की है। मान्यता है कि चित्रकूट में तुलसीदास जी को भगवान श्रीराम के दर्शन हुए, लेकिन वे उन्हें पहचान नहीं पाए। कथा के अनुसार, इसी समय हनुमानजी ने तोते का रूप धारण किया और तुलसीदास जी को संकेत देने के लिए प्रसिद्ध पंक्तियां सुनाईं-

“चित्रकूट के घाट पर, भई संतन की भीर।
तुलसीदास चंदन घिसें, तिलक देत रघुबीर॥”

इन पंक्तियों को सुनकर तुलसीदास जी को एहसास हुआ कि उनके सामने स्वयं भगवान श्रीराम उपस्थित हैं। इसके बाद उन्होंने प्रभु को पहचान लिया और उनके चरणों में नतमस्तक हो गए। चित्रकूट में इस प्रसंग की स्थानीय धार्मिक परंपरा आज भी प्रचलित है। 

उल्लेखनीय है कि इससे पहले चित्रकूट के वनों में भ्रमण करते समय तुलसीदास जी ने दो सुंदर राजकुमारों को घोड़ों पर सवार होकर धनुष-बाण लिए जाते देखा। वे अत्यंत तेजस्वी थे, लेकिन तुलसीदास जी उन्हें पहचान नहीं पाए। बाद में हनुमान जी ने उन्हें बताया कि वे स्वयं भगवान श्रीराम और लक्ष्मण जी थे। तुलसीदास जी को अपने न पहचान पाने पर बड़ा पश्चाताप हुआ।
 

विज्ञापन
विज्ञापन
tulsidas jayanti 2026 hanuman darshan kashi chitrakoot katha
सीय राममय सब जग जानी’ से जुड़ी एक लोककथा - फोटो : Adobe

3. ‘सीय राममय सब जग जानी’ से जुड़ी एक लोककथा
तुलसीदास जी की रामभक्ति का सबसे सुंदर भाव उनकी प्रसिद्ध पंक्ति में दिखाई देता है—
“सीय राममय सब जग जानी।
करउं प्रनाम जोरि जुग पानी॥”

अर्थात तुलसीदास जी पूरे संसार को सीता और राम से व्याप्त मानकर सबको हाथ जोड़कर प्रणाम करते हैं।

इसी भाव को समझाने के लिए एक लोकप्रचलित कथा भी सुनाई जाती है। कहा जाता है कि एक बार तुलसीदास जी रास्ते से जा रहे थे और एक बच्चे ने उन्हें आगे खड़े उग्र बैल से सावधान किया। तुलसीदास जी ने सोचा कि जब हर जगह राम का वास है तो इस बैल में भी वही परमात्मा हैं। वे आगे बढ़ गए और बैल ने उन्हें पटक दिया।

कथा के अनुसार, बाद में हनुमानजी ने उन्हें समझाया कि यदि बैल में राम का स्वरूप दिखाई दिया, तो चेतावनी देने वाले उस बच्चे में भी राम का स्वरूप देखना चाहिए था। हालांकि यह पूरा प्रसंग रामचरितमानस के मूल पाठ में नहीं मिलता। इसलिए इसे तुलसीदास जी के जीवन की ऐतिहासिक घटना के बजाय एक लोकप्रचलित कथा के रूप में जाना जाता है।
 

विज्ञापन
tulsidas jayanti 2026 hanuman darshan kashi chitrakoot katha
अकबर की कैद और हनुमान चालीसा की कथा - फोटो : adobe stock

4. अकबर की कैद और हनुमान चालीसा की कथा
तुलसीदास जी से जुड़ी एक और बेहद लोकप्रिय कथा मुगल बादशाह अकबर से संबंधित है। लोकमान्यता के अनुसार, अकबर ने तुलसीदास जी को बंदी बना कर उनके सामने पेश किए जाने का आदेश दिया। अकबर चाहता था कि तुलसीदासजी उनकी प्रशंसा में रामचलित मानस जैसा ग्रंथ लिखे। तुलसीदासजी ने इसके लिए स्पष्ट इनकार कर दिया तब अकबर ने आदेश दिया इस इन्हें जेल में डाल दिया जाए।

कहा जाता है कि तभी तुलसीदासजी ने हनुमानजी से रक्षा की पुकार करके उनकी स्तुति में पहली बार हनुमानज चालीसा का पाठ किया। इसे प्रसन्न होकर हनुमानजी ने वहां पर बंदरों की एक फौज भेज दी। बंदरों ने दरबार में ऐसा उत्पात मचाया कि अकबर सहित सभी दरबारियों को वहां से जान बचाकर भागना पड़ा। जिसके बाद बिरबल की सलाह से अकबर ने तुलसीदास को वहां से जाने दिया। हालांकि अकबर द्वारा तुलसीदास जी को कैद किए जाने या जेल में ही हनुमान चालीसा लिखे जाने का ठोस समकालीन ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।  

कहते हैं कि इसके बाद हनुमानजी ने तुलसीदासजी को दर्शन देकर कहा कि आज के बाद इस चालीसा का जो कोई भक्त पाठ करेगा उसके सारे बंधन कट जाएंगे।
 
तुलसीदास जी को हनुमानजी के ठीक कितनी बार दर्शन हुए, इसका कोई प्रमाणित ऐतिहासिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। भक्तिपरंपरा में काशी में हनुमानजी के दर्शन, चित्रकूट में तोते के रूप में उनका संकेत और उनसे जुड़े अन्य कई प्रसंग सुनाए जाते हैं।  

तुलसीदास जी के जीवन से जुड़ी ये कथाएं एक गहरा आध्यात्मिक संदेश देती हैं—भक्ति केवल भगवान के दर्शन की इच्छा का नाम नहीं है, बल्कि अपने आराध्य के प्रति पूर्ण समर्पण, विवेक और विश्वास का मार्ग भी है। यही कारण है कि तुलसीदास जी और हनुमानजी से जुड़े ये प्रसंग आज भी भक्तों के बीच उतने ही लोकप्रिय हैं।

शैली प्रकाश

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed