Guruwar Ke Upay: सप्ताह में गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। इस दिन पीली चीजों का दान करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, गुरुवार की उपासना से न केवल सुख-समृद्धि बढ़ती है बल्कि कुंडली में भी गुरु का स्थान मजबूत बनता है। इसके प्रभाव से साधक के ज्ञान में वृद्धि, संतान सुख, विवाह योग, धन लाभ के साथ-साथ भाग्य भी मजबूत होता है। हालांकि, गुरुवार के शुभ दिन पर भगवान विष्णु को केवल ये 3 चीजें चढ़ाने से दोष, नकारात्नकता और सभी तरह की बाधाओं से मुक्ति मिलती हैं। ऐसे में आइए इनके बारे में जानते हैं।
Guruwar Ke Upay: गुरुवार के दिन विष्णु जी को चढ़ाएं ये 3 खास चीजें, विवाह से लेकर धन लाभ तक बनेंगे योग
Guruwar Ke Upay: गुरुवार के दिन इन तीन चीजों को विष्णु जी को अर्पित करने से विवाह में आ रही बाधाएं भी दूर होने लगती हैं। साथ ही जीवन में कई सकारात्मक बदलाव भी दिखाई देते हैं।
- गुरुवार के दिन भगवान विष्णु को चने की दाल अर्पित करना बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि, यह उन्हें अति प्रिय है। पूजा में चने की दाल चढ़ाने से भगवान की कृपा प्राप्त होती है और सभी दिक्कतें धीरे-धीरे कम होने लगती हैं।
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- गुरुवार को भगवान विष्णु को केले का भोग लगाना भी शुभ माना जाता है। ऐसा करने से रुके हुए कार्यों को गति मिलने लगती है।
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- भगवान विष्णु को गुड़ अर्पित करने से जीवन में मिठास बढ़ने की मान्यता है। कहा जाता है कि इससे रिश्तों में प्रेम और आपसी समझ बढ़ती है।
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ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे।
भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥
जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का।
सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय...॥
मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी।
तुम बिनु और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ ॐ जय...॥
तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी॥
पारब्रह्म परेमश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय...॥
तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय...॥
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूं दयामय! तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय...॥
दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय...॥
विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ॐ जय...॥
तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ है तेरा।
तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा॥ ॐ जय...॥
जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय...॥
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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