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नौकरियों की बहार लाया AI: भारत में हायरिंग 60% बढ़ी, बंगलूरू और हैदराबाद बने कंपनियों की पहली पसंद

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Nitish Kumar Updated Thu, 30 Apr 2026 11:35 AM IST
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सार

Jobs In AI Sector: क्या एआई नौकरियां छीन रहा है? लिंक्डइन की नई रिपोर्ट इस डर को बिल्कुल गलत साबित करती है। असल में, भारत में एआई प्रोफेशनल्स की डिमांड में 60% का बंपर उछाल आया है। बंगलूरू और हैदराबाद जैसे शहर इस हायरिंग रेस में सबसे आगे निकल चुके हैं।

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लिंक्डइन एआई लेबर मार्केट की ताजा रिपोर्ट - फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब सिर्फ भविष्य की तकनीक नहीं रही, बल्कि यह आज के कामकाजी मॉडल का अहम हिस्सा बन चुकी है। यही वजह है कि भारत में एआई में पारंगत प्रोफेशनल्स की मांग आसमान छू रही है। 'लिंक्डइन एआई लेबर मार्केट रिपोर्ट 2026' के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल के मुकाबले इस साल एआई जानकारों की हायरिंग में 59.5 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है। छोटे स्टार्टअप्स से लेकर दिग्गज बहुराष्ट्रीय कंपनियां तक, हर कोई अपने सिस्टम में एआई को शामिल कर रहा है, जिससे स्किल्ड इंजीनियरों के लिए शानदार मौके बन रहे हैं।
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बंगलूरू का दबदबा बरकरार, छोटे शहर भी रेस में शामिल
दुनिया भर में भारत का आईटी हब बंगलूरू एआई टैलेंट के मामले में लगातार अपनी बादशाहत कायम रखे हुए है। लेकिन सबसे दिलचस्प बात टियर-2 शहरों का उभार है। जहां हैदराबाद में एआई हायरिंग में 51 फीसदी की तेजी आई है, वहीं विजयवाड़ा जैसे शहर ने भी 45.5 प्रतिशत की छलांग लगाकर सबको हैरान कर दिया है।
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लिंक्डइन इंडिया के इंजीनियरिंग प्रमुख मलय लक्ष्मणन के अनुसार, बाजार में अब उन लोगों की ज्यादा पूछ है जो एआई एजेंट्स और प्रोडक्टिविटी टूल्स का व्यावहारिक इस्तेमाल जानते हैं। उनका सुझाव है कि प्रोफेशनल्स को जल्द से जल्द अपने रोजमर्रा के काम में एआई को अपना लेना चाहिए।

मैन्युफैक्चरिंग से लेकर कॉरपोरेट जगत में भारी निवेश
एआई को अपनाने की होड़ सिर्फ सॉफ्टवेयर कंपनियों तक सीमित नहीं है। बड़ी कंपनियां अपना इंफ्रास्ट्रक्चर बदलने के लिए करोड़ों का निवेश कर रही हैं। वहीं, मंझोली और छोटी कंपनियां भी इस तकनीक को तेजी से अपना रही हैं। इसका सबसे बड़ा असर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में दिखा है, जहां साल 2025 के दौरान एआई इंजीनियरों की संख्या में सीधे चार गुना का इजाफा हुआ है।

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क्या शुरुआती नौकरियों को AI से खतरा है?
अक्सर यह डर जताया जाता है कि एआई सबसे पहले फ्रेशर्स या एंट्री-लेवल की नौकरियां खत्म करेगा। लेकिन रिपोर्ट के आंकड़े एक अलग ही सच्चाई बयां करते हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस और भारत में शुरुआती पदों पर हायरिंग में जो गिरावट आई है, उसका मुख्य कारण एआई नहीं बल्कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक सुस्ती है। डेटा में ऐसा कोई भी ठोस सबूत नहीं मिला है जो यह साबित करे कि एआई के कारण सीधे तौर पर शुरुआती स्तर की नौकरियां खत्म हो रही हैं।

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