फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Hanuman Chalisa: जानिए हनुमान चालीसा में वर्णित अष्ट सिद्धियों और नव निधियों का क्या है रहस्य

Tue, 31 May 2022 12:13 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Tue, 31 May 2022 12:13 AM IST
विज्ञापन
Hanuman Chalisa ashta siddhi nav nidhi secret and mahatva in hindi
हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधि के दाता के रूप में जाना जाता है। - फोटो : instagram

Hanuman Chalisa: गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित हनुमान चालीसा, वीर हनुमान को प्रसन्न करने के लिए सबसे सरल और शक्तिशाली स्तुति है। इसकी हर चौपाई अलग अलग रूप से शक्तिशाली है। जीवन की हर समस्या का समाधान हनुमान चालीसा द्वारा किया जा सकता है। हनुमान चालीसा का पाठ करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। गोस्वामी तुलसीदास ने हनुमान चालीसा के माध्यम से हनुमानजी के बल, बुद्धि व पराक्रम का वर्णन किया है। हनुमान चालीसा की अनेक चौपाइयों में हमारी समस्याओं का समाधान भी छिपा हुआ है। इन चौपाइयों का प्रत्येक आदमी के जीवन में महत्वपूर्ण योगदान है। भगवान राम के प्रिय भक्त हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधि के दाता के रूप में जाना जाता है। हनुमान चालीसा की एक चौपाई भी है 'अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता, अस वर दीन जानकी माता"। अर्थात हनुमान की भक्ति से व्यक्ति के जीवन में आठ प्रकार की सिद्धियां और नौ प्रकार की निधियां साकार हो जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं ये अष्ट सिद्धि और नव निधियां हैं क्या। आइए जानते हैं इसका रहस्य...

Hanuman Chalisa ashta siddhi nav nidhi secret and mahatva in hindi
अष्ट सिद्धियां और नव निधियां  - फोटो : iStock

अष्ट सिद्धियां और नव निधियां 
श्रीराम भक्त हनुमान को आठ सिद्धियों और नौ निधियों का वरदान मां जानकी ने दिया था और कहते हैं कि इन्हें संभालने की शक्ति भी केवल महाबली हनुमान में ही थी। दुनिया में सबसे कीमती वस्तुएं हैं- नौ निधियां जिन्हें पा लेने के बाद किसी भी प्रकार के धन और संपत्ति की आवश्यकता नहीं रहती हैं। हनुमानजी के पास आठ प्रकार की सिद्धियां थीं। इनके प्रभाव से वे किसी भी व्यक्ति का रूप धारण कर सकते थे। अत्यंत सूक्ष्म से लेकर अति विशालकाय देह धारण कर सकते थे। जहां चाहे वहां मन की शक्ति से पल भर में पहुंच सकते थे।

Hanuman Chalisa ashta siddhi nav nidhi secret and mahatva in hindi
हनुमान चालीसा के अतिरिक्त मार्कंडेय पुराण और ब्रह्मवैवर्त पुराण में भी अष्ट सिद्धियों का उल्लेख किया गया है। - फोटो : iStock

कौन सी हैं अष्ट सिद्धियां?
हनुमान चालीसा के अतिरिक्त मार्कंडेय पुराण और ब्रह्मवैवर्त पुराण में भी अष्ट सिद्धियों का उल्लेख किया गया है। आइए जानते हैं कौन सी हैं वो अष्ट सिद्धियां-

  • अणिमा: इस सिद्धि के बल पर हनुमानजी कभी भी अति सूक्ष्म रूप धारण कर सकते हैं।
  • महिमा: इस सिद्धि के बल पर हनुमान ने कई बार विशाल रूप धारण किया है।
  • गरिमा: इस सिद्धि की मदद से हनुमानजी स्वयं का भार किसी विशाल पर्वत के समान कर सकते हैं।
  • लघिमा: इस सिद्धि से हनुमानजी स्वयं का भार बिल्कुल हल्का कर सकते हैं और पलभर में वे कहीं भी आ-जा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Hanuman Chalisa ashta siddhi nav nidhi secret and mahatva in hindi
हनुमान चालीसा के अतिरिक्त मार्कंडेय पुराण और ब्रह्मवैवर्त पुराण में भी अष्ट सिद्धियों का उल्लेख किया गया है। - फोटो : iStock
  • प्राप्ति: इस सिद्धि की मदद से हनुमानजी किसी भी वस्तु को तुरंत ही प्राप्त कर लेते हैं। पशु-पक्षियों की भाषा को समझ लेते हैं, आने वाले समय को देख सकते हैं।
  • प्राकाम्य: इसी सिद्धि की मदद से हनुमानजी पृथ्वी गहराइयों में पाताल तक जा सकते हैं, आकाश में उड़ सकते हैं और मनचाहे समय तक पानी में भी जीवित रह सकते हैं।
  • ईशित्व: इस सिद्धि की मदद से हनुमानजी को दैवीय शक्तियां प्राप्त हुई हैं।
  • वशित्व: इस सिद्धि के प्रभाव से हनुमानजी जितेंद्रिय हैं और मन पर नियंत्रण रखते हैं।
विज्ञापन
Hanuman Chalisa ashta siddhi nav nidhi secret and mahatva in hindi
हनुमानजी को अष्ट सिद्धियां और नव निधियां सूर्यदेव से प्राप्त हुई थीं - फोटो : iStock
क्या हैं नव निधियां? 
  • पद्म निधि: पद्मनिधि लक्षणो से संपन्न मनुष्य सात्विक होता है तथा स्वर्ण चांदी आदि का संग्रह करके दान करता है।
  • महापद्म निधि: महाप निधि से लक्षित व्यक्ति अपने संग्रहित धन आदि का दान धार्मिक जनों में करता है।
  • नील निधि: निल निधि से सुशोभित मनुष्य सात्विक तेज से संयुक्त होता है। उसकी संपति तीन पीढ़ी तक रहती है।
  • मुकुंद निधि: मुकुन्द निधि से लक्षित मनुष्य रजोगुण संपन्न होता है वह राज्य संग्रह में लगा रहता है।
  • नन्द निधि: नन्दनिधि युक्त व्यक्ति राजस और तामस गुणों वाला होता है वही कुल का आधार होता है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed