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ग्रीनलैंड विवाद: डेनमार्क की जनता का ऑनलाइन स्ट्राइक, मोबाइल एप की मदद से कर रहे अमेरिकी सामानों का बहिष्कार
Thu, 22 Jan 2026 04:42 PM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Thu, 22 Jan 2026 04:42 PM IST
सार
Greenland-Trump Dispute: ग्रीनलैंड पर कब्जे को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बाद डेनमार्क और पड़ोसी यूरोपीय देशों में अमेरिकी उत्पादों के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा है। वहां के नागरिक अब मोबाइल एप्स का सहारा लेकर अमेरिकी सामानों की पहचान कर रहे हैं और उनका कड़ा बहिष्कार कर रहे हैं।
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अमेरिकी सामन की पहचान कर रहे एप्स
- फोटो : UdenUSA
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डेनमार्क के नागरिकों ने अमेरिका के खिलाफ एक अनोखा मोर्चा खोल दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा डेनमार्क के क्षेत्र 'ग्रीनलैंड' पर नियंत्रण करने की धमकियों के बाद पूरे यूरोप के लोगों में गुस्सा है। ट्रंप का विरोध करने के लिए अब डेनमार्क के लोगों ने अमेरिकी सामानों का बहिष्कार शुरू कर दिया है। वहां ने नागरिकों ने अमेरिकी सामानों के खिलाफ ऑनलाइन मोर्चा खोल दिया है। अमेरिकी सामानों की पहचान के लिए वह ऐसे एप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो ये आसानी से बता देते हैं कि सामान कहां बना है और उसे बनाने वाली कंपनी किस देश की है।
Made O Meter एप
- फोटो : Play Store
अचानक बढ़े एंटी-अमेरिका एप के डाउनलोड
डेनमार्क के एप स्टोर पर अचानक ऐसे मोबाइल एप्स की बाढ़ आ गई है जो लोगों को यह पहचानने में मदद करते हैं कि कौन सा सामान अमेरिका में बना है और उसके स्थानीय विकल्प क्या हो सकते हैं। यह बहिष्कार न केवल डेनमार्क बल्कि ग्रीनलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और आइसलैंड जैसे देशों में तेजी से फैल रहा है। अनुमान है कि इससे यूरोप में अमेरिकी सामानों की बिक्री कम होगी और डेनिश निर्माताओं की बिक्री बढ़ेगी।
डेनमार्क के एप स्टोर पर अचानक ऐसे मोबाइल एप्स की बाढ़ आ गई है जो लोगों को यह पहचानने में मदद करते हैं कि कौन सा सामान अमेरिका में बना है और उसके स्थानीय विकल्प क्या हो सकते हैं। यह बहिष्कार न केवल डेनमार्क बल्कि ग्रीनलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और आइसलैंड जैसे देशों में तेजी से फैल रहा है। अनुमान है कि इससे यूरोप में अमेरिकी सामानों की बिक्री कम होगी और डेनिश निर्माताओं की बिक्री बढ़ेगी।
नॉन यूएसए एप (UdenUSA)
- फोटो : UdenUSA
बारकोड स्कैन कर पहचान रहे अमेरिकी सामान
इस विरोध प्रदर्शन के बीच NonUSA और Made O’Meter जैसे एप्स रातों-रात लोकप्रिय हो गए हैं। NonUSA एप बुधवार को डेनमार्क के एप स्टोर पर नंबर-1 पायदान पर पहुंच गया, जो कि कुछ ही दिन पहले 400 से भी नीचे था। इस एप की खासियत यह है कि यूजर किसी भी सामान के बारकोड को स्कैन करके तुरंत जान सकते हैं कि वह उत्पाद अमेरिका का है या नहीं। यदि सामान अमेरिकी निकलता है, तो एप तुरंत उसके बदले डेनमार्क में बने स्थानीय विकल्पों की सूची दिखा देता है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक हफ्ते में इन एप्स के डाउनलोड में 867% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो यह दर्शाता है कि लोग तकनीक का इस्तेमाल अपने विरोध को प्रभावी बनाने के लिए कर रहे हैं।
इस विरोध प्रदर्शन के बीच NonUSA और Made O’Meter जैसे एप्स रातों-रात लोकप्रिय हो गए हैं। NonUSA एप बुधवार को डेनमार्क के एप स्टोर पर नंबर-1 पायदान पर पहुंच गया, जो कि कुछ ही दिन पहले 400 से भी नीचे था। इस एप की खासियत यह है कि यूजर किसी भी सामान के बारकोड को स्कैन करके तुरंत जान सकते हैं कि वह उत्पाद अमेरिका का है या नहीं। यदि सामान अमेरिकी निकलता है, तो एप तुरंत उसके बदले डेनमार्क में बने स्थानीय विकल्पों की सूची दिखा देता है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक हफ्ते में इन एप्स के डाउनलोड में 867% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो यह दर्शाता है कि लोग तकनीक का इस्तेमाल अपने विरोध को प्रभावी बनाने के लिए कर रहे हैं।
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एप से देख रहे कहां बना है सामान
- फोटो : Play Store
सिर्फ सामान ही नहीं, नेटफ्लिक्स और अमेरिकी छुट्टियों का भी बहिष्कार
यूरोपीय उपभोक्ताओं का यह गुस्सा केवल दुकानों तक सीमित नहीं है। डेनमार्क के लोग अब अमेरिकी स्ट्रीमिंग सेवाओं, जैसे कि नेटफ्लिक्स (Netflix) के सब्सक्रिप्शन भी छोड़ रहे हैं। इतना ही नहीं, बहुत से लोगों ने अमेरिका में अपनी छुट्टियां बिताने के प्लान और होटल बुकिंग्स भी रद्द कर दी हैं। यह एक जमीनी स्तर पर शुरू हुआ आंदोलन बन चुका है, जहां लोग अमेरिकी अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाकर अपनी नाराजगी दर्ज कराना चाहते हैं।
यूरोप के स्थानीय एप स्टोर में अब रेजेस्कोर्ट (Rejsekort) जैसे ट्रैवल एप्स और स्थानीय सेवाएं फिर से ऊपर आ रही हैं, क्योंकि लोग अब अमेरिका के बजाय अपने ही देश और पड़ोस में घूमने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
यूरोपीय उपभोक्ताओं का यह गुस्सा केवल दुकानों तक सीमित नहीं है। डेनमार्क के लोग अब अमेरिकी स्ट्रीमिंग सेवाओं, जैसे कि नेटफ्लिक्स (Netflix) के सब्सक्रिप्शन भी छोड़ रहे हैं। इतना ही नहीं, बहुत से लोगों ने अमेरिका में अपनी छुट्टियां बिताने के प्लान और होटल बुकिंग्स भी रद्द कर दी हैं। यह एक जमीनी स्तर पर शुरू हुआ आंदोलन बन चुका है, जहां लोग अमेरिकी अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाकर अपनी नाराजगी दर्ज कराना चाहते हैं।
यूरोप के स्थानीय एप स्टोर में अब रेजेस्कोर्ट (Rejsekort) जैसे ट्रैवल एप्स और स्थानीय सेवाएं फिर से ऊपर आ रही हैं, क्योंकि लोग अब अमेरिका के बजाय अपने ही देश और पड़ोस में घूमने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
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एक हफ्ते से बढ़ा डाउनलोड
- फोटो : AI
लाखों में डाउनलोग हो रहे ये एप
हालांकि डेनमार्क का एप मार्केट अमेरिका या चीन की तुलना में छोटा है, लेकिन मौजूदा ट्रेंड काफी कुछ बयां कर रहा है। डेनमार्क में किसी एप को टॉप-10 में आने के लिए कुछ हजार डाउनलोड्स ही काफी होते हैं, लेकिन NonUSA जैसे एप का इतनी तेजी से ऊपर आना वहां के सामाजिक माहौल में आए बदलाव का बड़ा संकेत है।
वर्तमान में टॉप चार्ट्स में शॉप, चैटजीपीटी और माइक्रोसॉफ्ट जैसे कुछ अमेरिकी एप्स अभी भी बने हुए हैं, लेकिन बहिष्कार वाले एप्स की बढ़ती संख्या ने टेक जगत को हैरान कर दिया है। यह स्पष्ट है कि जब तक राजनीतिक तनाव कम नहीं होता, तब तक डेनमार्क के बाजारों और स्मार्टफोन्स में अमेरिकी कंपनियों के लिए राह आसान नहीं होने वाली है।
हालांकि डेनमार्क का एप मार्केट अमेरिका या चीन की तुलना में छोटा है, लेकिन मौजूदा ट्रेंड काफी कुछ बयां कर रहा है। डेनमार्क में किसी एप को टॉप-10 में आने के लिए कुछ हजार डाउनलोड्स ही काफी होते हैं, लेकिन NonUSA जैसे एप का इतनी तेजी से ऊपर आना वहां के सामाजिक माहौल में आए बदलाव का बड़ा संकेत है।
वर्तमान में टॉप चार्ट्स में शॉप, चैटजीपीटी और माइक्रोसॉफ्ट जैसे कुछ अमेरिकी एप्स अभी भी बने हुए हैं, लेकिन बहिष्कार वाले एप्स की बढ़ती संख्या ने टेक जगत को हैरान कर दिया है। यह स्पष्ट है कि जब तक राजनीतिक तनाव कम नहीं होता, तब तक डेनमार्क के बाजारों और स्मार्टफोन्स में अमेरिकी कंपनियों के लिए राह आसान नहीं होने वाली है।