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Raksha Sutra Rules: हाथ में रक्षा सूत्र कितनी बार बांधना चाहिए? मौली बांधते समय इन नियमों का रखें ध्यान
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shweta Singh
Updated Fri, 19 Jun 2026 11:12 AM IST
सार
Raksha Sutra Rules: जानें रक्षा सूत्र कितनी बार बांधना शुभ माना जाता है, 3, 5 या 7 चक्कर का क्या महत्व है और मौली बांधने की सही विधि क्या है।
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रक्षा सूत्र बांधने के नियम
- फोटो : amar ujala
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Raksha Sutra Rules: हिंदू धर्म में पूजा-पाठ, हवन, यज्ञ और शुभ कार्यों के दौरान हाथ में रक्षा सूत्र (कलावा या मौली) बांधने की परंपरा सदियों पुरानी है। इसे शुभता, सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक अनुष्ठानों के समय पंडित या पुरोहित मंत्रोच्चार के साथ कलाई पर रक्षा सूत्र बांधते हैं। कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि रक्षा सूत्र को हाथ में कितनी बार लपेटना सही होता है—3 बार, 5 बार या 7 बार? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रक्षा सूत्र बांधने की एक विशेष विधि और महत्व बताया गया है। आइए जानते हैं कलावा बांधने के नियम और इससे जुड़ी मान्यताएं।
हाथ में रक्षा सूत्र कितनी बार लपेटना चाहिए?
- फोटो : Adobe Stock
हाथ में रक्षा सूत्र कितनी बार लपेटना चाहिए?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हाथ में रक्षा सूत्र को सामान्य रूप से 3 या 5 बार लपेटकर बांधना शुभ माना जाता है। पूजा-पाठ या मांगलिक कार्यों के दौरान अधिकतर पंडित और पुरोहित इसी विधि का पालन करते हैं। हालांकि कुछ लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार इसे अधिक बार भी लपेटते हैं, लेकिन शास्त्रीय परंपराओं में 3 और 5 बार रक्षा सूत्र बांधने का विशेष महत्व बताया गया है।
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रक्षा सूत्र को 3 बार लपेटने का महत्व
- फोटो : Adobe Stock
रक्षा सूत्र को 3 बार लपेटने का महत्व
मान्यता है कि जब रक्षा सूत्र को तीन बार लपेटकर बांधा जाता है तो इसका संबंध त्रिदेव और त्रिशक्तियों से माना जाता है।हिंदू धर्म में त्रिदेव के रूप में ब्रह्मा, विष्णु और महेश को माना गया है, जबकि त्रिशक्तियों में मां लक्ष्मी, मां सरस्वती और मां दुर्गा का विशेष स्थान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तीन बार रक्षा सूत्र बांधना इन दिव्य शक्तियों के आशीर्वाद और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। इससे व्यक्ति के जीवन में शुभता और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहने की कामना की जाती है।
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कलावा को 5 बार लपेटने का महत्व
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कलावा को 5 बार लपेटने का महत्व
रक्षा सूत्र को पांच बार लपेटने का संबंध पंच तत्वों से जोड़ा जाता है। ये पंच तत्व हैं-पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश। धार्मिक मान्यता के अनुसार मनुष्य का शरीर इन्हीं पांच तत्वों से बना है। इसलिए पांच बार रक्षा सूत्र बांधना शरीर और जीवन में इन तत्वों के संतुलन का प्रतीक माना जाता है। इसे शुभ ऊर्जा और सुरक्षा से जुड़ा हुआ माना जाता है।
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कलावा बांधने के नियम
- फोटो : amar ujala
क्या रक्षासूत्र 7 बार बांधना चाहिए?
कई लोग अपनी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार रक्षा सूत्र को सात या उससे अधिक बार भी लपेटते हैं। हालांकि धार्मिक विधि में मुख्य रूप से 3 और 5 बार लपेटने की परंपरा अधिक प्रचलित है। रक्षा सूत्र बांधते समय भावना, श्रद्धा और मंत्र का महत्व भी उतना ही महत्वपूर्ण माना जाता है।
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