Somvati Amavasya 2026: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि को पितरों की शांति, तर्पण और दान-पुण्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। वर्ष 2026 में यह तिथि और भी विशेष बनने जा रही है, क्योंकि 15 जून को ज्येष्ठ अधिकमास अमावस्या और सोमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसे शुभ अवसर बहुत कम देखने को मिलते हैं और इस दिन किए गए स्नान, दान तथा पितृ तर्पण का कई गुना अधिक पुण्य फल प्राप्त होता है। मान्यता है कि इस विशेष योग में पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने और पितृ दोष से राहत पाने के लिए किए गए धार्मिक कार्य अत्यंत फलदायी सिद्ध होते हैं। खासकर दान-पुण्य और पूर्वजों के निमित्त किए गए उपाय जीवन में सुख, शांति और समृद्धि के मार्ग खोल सकते हैं। आइए जानते हैं सोमवती अमावस्या और ज्येष्ठ अधिकमास के इस दुर्लभ संयोग का महत्व तथा वे विशेष दान, जिन्हें करने से पितरों की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।
Somvati Amavasya 2026: 3 साल बाद आया दुर्लभ संयोग, इन 3 चीजों का दान करने से मिलेगा पितरों का आशीर्वाद
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shweta Singh
Updated Sun, 07 Jun 2026 08:29 AM IST
सार
Somvati Amavasya 2026: 15 जून को ज्येष्ठ अधिकमास अमावस्या और सोमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग बन रहा है। जानें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त, पितृ दोष शांति के उपाय और पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए किन 3 चीजों का दान करना शुभ माना जाता है।
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