{"_id":"601668f2bab6c077ad0b8739","slug":"senior-wrestling-nationals-sonams-arm-offensive-stuns-sakshi-malik-to-win-gold","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"जिस हाथ में लकवा था, उसी के दम से सोनम ने ओलंपिक मेडलिस्ट साक्षी मलिक को पटका","category":{"title":"Other Sports","title_hn":"अन्य खेल","slug":"other-sports"}}
जिस हाथ में लकवा था, उसी के दम से सोनम ने ओलंपिक मेडलिस्ट साक्षी मलिक को पटका
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अंशुल तलमले
Updated Sun, 31 Jan 2021 01:53 PM IST
विज्ञापन
1 of 4
हराने के बाद बैठीं साक्षी मलिक, पास में खड़ीं विजयी पहलवान सोनम
- फोटो : अमर उजाला
Link Copied
ताजनगरी आगरा में आयोजित सीनियर नेशनल महिला रेसलिंग चैंपियनशिप में शनिवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला। रियो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली साक्षी मलिक हरियाणा की सोनम मलिक से फाइनल के कड़े मुकाबले में 7-4 के अंतर से हार गई। जबकि इससे पूर्व तीन मुकाबलों में उनका प्रदर्शन शानदार रहा। हारने पर साक्षी की आंखों में आंसू छलक उठे। लड़ामदा में दो दिवसीय सीनियर नेशनल महिला रेसलिंग चैंपियनशिप में देश की शीर्ष खिलाड़ियों ने दांव-पेच आजमाएं।
Trending Videos
2 of 4
लाल पोशाक में साक्षी मलिक और नीली में सोनम कुश्ती के दौरान
- फोटो : अमर उजाला
इसमें सबकी नजर रियो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली पहलवान साक्षी मलिक पर थी। उन्होंने रेलवे की तरफ से भाग लिया था। 62 किलो भार वर्ग में खेल रही साक्षी ने अपना पहला प्री-क्वार्टर मैच गुजरात की ज्योति भदौरिया के खिलाफ खेला। छह मिनट की अवधि वाले इस मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए ज्योति को हराया (बाई फाउल)। इसके बाद क्वार्टर फाइनल मैच में मध्य प्रदेश की पुष्पा को 4-0 से हराया। सेमीफाइनल में दिल्ली की अनीता को 10-0 के बड़े अंतर से हराया।
फाइनल में उन्हें उलटफेर का सामना करना पड़ा। जिस दाएं हाथ के दम से सोनम ने साक्षी को पटका वही हाथ दो साल पहले लकवाग्रस्त था। 2017 में वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने के बाद सोनम को दाएं हाथ में परेशानी हुई। 2018 में स्टेट चैंपियनशिप के दौरान उन्हें हाथ में लकवा मार गया और फिर टूर्नामेंट बीच में ही छोड़ना पड़ा। सोनम छह माह बेड रेस्ट पर थीं। डॉक्टर्स ने भी हार मान ली थी लेकिन सोनम डटी रहीं, पैसों की तंगी की वजह से पिता ने आयुर्वेदिक इलाज कराया अब ठीक होने के बाद उन्होंने इतिहास रच दिया।
4 of 4
सोनम मलिक
- फोटो : ट्विटर
स्वर्ण पदक हासिल करने वाली सोनम मलिक अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच अजमेर मलिक को देती हैं। सोनम का कहना है कि कोच की दी गई सीख को मैंने दंगल में ध्यान रखा। इसी का परिणाम है कि मैं स्वर्ण पदक जीत सकी। 19 साल पहले अखाड़े में उतरीं सोनम मलिक ने अपने पहलवान पिता राजेंद्र के अधूरे सपने को साकार करने की शपथ ली थी, उसके बाद सोनम ने कभी पीछे मुड़कर नही देखा। सोनम ने वर्ष 2018 में एशियन कैडेट कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। इसके बाद वर्ष 2019 में एशियाई कैडेट कुश्ती चैंपियनशिप में सोनम उप विजेता रहीं। वर्ष 2019 में ही सोनम ने विश्व कैडेट कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।