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Sawan 2026: सावन में क्यों नहीं खानी चाहिए कढ़ी? भगवान शिव की पूजा से जुड़ी है इसकी खास वजह

Mon, 03 Aug 2026 12:47 PM IST
दीक्षा पाठक धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: दीक्षा पाठक Updated Mon, 03 Aug 2026 12:47 PM IST
सार

Sawan 2026: सावन में भगवान शिव की पूजा के साथ खानपान के भी कई नियम माने जाते हैं। इन्हीं में से एक है कढ़ी न खाना। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसके पीछे भगवान शिव की पूजा, दही के धार्मिक महत्व और सात्विक जीवनशैली से जुड़ी मान्यता है।

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Why Is Eating Kadhi Avoided During Sawan Know the Religious Reason here related to lord shiva
सावन में कढ़ी खाने की क्यों होती है मनाही? - फोटो : AI

सावन का महीना शुरू होते ही मंदिरों में 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारे गूंजने लगते हैं। शिवालयों में जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतारें दिखाई देती हैं और घर-घर में व्रत, पूजा और शिव आराधना का माहौल बन जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस पवित्र महीने में कई घरों में कढ़ी क्यों नहीं बनाई जाती? आखिर दही और बेसन से बनने वाली यह लोकप्रिय डिश सावन में खाने से लोग क्यों बचते हैं? इसके पीछे एक धार्मिक मान्यता जुड़ी हुई है।

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सावन - फोटो : Amar Ujala

सावन के महीने में होती है भोलेनाथ की पूजा
धार्मिक मान्यता है कि देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु चार महीने के लिए क्षीरसागर में शेषनाग की शैया पर योगनिद्रा में चले जाते हैं। इस अवधि में सृष्टि के संचालन का दायित्व भगवान शिव को सौंपा जाता है। यही कारण है कि सावन का पूरा महीना भोलेनाथ की विशेष आराधना के लिए समर्पित माना जाता है।

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सावन - फोटो : adobe

ये चीजें मानी जाती हैं पूजा के लिए पवित्र
इस दौरान शिव भक्त भगवान शिव को कच्चा दूध, दही और बाकी दुग्ध पदार्थ अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार ये सभी चीजें पूजा के लिए काफी पवित्र मानी जाती हैं। इसलिए कई लोग पूरे सावन इनका सेवन करने से परहेज करते हैं। चूंकि कढ़ी बनाने में दही का उपयोग किया जाता है, इसलिए इस महीने इसे न खाने की परंपरा प्रचलित है।

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सावन - फोटो : adobe

सावन में इसलिए नहीं खानी चाहिए कढ़ी?
धार्मिक मान्यता है कि सावन केवल पूजा-पाठ करने का महीना नहीं है, बल्कि यह आत्म संयम, सादगी और सात्विक जीवन अपनाने का भी संदेश देता है। यही वजह है कि इस दौरान लोग हल्का, शुद्ध और आसानी से पचने वाला भोजन करना पसंद करते हैं। मान्यता है कि ऐसा भोजन शरीर और मन दोनों को शांत रखता है, जिससे भगवान शिव की भक्ति और पूजा में मन अधिक एकाग्र रहता है।

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सावन - फोटो : adobe

खट्टा खाने से रहते हैं दूर
इसके अलावा सावन में अधिक खट्टे और भारी भोजन से बचने की भी सलाह दी जाती है। कढ़ी दही से बनती है और इसका स्वाद खट्टा होता है। यही वजह है कि कई लोग धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए पूरे सावन इसे अपने भोजन से दूर रखते हैं। हालांकि, यह एक धार्मिक मान्यता है और इसका पालन पूरी तरह व्यक्ति की आस्था और परंपरा पर निर्भर करता है। जो लोग इन मान्यताओं का पालन करते हैं, वे सावन में सात्विक भोजन और भगवान शिव की भक्ति को विशेष महत्व देते हैं।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
 

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