कई बार महिला के साथ गलत व्यवहार, घरेलू हिंसा, दहेज के लिए परेशान करना, पीछा करना, यौन उत्पीड़न या ऑनलाइन धमकी जैसी घटना होती है, लेकिन वह तुरंत पुलिस स्टेशन जाने से डरती है। कभी परिवार का दबाव होता है तो कभी सामने वाले व्यक्ति की धमकी की वजह से महिला चुप रह जाती है। ऐसी स्थिति में यह जानना जरूरी है कि मदद लेने के लिए सिर्फ थाने जाना ही एकमात्र रास्ता नहीं है। तो आइए विस्तार से जानते हैं।
हिंसा या धमकी से परेशान हैं? इन जगहों से भी मांग सकती हैं मदद
Afraid to Approach the Police: अगर किसी महिला के साथ हिंसा, उत्पीड़न, धमकी या साइबर अपराध हुआ है और वह सीधे पुलिस स्टेशन जाने में सहज महसूस नहीं कर रही है तो मदद लेने के दूसरे रास्ते भी हैं। महिला हेल्पलाइन 181, आपात स्थिति में 112, राष्ट्रीय महिला आयोग में ऑनलाइन शिकायत और साइबर अपराध के लिए 1930 जैसे विकल्प उपलब्ध हैं।
खतरा तुरंत हो तो 112 पर कॉल करें
अगर महिला को तत्काल खतरा है, हिंसा हो रही है या पुलिस की तुरंत जरूरत है तो 112 पर संपर्क किया जा सकता है। यह देश का आपातकालीन नंबर है। ऐसी स्थिति में पहले अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और संभव हो तो किसी सुरक्षित जगह पर जाएं।
181 पर ले सकती हैं मदद
महिलाओं के लिए 181 महिला हेल्पलाइन उपलब्ध है। महिला खुद या उसकी तरफ से कोई दूसरा व्यक्ति भी इस नंबर पर मदद मांग सकता है। यह हेल्पलाइन सहायता और जानकारी देने के साथ जरूरत के मुताबिक आपातकालीन सेवाओं और वन स्टॉप सेंटर जैसी सेवाओं से जोड़ने में मदद करती है।
राष्ट्रीय महिला आयोग में ऑनलाइन शिकायत
अगर मामला महिला के अधिकारों, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न, पीछा करने या पुलिस की ओर से शिकायत दर्ज न करने जैसे मामलों से जुड़ा है तो राष्ट्रीय महिला आयोग में ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने का विकल्प भी है। आयोग की वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करने और बाद में उसकी स्थिति देखने की सुविधा मौजूद है।
ऑनलाइन शिकायत करते समय घटना की जानकारी, शिकायतकर्ता की जानकारी और उपलब्ध दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। आयोग के अनुसार शिकायत के मामले में जरूरत के हिसाब से संबंधित अधिकारियों के साथ मामला उठाया या पुलिस कार्रवाई की निगरानी की जा सकती है।
साइबर अपराध है तो ऑनलाइन शिकायत करें
अगर किसी महिला को सोशल मीडिया पर धमकी, अश्लील सामग्री, ऑनलाइन उत्पीड़न या किसी दूसरे साइबर अपराध का सामना करना पड़ रहा है तो राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत की जा सकती है। साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 हेल्पलाइन भी उपलब्ध है।
शिकायत से पहले सबूत संभालकर रखें
मैसेज, स्क्रीनशॉट, फोटो, वीडियो, ईमेल, कॉल से जुड़ी जानकारी या धमकी के दूसरे सबूत मौजूद हैं तो उन्हें डिलीट न करें। घटना की तारीख, समय और जगह भी नोट कर लें। ऑनलाइन शिकायत करते समय सही और पूरी जानकारी देना जरूरी है क्योंकि शिकायत के आधार पर संबंधित एजेंसियां आगे कार्रवाई करती हैं। अगर आपको तुरंत खतरा है तो ऑनलाइन शिकायत का इंतजार न करें। पहले सुरक्षित जगह पर जाएं और जरूरत पड़ने पर 112 से मदद लें। वहीं सामान्य सहायता या जानकारी के लिए 181 और महिला अधिकारों से जुड़े मामलों में राष्ट्रीय महिला आयोग का विकल्प इस्तेमाल किया जा सकता है।
व्हाट्सएप पर अनजान ग्रुप में जोड़ दिया गया? तुरंत बदलें ये सेटिंग, नहीं आएंगे बार-बार इनवाइट
पति की मौत के बाद पत्नी को किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है? ये कागज पहले से संभालकर रखें