फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Solar Eclipse 2026: सूर्य ग्रहण में भगवान की मूर्ति छूना क्यों माना जाता है वर्जित? जानें इसके पीछे की मान्यता

Sun, 09 Aug 2026 11:13 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: श्वेता सिंह Updated Sun, 09 Aug 2026 11:13 AM IST
सार

Solar Eclipse 2026: 12 अगस्त को लगने वाला सूर्य ग्रहण धार्मिक दृष्टि से भी खास माना जा रहा है। ग्रहण के दौरान देवी-देवताओं की मूर्ति को स्पर्श न करने और मंदिर के कपाट बंद रखने की परंपरा है। हालांकि, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।

विज्ञापन
Surya Grahan 2026 Rules Know Why Touching Idols Is Considered Forbidden During Solar Eclipse
Surya Grahan 2026 - फोटो : amarujala

Solar Eclipse 2026 Rules: सूर्य ग्रहण को हिंदू धर्म और ज्योतिष में विशेष खगोलीय घटना माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन किया जाता है। इनमें देवी-देवताओं की मूर्तियों को स्पर्श न करना और मंदिर के कपाट बंद रखना प्रमुख है। इस साल 12 अगस्त 2026 को सूर्य ग्रहण लगने वाला है। हालांकि, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। आइए जानते हैं सूर्य ग्रहण के दौरान मूर्तियों को स्पर्श न करने और मंदिर बंद रखने के पीछे क्या धार्मिक मान्यता है।


Sawan Shivrati 2026: सावन शिवरात्रि पर क्या रहेगा शिवलिंग पर जलाभिषेक का मुहूर्त और पूजा महत्व
2026 Hindu Festival Dates: कब है पितृ पक्ष, नवरात्रि, दशहरा, दिवाली और छठ पूजा? देखें तिथि सहित पूरा कैलेंडर
Kajari Teej 2026: 30 या 31 अगस्त, कब रखा जाएगा कजरी तीज का व्रत? जानें पूजा विधि और महत्व

Surya Grahan 2026 Rules Know Why Touching Idols Is Considered Forbidden During Solar Eclipse
12 अगस्त को लगेगा सूर्य ग्रहण - फोटो : Freepik

12 अगस्त को लगेगा सूर्य ग्रहण
पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 का यह सूर्य ग्रहण 12 अगस्त की रात 9 बजकर 04 मिनट पर शुरू होगा और 13 अगस्त की सुबह 4 बजकर 25 मिनट पर समाप्त होगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ऐसे में भारतीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां इसके सूतक काल को मान्य नहीं माना जाएगा।

Surya Grahan 2026 Rules Know Why Touching Idols Is Considered Forbidden During Solar Eclipse
ग्रहण में देवी-देवताओं की मूर्ति छूना क्यों माना जाता है वर्जित? - फोटो : adobe stock

ग्रहण में देवी-देवताओं की मूर्ति छूना क्यों माना जाता है वर्जित?
धार्मिक मान्यताओं में ग्रहण काल को सामान्य समय से अलग माना गया है। ऐसा विश्वास है कि इस दौरान वातावरण में नकारात्मकता बढ़ जाती है और पूजा-पाठ से जुड़े कुछ कार्यों से दूरी रखनी चाहिए। इसी मान्यता के चलते ग्रहण और सूतक काल में मंदिर में रखी देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को स्पर्श नहीं किया जाता। कई परंपराओं में मूर्तियों को वस्त्र से ढकने का भी विधान बताया गया है। मान्यता है कि ऐसा करने से पूजा स्थल की पवित्रता बनाए रखने और ग्रहण के प्रभाव से देव प्रतिमाओं को सुरक्षित रखने का भाव जुड़ा हुआ है। हालांकि, ये नियम मुख्य रूप से धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Surya Grahan 2026 Rules Know Why Touching Idols Is Considered Forbidden During Solar Eclipse
सूर्य ग्रहण के दौरान मंदिर के कपाट क्यों किए जाते हैं बंद? - फोटो : adobe stock

सूर्य ग्रहण के दौरान मंदिर के कपाट क्यों किए जाते हैं बंद?
सनातन परंपरा में ग्रहण के समय मंदिरों के कपाट बंद रखने की परंपरा रही है। इसका उद्देश्य इस अवधि में नियमित पूजा-पाठ को विराम देना माना जाता है। कई मंदिरों में ग्रहण शुरू होने से पहले ही कपाट बंद कर दिए जाते हैं और ग्रहण समाप्त होने के बाद विशेष शुद्धिकरण किया जाता है। घर के मंदिर के संबंध में भी कुछ परिवार इसी परंपरा का पालन करते हैं। हालांकि, इस सूर्य ग्रहण के भारत में दिखाई न देने के कारण यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा।

विज्ञापन
Surya Grahan 2026 Rules Know Why Touching Idols Is Considered Forbidden During Solar Eclipse
ग्रहण समाप्त होने के बाद क्या किया जाता है? - फोटो : adobe stock

ग्रहण समाप्त होने के बाद क्या किया जाता है?
ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करके घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई की जाती है। इसके बाद मंदिर में गंगाजल का छिड़काव कर शुद्धिकरण किया जाता है। देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को स्नान कराया जाता है और फिर विधि-विधान से पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दौरान जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करना भी शुभ माना जाता है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed