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पहले हायरिंग पर लगाई रोक, अब AI पर $300 मिलियन का खर्च: सेल्सफोर्स ने बदला सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का पूरा मॉडल
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Mon, 18 May 2026 05:07 PM IST
सार
सेल्सफोर्स ने साल 2025 में सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की नई भर्तियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। इसके पीछे मुख्य कारण एआई (AI) टूल्स से बढ़ती कर्मचारियों की उत्पादकता थी। अब कंपनी के सीईओ मार्क बेनीऑफ ने एक और बड़ा एलान किया है।
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एआई पर भारी निवेश कर रही सॉफ्टवेयर कंपनियां
- फोटो : फ्री पिक
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उनका कहना है कि साल 2026 में कंपनी एंथ्रोपिक (Anthropic) एआई टोकन पर लगभग 300 मिलियन डॉलर (करीब 2500 करोड़ रुपये) खर्च कर सकती है। इस बड़े बजट का ज्यादातर हिस्सा सीधे तौर पर कोडिंग के काम पर खर्च किया जाएगा। यह कंपनी की एक नई रणनीति को दर्शाता है। अब सेल्सफोर्स नए लोगों को नौकरी पर रखने की बजाय, मौजूदा इंजीनियरों की मदद के लिए एआई सिस्टम पर अपना पैसा लगा रही है।
क्यों लगाई गई थी हायरिंग पर रोक?
- फोटो : freepik
क्यों लगाई गई थी हायरिंग पर रोक?
- मार्क बेनीऑफ ने साल 2024 में सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की भर्ती रोकने का फैसला किया था।
- उन्होंने बताया कि एजेंटफोर्स (Agentforce) और अन्य एआई टूल्स के इस्तेमाल से इंजीनियरिंग टीम के काम करने की रफ्तार 30% से भी ज्यादा बढ़ गई है।
- भले ही इंजीनियरों की भर्ती रुकी रही, लेकिन कंपनी ने दूसरे विभागों में अपना विस्तार जारी रखा।
- अपने एआई उत्पादों को बड़े ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए कंपनी ने 1,000 से 2,000 नए सेल्स कर्मचारियों को काम पर रखने की योजना बनाई।
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क्या अब इंजीनियरों की जरूरत नहीं रही?
- फोटो : freepik
क्या अब इंजीनियरों की जरूरत नहीं रही?
बिल्कुल ऐसा नहीं है। बेनीऑफ ने साफ किया है कि एआई तकनीक अभी इतनी भी एडवांस नहीं हुई है कि वह इंसानों की पूरी तरह छुट्टी कर सके।
बिल्कुल ऐसा नहीं है। बेनीऑफ ने साफ किया है कि एआई तकनीक अभी इतनी भी एडवांस नहीं हुई है कि वह इंसानों की पूरी तरह छुट्टी कर सके।
- आज भी सेल्सफोर्स में लगभग 15,000 इंजीनियर काम कर रहे हैं।
- बदलाव सिर्फ इतना है कि अब वे एंथ्रोपिक मॉडल, ओपनएआई कोडेक्स (OpenAI Codex) और कर्सर (Cursor) जैसे एआई टूल्स के साथ मिलकर काम करते हैं।
- मशहूर 'ऑल-इन' (All-In) पॉडकास्ट में बात करते हुए बेनीऑफ ने बताया कि इंजीनियरों की भूमिका अब बदल गई है।
- वे अब खुद सारा कोड लिखने की बजाय एआई एजेंट्स के काम की निगरानी करते हैं। मशीन कितनी भी तेज हो, उसे इंसानी दिमाग और देखरेख की जरूरत पड़ती ही है।
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एआई पर भारी निवेश और बढ़ता मुनाफा
- फोटो : Claude
एआई पर भारी निवेश और बढ़ता मुनाफा
- सेल्सफोर्स का एआई को लेकर विजन बहुत स्पष्ट है और कंपनी इस पर भारी दांव लगा रही है।
- कंपनी ने एंथ्रोपिक में 300 मिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है। इसमें उनकी हिस्सेदारी भी है।
- सेल्सफोर्स का एआई केंद्रित प्रोडक्ट 'एजेंटफोर्स' शानदार कमाई कर रहा है। इसका सालाना आवर्ती राजस्व 800 मिलियन डॉलर के आंकड़े को छू चुका है।
- यही नहीं, कंपनी ने अपने लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म स्लैक (Slack) में भी एंथ्रोपिक के क्लॉड (Claude) एआई की ताकत को जोड़ दिया है।
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खर्च को नियंत्रित करने की स्मार्ट तकनीक
- फोटो : FreePik
खर्च को नियंत्रित करने की स्मार्ट तकनीक
जैसे-जैसे एआई का इस्तेमाल बढ़ेगा, उस पर होने वाला खर्च भी बढ़ेगा। इस खर्च को संतुलित रखने के लिए सेल्सफोर्स एक खास सिस्टम विकसित कर रही है। यह सिस्टम काम की जटिलता के आधार पर यह तय करेगा कि किस काम के लिए बड़े एआई मॉडल की जरूरत है और किस काम के लिए छोटे मॉडल की। इससे फालतू टोकन खर्च होने से बचेंगे।
बेनीऑफ ने इस पूरे बदलाव को "डिजिटल लेबर ट्रांसफॉर्मेशन" का नाम दिया है। उनके अनुमान के मुताबिक, आज के समय में सेल्सफोर्स का करीब 30% से 50% काम पूरी तरह से एआई द्वारा संभाला जा रहा है।
जैसे-जैसे एआई का इस्तेमाल बढ़ेगा, उस पर होने वाला खर्च भी बढ़ेगा। इस खर्च को संतुलित रखने के लिए सेल्सफोर्स एक खास सिस्टम विकसित कर रही है। यह सिस्टम काम की जटिलता के आधार पर यह तय करेगा कि किस काम के लिए बड़े एआई मॉडल की जरूरत है और किस काम के लिए छोटे मॉडल की। इससे फालतू टोकन खर्च होने से बचेंगे।
बेनीऑफ ने इस पूरे बदलाव को "डिजिटल लेबर ट्रांसफॉर्मेशन" का नाम दिया है। उनके अनुमान के मुताबिक, आज के समय में सेल्सफोर्स का करीब 30% से 50% काम पूरी तरह से एआई द्वारा संभाला जा रहा है।