सनातन परंपरा में होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है। होली से पूर्व की जाने वाली यह अग्नि पूजा नकारात्मकता, रोग और कष्टों के नाश का संकेत देती है। धार्मिक मान्यता है कि होलिका दहन की पवित्र अग्नि में विशेष सामग्री अर्पित करने से जीवन की बाधाएं शांत होती हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। आइए जानते हैं होलिका दहन पर किन-किन चीजों को अर्पित करने पर क्या-क्या लाभ मिलता है।
{"_id":"69a289249c903d6d6208377c","slug":"holika-dahan-2026-offer-these-puja-samagri-in-holika-for-good-health-news-in-hindi-2026-02-28","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Holika Dhahan Puja Samagri: नारियल से लेकर जौ तक, होलिका दहन में है इन चीजों का महत्व और चमत्कारी लाभ","category":{"title":"Religion","title_hn":"धर्म","slug":"religion"}}
Holika Dhahan Puja Samagri: नारियल से लेकर जौ तक, होलिका दहन में है इन चीजों का महत्व और चमत्कारी लाभ
अनीता जैन ,वास्तुविद
Published by: Vinod Shukla
Updated Sun, 01 Mar 2026 07:31 AM IST
सार
Holika Dhahan Puja Samagri: हर वर्ष फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि की रात को होलिका दहन किया जाता है। होलिका दहन में गेंहूं, जौं की बालियां समेत कई दूसरी अन्य चीजों को करने की मान्यता है। आइए जानते हैं इनका क्या महत्व होता है।
विज्ञापन
होलिका दहन पूजन सामग्री लिस्ट
- फोटो : amar ujala
Trending Videos
होलिका दहन
- फोटो : संवाद
नारियल
नारियल को पूर्ण समर्पण, पवित्रता और त्याग का प्रतीक माना जाता है। इसकी कठोर बाहरी परत अहंकार का और अंदर का शुद्ध भाग निर्मल मन का प्रतीक माना जाता है।
लाभ: होलिका की अग्नि में नारियल अर्पित करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। मान्यता है कि इससे मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, पारिवारिक क्लेश कम होता है और घर में सुख-शांति का वास होता है।
गेहूं की बालियां और जौ
गेहूं और जौ नई फसल, उन्नति और समृद्धि के प्रतीक हैं। ये प्रकृति की कृपा और अन्नपूर्णा के आशीर्वाद का संकेत माने जाते हैं।
लाभ: इन्हें अग्नि में अर्पित करने से अन्न-धन की वृद्धि होती है। घर में कभी अन्न की कमी नहीं रहती और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। भुने हुए जौ को प्रसाद रूप में ग्रहण करना स्वास्थ्य और सौभाग्यवर्धक माना गया है।
नारियल को पूर्ण समर्पण, पवित्रता और त्याग का प्रतीक माना जाता है। इसकी कठोर बाहरी परत अहंकार का और अंदर का शुद्ध भाग निर्मल मन का प्रतीक माना जाता है।
लाभ: होलिका की अग्नि में नारियल अर्पित करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। मान्यता है कि इससे मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, पारिवारिक क्लेश कम होता है और घर में सुख-शांति का वास होता है।
गेहूं की बालियां और जौ
गेहूं और जौ नई फसल, उन्नति और समृद्धि के प्रतीक हैं। ये प्रकृति की कृपा और अन्नपूर्णा के आशीर्वाद का संकेत माने जाते हैं।
लाभ: इन्हें अग्नि में अर्पित करने से अन्न-धन की वृद्धि होती है। घर में कभी अन्न की कमी नहीं रहती और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। भुने हुए जौ को प्रसाद रूप में ग्रहण करना स्वास्थ्य और सौभाग्यवर्धक माना गया है।
Astro Tips: होलाष्टक, होलिका दहन, धुलेंडी और रंगपंचमी पर क्यों वर्जित है चौराहों को लांघना? जानें वजह
विज्ञापन
विज्ञापन
होलिका दहन
- फोटो : एआई।
गुड़ और तिल
गुड़ मधुरता और तिल पवित्रता तथा शांति का प्रतीक है। तिल को विशेष रूप से दोष शांति और नकारात्मकता निवारण से जोड़ा गया है।
लाभ: गुड़-तिल अग्नि में अर्पित करने से आपसी संबंधों में मधुरता आती है। पारिवारिक कलह कम होती है और ग्रह जनित बाधाएं शांत होने की मान्यता है।
सुपारी और पान
सुपारी और पान को मांगलिक कार्यों में शुभ माना जाता है। यह सम्मान, प्रतिष्ठा और शुभारंभ के प्रतीक हैं।
लाभ: इन्हें होलिका अग्नि में अर्पित करने से कार्यों में सफलता मिलती है। व्यापार या नौकरी में उन्नति और सामाजिक मान-सम्मान बढ़ने की कामना की जाती है।
गुड़ मधुरता और तिल पवित्रता तथा शांति का प्रतीक है। तिल को विशेष रूप से दोष शांति और नकारात्मकता निवारण से जोड़ा गया है।
लाभ: गुड़-तिल अग्नि में अर्पित करने से आपसी संबंधों में मधुरता आती है। पारिवारिक कलह कम होती है और ग्रह जनित बाधाएं शांत होने की मान्यता है।
सुपारी और पान
सुपारी और पान को मांगलिक कार्यों में शुभ माना जाता है। यह सम्मान, प्रतिष्ठा और शुभारंभ के प्रतीक हैं।
लाभ: इन्हें होलिका अग्नि में अर्पित करने से कार्यों में सफलता मिलती है। व्यापार या नौकरी में उन्नति और सामाजिक मान-सम्मान बढ़ने की कामना की जाती है।
Holika Dahan: होलिका दहन की कितनी परिक्रमा करनी चाहिए? जानें सही नियम और पूजा विधि
होलिका दहन
- फोटो : अमर उजाला
लौंग और इलायची
लौंग और इलायची सुगंध, शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा के प्रतीक हैं।
लाभ: अग्नि में डालने से वातावरण की नकारात्मकता कम होती है। मानसिक तनाव घटता है और स्वास्थ्य संबंधी कष्टों से राहत मिलने की मान्यता है।
लौंग और इलायची सुगंध, शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा के प्रतीक हैं।
लाभ: अग्नि में डालने से वातावरण की नकारात्मकता कम होती है। मानसिक तनाव घटता है और स्वास्थ्य संबंधी कष्टों से राहत मिलने की मान्यता है।
विज्ञापन
होलिका दहन
- फोटो : amar ujala
काली सरसों
काली सरसों को नजर दोष निवारण का प्रतीक माना जाता है।
लाभ: यदि घर में बार-बार बाधाएं या नजर दोष की आशंका हो तो इन्हें अग्नि में अर्पित करने से नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं और घर का वातावरण हल्का व सकारात्मक बनता है।
कपूर
कपूर पूर्ण शुद्धि और प्रकाश का प्रतीक है।
लाभ: कपूर जलाने से वातावरण पवित्र होता है और मन में सकारात्मकता आती है। सूखा नारियल अर्पित करने से धन-संपत्ति में वृद्धि और आर्थिक स्थिरता की कामना की जाती है।
सावधानियां: होलिका दहन में केवल प्राकृतिक और शुद्ध सामग्री ही अर्पित करें। प्लास्टिक या हानिकारक वस्तुएं अग्नि में न डालें। श्रद्धा और सकारात्मक भावना के साथ की गई पूजा ही फलदायी मानी जाती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
काली सरसों को नजर दोष निवारण का प्रतीक माना जाता है।
लाभ: यदि घर में बार-बार बाधाएं या नजर दोष की आशंका हो तो इन्हें अग्नि में अर्पित करने से नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं और घर का वातावरण हल्का व सकारात्मक बनता है।
कपूर
कपूर पूर्ण शुद्धि और प्रकाश का प्रतीक है।
लाभ: कपूर जलाने से वातावरण पवित्र होता है और मन में सकारात्मकता आती है। सूखा नारियल अर्पित करने से धन-संपत्ति में वृद्धि और आर्थिक स्थिरता की कामना की जाती है।
सावधानियां: होलिका दहन में केवल प्राकृतिक और शुद्ध सामग्री ही अर्पित करें। प्लास्टिक या हानिकारक वस्तुएं अग्नि में न डालें। श्रद्धा और सकारात्मक भावना के साथ की गई पूजा ही फलदायी मानी जाती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।