सब्सक्राइब करें

CWG: पहलवानों के ड्रेस अच्छे लगे इसलिए जिम्नास्टिक से मुंह फेरा, इस तरह कुश्ती को मिली स्वर्ण विजेता साक्षी

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रोहित राज Updated Fri, 05 Aug 2022 11:12 PM IST
सार

साक्षी मलिक के पहलवान बनने के पीछे एक खास वजह रही। उन्होंने पहलवान बनने का सपना केवल इसलिए देखा कि उन्हें पहलवानों की ड्रेस अच्छी लगी थी। 15 साल पहले केवल ड्रेस के लिए कुश्ती खेलने वाली साक्षी इतनी ऊंचाई तक पहुंचेंगी, यह कभी परिवार वालों ने भी नहीं सोचा था।

विज्ञापन
Commonwealth Games 2022 gold medal champion wrestler Sakshi Malik success story
राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने के बाद साक्षी मलिक - फोटो : सोशल मीडिया
भारत की दिग्गज पहलवान साक्षी मलिक ने एक बार फिर से देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया है। साक्षी ने महिलाओं की 62 किग्रा वर्ग के फाइनल में कनाडा की एन्ना गोडिनेज गोंजालेज को हराया। राष्ट्रमंडल खेलों में साक्षी का तीसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने ग्लास्गो (2014) में रजत और गोल्ड कोस्ट (2018) में कांस्य अपने नाम किया था। वह रियो ओलंपिक (2016) में कांस्य जीतने में सफल रही थीं।
Trending Videos
Commonwealth Games 2022 gold medal champion wrestler Sakshi Malik success story
साक्षी मलिक
साक्षी मलिक के पहलवान बनने के पीछे एक खास वजह रही। उन्होंने पहलवान बनने का सपना केवल इसलिए देखा कि उन्हें पहलवानों की ड्रेस अच्छी लगी थी। 15 साल पहले केवल ड्रेस के लिए कुश्ती खेलने वाली साक्षी इतनी ऊंचाई तक पहुंचेंगी, यह कभी परिवार वालों ने भी नहीं सोचा था। बेटी को पहलवान बनाने में परिवार वाले थोड़ा हिचकते जरूर हैं, लेकिन साक्षी मलिक ने अपनी मां सुदेश के सामने खेलने की इच्छा जताई तो वह उन्हें लेकर 15 साल पहले छोटूराम स्टेडियम में पहुंच गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Commonwealth Games 2022 gold medal champion wrestler Sakshi Malik success story
साक्षी मलिक - फोटो : सोशल मीडिया
वहां साक्षी को जिम्नास्टिक खेलने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने साफ इंकार कर दिया। फिर एथलीट व अन्य कई खेलों के खिलाड़ियों को दिखाया गया और सबसे आखिर में साक्षी को रेसलिंग हॉल में लेकर पहुंचीं। वहां साक्षी को पहलवानों की ड्रेस अच्छी लगी तो उन्होंने कुश्ती खेलने की इच्छा जताई। साक्षी की मां सुदेश ने बताया कि उस समय साक्षी को पहलवानों की ड्रेस अच्छी लगी थी और उन्होंने कहा था कि यह ड्रेस अच्छी है, इसलिए वह भी कुश्ती लड़ेगी।
Commonwealth Games 2022 gold medal champion wrestler Sakshi Malik success story
साक्षी मलिक - फोटो : twitter
सुदेश ने बताया कि उस समय मुझे लगा था कि बेटी की इच्छा है तो खेलने देते हैं, जब तक मन होगा खेलती रहेगी। फिर मैंने एक दिन साक्षी से कहा कि वह कोई भी काम करे, पर मेहनत से करे। चाहे पढ़ाई हो या कुश्ती। शायद उस दिन से साक्षी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उसके बाद साक्षी ने बहुत छोटी उम्र में सब जूनियर एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड जीता। परिवार को भी यह महसूस होने लगा कि उनकी बेटी ने सही खेल चुना है।
विज्ञापन
Commonwealth Games 2022 gold medal champion wrestler Sakshi Malik success story
पहलवान साक्षी मलिक
सुदेश ने बताया कि इसके बाद राष्ट्रमंडल खेलों में रजत और रियो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर साक्षी ने इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि के लिए साक्षी मलिक को खेल रत्न मिला और पद्मश्री से भी नवाजा गया। अब उनकी शादी हो चुकी है, अर्जुन अवार्डी पहलवान सत्यव्रत कादियान उनके हमसफर हैं। साक्षी ने अब राष्ट्रमंडल खेलों में अपने लिए तीसरा पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर दिया है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed