Jagannath Mandir Mahaprasad: ओडिशा के पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ का मंदिर केवल अपनी भव्यता और धार्मिक महत्ता के लिए ही नहीं, बल्कि यहां की अनूठी परंपराओं के लिए भी दुनिया भर में प्रसिद्ध है। मंदिर से जुड़ी कई ऐसी मान्यताएं हैं, जो सदियों से लोगों को आकर्षित करती रही हैं। इन्हीं में से एक है भगवान जगन्नाथ को अर्पित किया जाने वाला महाप्रसाद, जिसे श्रद्धालु बेहद पवित्र और दिव्य मानते हैं। प्रतिदिन हजारों भक्त इस प्रसाद को ग्रहण करते हैं, लेकिन इसकी सबसे खास बात यह है कि इसे केवल भोजन नहीं, बल्कि भगवान का आशीर्वाद माना जाता है। जगन्नाथ मंदिर में दिनभर अलग-अलग समय पर भगवान को कई बार भोग अर्पित किया जाता है, जिनमें छप्पन भोग का विशेष महत्व है। मंदिर की विशाल रसोई में तैयार होने वाले इस प्रसाद को 'अबाढ़ा महाप्रसाद' कहा जाता है। यह नाम अपने आप में एक गहरा आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश समेटे हुए है। आखिर इस प्रसाद को अबाढ़ा क्यों कहा जाता है, इसके पीछे क्या धार्मिक मान्यता है और कैसे यह समानता, भाईचारे और भक्ति का प्रतीक बन गया? आइए जानते हैं जगन्नाथ मंदिर के महाप्रसाद से जुड़े इस रोचक रहस्य और उसकी अनोखी परंपरा के बारे में।
Mahaprasad Mystery: पुरी जगन्नाथ मंदिर का 56 भोग रहस्य, हर दिन कैसे सटीक बनता है महाप्रसाद?
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shweta Singh
Updated Wed, 10 Jun 2026 01:28 AM IST
सार
जगन्नाथ मंदिर का महाप्रसाद केवल भोजन नहीं, बल्कि आस्था और समानता का प्रतीक है। जानें छप्पन भोग, अबाढ़ा महाप्रसाद, आनंद बाजार और इससे जुड़ी रोचक मान्यताओं के बारे में।
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