Spiritual Benefits Of Lighting Diya: हिंदू धर्म में पूजा के दौरान दीपक जलाने की परंपरा सदियों पुरानी है। धार्मिक मान्यता है कि दीपक की ज्योति केवल अंधकार को दूर नहीं करती, बल्कि जीवन में सकारात्मकता, सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार भी करती है। यही कारण है कि किसी भी पूजा, आरती या मांगलिक कार्य की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से की जाती है। हालांकि, कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि पूजा के समय घी, तिल के तेल या सरसों के तेल में से किसका दीपक जलाना अधिक शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं धर्म और ज्योतिष की दृष्टि से इन तीनों दीपकों का महत्व।
पूजा के दीपक में कौन सा तेल डालें? जानें घी, तिल और सरसों के तेल का महत्व
पूजा में दीपक जलाते समय किस तेल का प्रयोग करना चाहिए? जानिए हिंदू धर्म में तिल के तेल, सरसों के तेल और घी के दीपक का महत्व तथा उनसे मिलने वाले आध्यात्मिक लाभ।
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घी का दीपक
धार्मिक ग्रंथों में घी के दीपक को विशेष स्थान दिया गया है। विशेषकर गाय के शुद्ध घी से जलाया गया दीपक अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है। मान्यता है कि घी का दीपक जलाने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है तथा पूजा का फल भी अधिक प्राप्त होता है। माता लक्ष्मी, भगवान विष्णु, सत्यनारायण भगवान और अन्य देवी-देवताओं की पूजा में घी का दीपक जलाना श्रेष्ठ माना गया है। इसकी उज्ज्वल लौ सात्विकता, पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है। इसलिए दैनिक पूजा और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों में घी का दीपक सबसे अधिक उपयोग किया जाता है।
तिल के तेल का दीपक
तिल के तेल का दीपक भी धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में तिल का संबंध शनि ग्रह और पितरों से बताया गया है। यही वजह है कि शनिवार के दिन शनि देव की पूजा में तिल के तेल का दीपक जलाने की परंपरा प्रचलित है। मान्यता है कि तिल के तेल का दीपक जलाने से शनि दोष के प्रभाव को कम करने में सहायता मिलती है। साथ ही यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर मानसिक शांति और स्थिरता प्रदान करता है। पितृ तर्पण और कुछ विशेष धार्मिक कार्यों में भी तिल के तेल का उपयोग शुभ माना जाता है।
सरसों के तेल का दीपक
सरसों के तेल का दीपक मुख्य रूप से भगवान हनुमान, काल भैरव और शनि देव की आराधना में जलाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दीपक नकारात्मक शक्तियों, बुरी नजर और बाधाओं से रक्षा करने में सहायक माना जाता है।ग्रामीण क्षेत्रों और पारंपरिक परिवारों में आज भी सरसों के तेल के दीपक का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। कई लोग घर के मुख्य द्वार या पूजा स्थल पर सरसों के तेल का दीपक जलाकर सकारात्मक वातावरण बनाए रखने का प्रयास करते हैं।
आखिर कौन सा दीपक सबसे शुभ माना जाता है?
यदि सामान्य पूजा, आरती, गृह शांति या घर में सकारात्मक ऊर्जा के लिए दीपक जलाना हो तो घी का दीपक सबसे श्रेष्ठ और शुभ माना जाता है। वहीं तिल के तेल का दीपक शनि कृपा प्राप्त करने और नकारात्मक प्रभावों को दूर करने के लिए उपयोग किया जाता है। दूसरी ओर, सरसों के तेल का दीपक सुरक्षा, शक्ति और बाधा निवारण से जुड़ा माना जाता है। इस प्रकार पूजा का उद्देश्य और आराध्य देवता के अनुसार दीपक का चयन किया जा सकता है। हालांकि धार्मिक दृष्टि से घी का दीपक सर्वाधिक सात्विक और शुभ माना गया है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।