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Ajit Pawar Plane Crash News: टेक ऑफ और लैंडिंग के वक्त ही क्यों होते हैं सबसे ज्यादा विमान हादसे? यहां समझें
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्रुति गौड़
Updated Wed, 28 Jan 2026 11:45 AM IST
सार
Ajit Pawar Plane Crash Reasons: आज सुबह महाराष्ट्र में हुए एक विमान हादसे में राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया है। इस हादसे के पीछे क्या वजहें हो सकती हैं, हम यहां इसी बारे में बात करेंगे।
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टेक ऑफ और लैंडिंग के वक्त ही क्यों होते हैं सबसे ज्यादा विमान हादसे?
- फोटो : अमर उजाला
Ajit Pawar Plane Crash Live Updates: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निजी विमान बुधवार सुबह बारामती (पुणे) के पास क्रैश हो गया, जिसमें उनका और प्लेन में सवार सभी लोगों का निधन हो गया। रिपोर्ट्स के अनुसार ये हादसा लैंडिंग के दौरान हुआ, जब विमान बारामती हवाई पट्टी पर आपात स्थिति में उतरने की कोशिश कर रहा था।
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टेक ऑफ और लैंडिंग के वक्त ही क्यों होते हैं सबसे ज्यादा विमान हादसे?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
टेक ऑफ और लैंडिंग क्यों सबसे खतरनाक?
अगर आंकड़ों पर ध्यान दें कि 2023 में 109 ऐसी दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें से 37 टेकऑफ के समय हुईं और 30 दुर्घटनाएं लैंडिंग के दौरान हुई थीं। बीते साल एयर इंडिया विमान हादसा भी टेकऑफ के दौरान ही हुआ था, जिसमें बहुत से लोगों ने अपनी जानें गंवाई थीं। ऐसे में सबसे पहले जान लेते हैं कि आखिर टेकऑफ और लैंडिंग सबसे अहम क्यों मानी जाती है ?
अगर आंकड़ों पर ध्यान दें कि 2023 में 109 ऐसी दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें से 37 टेकऑफ के समय हुईं और 30 दुर्घटनाएं लैंडिंग के दौरान हुई थीं। बीते साल एयर इंडिया विमान हादसा भी टेकऑफ के दौरान ही हुआ था, जिसमें बहुत से लोगों ने अपनी जानें गंवाई थीं। ऐसे में सबसे पहले जान लेते हैं कि आखिर टेकऑफ और लैंडिंग सबसे अहम क्यों मानी जाती है ?
- इस दौरान विमान कम ऊंचाई पर होता है
- इसी दौरान इंजन पर सबसे ज्यादा दबाव रहता है
- अगर कुछ लापरवाही हो जाए तो इसी समय गलती सुधारने का समय बहुत कम होता है
- इसलिए ये माना जाता है कि 70% से ज्यादा टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान ही होते हैं
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टेक ऑफ और लैंडिंग के वक्त ही क्यों होते हैं सबसे ज्यादा विमान हादसे?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खराब मौसम की भी होती है अहम भूमिका
- जब तेज हवा चलती है तो लैंडिंग और टेक-ऑफ में काफी परेशानी आती है।
- भारी बारिश या कोहरा के दौरान पायलट को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
- कम विजिबिलिटी के दौरान भी पायलट को हैलीपैड देखने और संतुलन बनाए रखने में दिक्कत होती है
टेक ऑफ और लैंडिंग के वक्त ही क्यों होते हैं सबसे ज्यादा विमान हादसे?
- फोटो : PTI
तकनीकी खामी भी हो सकती है
आधुनिक विमानों में सेफ्टी सिस्टम होते हैं, लेकिन इससे हादसे का रिस्क पूरी तरह खत्म नहीं होता। अक्सर इंजन फेल होने, हाइड्रोलिक सिस्टम खराब होना, सेंसर या नेविगेशन एरर की वजह से भी ऐसे हादसे हो जाते हैं।
आधुनिक विमानों में सेफ्टी सिस्टम होते हैं, लेकिन इससे हादसे का रिस्क पूरी तरह खत्म नहीं होता। अक्सर इंजन फेल होने, हाइड्रोलिक सिस्टम खराब होना, सेंसर या नेविगेशन एरर की वजह से भी ऐसे हादसे हो जाते हैं।
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टेक ऑफ और लैंडिंग के वक्त ही क्यों होते हैं सबसे ज्यादा विमान हादसे?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
आधिकारिक जांच जारी
फिलहाल अब जल्द ही DGCA जांच टीम मौके पर पहुंचकर निरीक्षण शुरू देगी, जिसके बाद हादसे के कारणों का विस्तृत आकलन किया जाएगा। डीजीसीए और एएआईबी की टीमें जल्द पहुंचकर प्लेन के ब्लैक बॉक्स को सुरक्षित कब्जे में लेंगी।
फिलहाल अब जल्द ही DGCA जांच टीम मौके पर पहुंचकर निरीक्षण शुरू देगी, जिसके बाद हादसे के कारणों का विस्तृत आकलन किया जाएगा। डीजीसीए और एएआईबी की टीमें जल्द पहुंचकर प्लेन के ब्लैक बॉक्स को सुरक्षित कब्जे में लेंगी।