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Budhwar Ke Upay: छात्रों के लिए बुधवार क्यों माना जाता है विशेष ? जानिए गणेश कृपा पाने के सरल उपाय
Wed, 08 Jul 2026 01:33 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Wed, 08 Jul 2026 01:33 PM IST
सार
Budhwar Ke Upay: बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा करने से परीक्षा में सफलता प्राप्त होती है।
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बुधवार के उपाय करने से दूर होते हैं कष्ट
- फोटो : अमर उजाला
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Budhwar Ke Upay: सनातन धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित माना गया है। बुधवार भगवान श्रीगणेश और बुध ग्रह का दिन माना जाता है। भगवान गणेश को बुद्धि, विवेक, ज्ञान और विघ्नों का नाश करने वाला देवता कहा गया है। यही कारण है कि विद्यार्थियों के लिए बुधवार का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक भगवान गणेश की आराधना करने से शिक्षा में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं, स्मरण शक्ति बढ़ती है और अध्ययन में एकाग्रता प्राप्त होती है। वहीं ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, तर्क क्षमता और शिक्षा का कारक माना गया है।
भगवान गणेश
- फोटो : एएनआई
भगवान गणेश हैं विद्या और बुद्धि के अधिष्ठाता
धार्मिक ग्रंथों में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और बुद्धि के देवता कहा गया है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत उनके पूजन से की जाती है ताकि कार्य निर्विघ्न रूप से पूर्ण हो। विद्यार्थियों के लिए भी गणेश आराधना का विशेष महत्व माना गया है। ऐसी मान्यता है कि जो विद्यार्थी नियमित रूप से भगवान गणेश का स्मरण करते हैं, उनके भीतर आत्मविश्वास, विवेक और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। यही कारण है कि परीक्षा या किसी नए अध्ययन की शुरुआत से पहले गणेश वंदना की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है।
धार्मिक ग्रंथों में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और बुद्धि के देवता कहा गया है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत उनके पूजन से की जाती है ताकि कार्य निर्विघ्न रूप से पूर्ण हो। विद्यार्थियों के लिए भी गणेश आराधना का विशेष महत्व माना गया है। ऐसी मान्यता है कि जो विद्यार्थी नियमित रूप से भगवान गणेश का स्मरण करते हैं, उनके भीतर आत्मविश्वास, विवेक और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। यही कारण है कि परीक्षा या किसी नए अध्ययन की शुरुआत से पहले गणेश वंदना की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है।
बुध ग्रह का प्रभाव
- फोटो : अमर उजाला
बुध ग्रह और शिक्षा का गहरा संबंध
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध ग्रह का संबंध बुद्धिमत्ता, स्मरण शक्ति, वाणी, लेखन, गणित और तर्कशक्ति से माना जाता है। यदि बुध ग्रह शुभ स्थिति में हो तो व्यक्ति की सीखने की क्षमता और अभिव्यक्ति प्रभावशाली होती है। इसलिए बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा के साथ बुध ग्रह की शांति के लिए भी प्रार्थना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कर्म और सात्विक आचरण मानसिक विकास में सहायक माने जाते हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध ग्रह का संबंध बुद्धिमत्ता, स्मरण शक्ति, वाणी, लेखन, गणित और तर्कशक्ति से माना जाता है। यदि बुध ग्रह शुभ स्थिति में हो तो व्यक्ति की सीखने की क्षमता और अभिव्यक्ति प्रभावशाली होती है। इसलिए बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा के साथ बुध ग्रह की शांति के लिए भी प्रार्थना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कर्म और सात्विक आचरण मानसिक विकास में सहायक माने जाते हैं।
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भगवान गणेश
- फोटो : PTI
बुधवार को विद्यार्थी कैसे करें भगवान गणेश की आराधना
बुधवार के दिन प्रातः स्नान के बाद भगवान गणेश को दूर्वा, हरे ,पीले,लाल या सफ़ेद पुष्प, सिंदूर और मोदक या गुड़ का भोग अर्पित करना शुभ माना गया है। इसके बाद श्रद्धापूर्वक "ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का कम से कम 21 बार जप करना लाभकारी माना जाता है। यदि संभव हो तो गणेश चालीसा या गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ भी किया जा सकता है। विद्यार्थी अपनी पुस्तकों का पूजन कर भगवान गणेश से ज्ञान और सफलता का आशीर्वाद मांगें। धार्मिक मान्यता है कि इससे अध्ययन के प्रति सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
बुधवार के दिन प्रातः स्नान के बाद भगवान गणेश को दूर्वा, हरे ,पीले,लाल या सफ़ेद पुष्प, सिंदूर और मोदक या गुड़ का भोग अर्पित करना शुभ माना गया है। इसके बाद श्रद्धापूर्वक "ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का कम से कम 21 बार जप करना लाभकारी माना जाता है। यदि संभव हो तो गणेश चालीसा या गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ भी किया जा सकता है। विद्यार्थी अपनी पुस्तकों का पूजन कर भगवान गणेश से ज्ञान और सफलता का आशीर्वाद मांगें। धार्मिक मान्यता है कि इससे अध्ययन के प्रति सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
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बुधवार के उपाय
- फोटो : अमर उजाला
इन छोटे-छोटे कार्यों को भी माना गया है शुभ
धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार बुधवार के दिन हरी मूंग का दान करना, गौ माता को हरा चारा खिलाना, पक्षियों के लिए दाना-पानी रखना तथा जरूरतमंद विद्यार्थियों को कॉपी, पुस्तक या लेखन सामग्री भेंट करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इन कार्यों से केवल पुण्य की प्राप्ति ही नहीं होती, बल्कि सेवा, करुणा और सहयोग की भावना भी विकसित होती है। यही संस्कार विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को श्रेष्ठ बनाते हैं।
परिश्रम के साथ श्रद्धा भी है सफलता का आधार
धार्मिक मान्यताओं में भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने के लिए केवल पूजा-पाठ ही पर्याप्त नहीं माना गया है। नियमित अध्ययन, समय का सदुपयोग, गुरुजनों का सम्मान, माता-पिता की सेवा और सत्यनिष्ठा भी उतनी ही आवश्यक मानी गई है। जब विद्यार्थी पूरी लगन और अनुशासन के साथ अध्ययन करते हुए भगवान गणेश का स्मरण करते हैं, तब उनके भीतर आत्मबल और सकारात्मक सोच का विकास होता है। यही गुण उन्हें शिक्षा के साथ-साथ जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार बुधवार के दिन हरी मूंग का दान करना, गौ माता को हरा चारा खिलाना, पक्षियों के लिए दाना-पानी रखना तथा जरूरतमंद विद्यार्थियों को कॉपी, पुस्तक या लेखन सामग्री भेंट करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इन कार्यों से केवल पुण्य की प्राप्ति ही नहीं होती, बल्कि सेवा, करुणा और सहयोग की भावना भी विकसित होती है। यही संस्कार विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को श्रेष्ठ बनाते हैं।
परिश्रम के साथ श्रद्धा भी है सफलता का आधार
धार्मिक मान्यताओं में भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने के लिए केवल पूजा-पाठ ही पर्याप्त नहीं माना गया है। नियमित अध्ययन, समय का सदुपयोग, गुरुजनों का सम्मान, माता-पिता की सेवा और सत्यनिष्ठा भी उतनी ही आवश्यक मानी गई है। जब विद्यार्थी पूरी लगन और अनुशासन के साथ अध्ययन करते हुए भगवान गणेश का स्मरण करते हैं, तब उनके भीतर आत्मबल और सकारात्मक सोच का विकास होता है। यही गुण उन्हें शिक्षा के साथ-साथ जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
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