भारत में डिजिटल सर्विसेज के बढ़ते इस्तेमाल के बीच अब आधार (Aadhaar) को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है। गूगल और UIDAI ने मिलकर ऐसी सुविधा शुरू की है, जिसके तहत यूजर्स अपने आधार डिटेल्स को गूगल वॉलेट (Google Wallet) में सेव कर सकते हैं।
हालांकि, यह आधार-पैन (Aadhaar-PAN) या बैंक अकाउंट लिंकिंग जैसा नहीं है, बल्कि एक डिजिटल स्टोरेज और वेरिफिकेशन सुविधा है, जिससे यूजर्स अपनी पहचान को आसान और सुरक्षित तरीके से साबित कर सकते हैं।
कैसे काम करेगा गूगल वॉलेट में आधार?
- Google Wallet में Aadhaar जोड़ने के बाद यूजर्स जरूरत पड़ने पर अपनी पहचान वेरिफाई कर सकते हैं। यह सुविधा खास तौर पर उन जगहों पर काम आएगी, जहां पहचान की पुष्टि जरूरी होती है, जैसे एप्स पर साइनअप, उम्र की पुष्टि या फॉर्म भरना।
- इस सिस्टम की खास बात सलेक्टिव डिस्क्लोजर फीचर है। इसका मतलब है कि हर बार आधार की पूरी जानकारी साझा करने की जरूरत नहीं होगी। यूजर सिर्फ वही जानकारी शेयर कर सकेगा, जो जरूरी है जैसे नाम या उम्र।
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आधार
- फोटो : Adobe Stock
डेटा रहेगा सुरक्षित, फोन में ही स्टोर होगा
- UIDAI ने कुछ समय पहले 'आधार वेरिफाइएबल क्रिडेंशियल' नाम का ऑफलाइन वेरिफिकेशन सिस्टम लॉन्च किया था। इसी तकनीक के जरिए आधार डिटेल्स को गूगल वॉलेट में सुरक्षित तरीके से स्टोर किया जाता है।
- इसका मतलब यह है कि आपकी जानकारी किसी सर्वर पर नहीं, बल्कि आपके अपने डिवाइस में सेव रहती है, जिससे प्राइवेसी बनी रहती है।
- गूगल के मुताबिक, यह सिस्टम ग्लोबल डिजिटल ID स्टैंडर्ड्स पर आधारित है, जो यूजर्स को ज्यादा सुरक्षित और प्राइवेसी-फोकस्ड अनुभव देता है।
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डिजिटल आधार
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किन जगहों पर कर पाएंगे इस्तेमाल?
- फिलहाल गूगल वॉलेट के जरिए आधार वेरिफिकेशन कुछ चुनिंदा पार्टनर्स के साथ ही काम कर रहा है। इसमें PVR INOX और भारत-मेट्रिमनी जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
- कंपनी का कहना है कि आने वाले समय में और भी प्लेटफॉर्म इस सुविधा को अपनाएंगे। जल्द ही MyGate और Snabbit जैसे ऐप्स पर भी आधार वेरिफिकेशन की सुविधा मिल सकती है।