{"_id":"694394485d8c4c28a209cee7","slug":"delhi-aqi-rules-update-work-from-home-petrol-diesel-and-other-restrictions-explained-2025-12-18","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"दिल्ली में AQI ने बदला सबकुछ: WFH से लेकर पेट्रोल-डीजल तक बदल गए कई नियम, जानें अपने मन के हर सवाल का जवाब","category":{"title":"Utility","title_hn":"जरूरत की खबर","slug":"utility"}}
दिल्ली में AQI ने बदला सबकुछ: WFH से लेकर पेट्रोल-डीजल तक बदल गए कई नियम, जानें अपने मन के हर सवाल का जवाब
Thu, 18 Dec 2025 12:00 PM IST
श्रुति गौड़
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्रुति गौड़
Updated Thu, 18 Dec 2025 12:00 PM IST
सार
Delhi AQI Rules Update: दिवाली के बाद से दिल्ली में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण से लोगों का हाल बेहाल है। अभी तक सरकार ने लोगों की सुरक्षा के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। इस लेख में हम प्रदूषण से जुड़े हर प्वाइंट पर खुलकर बात करेंगे।
विज्ञापन
दिल्ली में AQI ने बदला सबकुछ: WFH से लेकर पेट्रोल-डीजल तक बदल गए कई नियम
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Delhi AQI Rules Update: दिल्ली के आनंद विहार और उसके आस-पास के कई इलाकों में आज वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार पहुंच गया है और कुछ जगहों पर लगभग 415 तक रिकॉर्ड किया गया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले छह दिनों तक प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ओर से लागू ग्रेड-4 के प्रतिबंध लागू किए गए हैं।
दिल्ली में AQI ने बदला सबकुछ: WFH से लेकर पेट्रोल-डीजल तक बदल गए कई नियम
- फोटो : Adobe Stock
पहला सवाल- दिल्ली में AQI बढ़ने पर कौन-कौन से नियम लागू हो गए हैं?
जवाब- सबसे पहले जान लेते हैं कि अभी तक सरकार ने लोगों को प्रदूषण से बचाने के लिए कई फैसले लिए है, जिनमें सबसे बड़ा फैसला है कि अब से सरकारी और निजी ऑफिसों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम लागू रहेगा। इसके अलावा नर्सरी से कक्षा 5 तक स्कूल बंद हैं और उनकी क्लासेसज ऑनलाइन चल रही हैं। वहीं कक्षा 6 से 9 और 11 हाइब्रिड मोड में हैं।
इसके साथ-साथ सभी जगहों पर तंदूर का इस्तेमाल और निर्माण कार्य बंद किया गया है। दिल्ली में बाहरी वाहनों की दिल्ली में एंट्री पर रोक लगी है। PUC सर्टिफिकेट के बिना पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर भी रोक लग रही है। इन सबकी वजह से मजदूरों की जिंदगी पर असर न पड़े तो ऐसे में मजदूरों के लिए राहत पैकेज का एलान हुआ है।
जवाब- सबसे पहले जान लेते हैं कि अभी तक सरकार ने लोगों को प्रदूषण से बचाने के लिए कई फैसले लिए है, जिनमें सबसे बड़ा फैसला है कि अब से सरकारी और निजी ऑफिसों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम लागू रहेगा। इसके अलावा नर्सरी से कक्षा 5 तक स्कूल बंद हैं और उनकी क्लासेसज ऑनलाइन चल रही हैं। वहीं कक्षा 6 से 9 और 11 हाइब्रिड मोड में हैं।
इसके साथ-साथ सभी जगहों पर तंदूर का इस्तेमाल और निर्माण कार्य बंद किया गया है। दिल्ली में बाहरी वाहनों की दिल्ली में एंट्री पर रोक लगी है। PUC सर्टिफिकेट के बिना पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर भी रोक लग रही है। इन सबकी वजह से मजदूरों की जिंदगी पर असर न पड़े तो ऐसे में मजदूरों के लिए राहत पैकेज का एलान हुआ है।
दिल्ली में AQI ने बदला सबकुछ: WFH से लेकर पेट्रोल-डीजल तक बदल गए कई नियम
- फोटो : Adobe
दूसरा सवाल- दिल्ली में AQI लेवल कितना होने पर वर्क फ्रॉम होम जरूरी हो जाता है?
जवाब- इस सवाल का जवाब है कि 200 के ऊपर AQI पहुंचने पर हवा की क्वालिटी बेहद खराब हो जाती है। ऐसे में AQI 201–300 होने पर ऑफिसों को WFH अपनाने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने पर सभी दफ्तर अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य का खास ध्यान रख सकते हैं।
जवाब- इस सवाल का जवाब है कि 200 के ऊपर AQI पहुंचने पर हवा की क्वालिटी बेहद खराब हो जाती है। ऐसे में AQI 201–300 होने पर ऑफिसों को WFH अपनाने की सलाह दी जाती है। ऐसा करने पर सभी दफ्तर अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य का खास ध्यान रख सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
दिल्ली में AQI ने बदला सबकुछ: WFH से लेकर पेट्रोल-डीजल तक बदल गए कई नियम
- फोटो : अमर उजाला
तीसरा सवाल-. AQI बढ़ने से ऑफिस जाने वालों पर क्या असर पड़ेगा?
जवाब- अगर इस बढ़े हुए AQI के बीच लोग दफ्तर जाते हैं तो प्रदूषित हवा के संपर्क में आने से आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी और सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। इन दिक्कतों के परिणाम कई बार काफी गंभीर साबित होते हैं। इसकी वजह से दफ्तर की कार्यक्षमता में कमी आ सकती है। प्रदूषण की वजह से कई बार धुंध इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि सामने का कुछ दिखता नहीं है। ऐसे में हादसों की आशंका काफी ज्यादा बढ़ जाती है।
जवाब- अगर इस बढ़े हुए AQI के बीच लोग दफ्तर जाते हैं तो प्रदूषित हवा के संपर्क में आने से आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी और सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। इन दिक्कतों के परिणाम कई बार काफी गंभीर साबित होते हैं। इसकी वजह से दफ्तर की कार्यक्षमता में कमी आ सकती है। प्रदूषण की वजह से कई बार धुंध इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि सामने का कुछ दिखता नहीं है। ऐसे में हादसों की आशंका काफी ज्यादा बढ़ जाती है।
विज्ञापन
दिल्ली में AQI ने बदला सबकुछ: WFH से लेकर पेट्रोल-डीजल तक बदल गए कई नियम
- फोटो : ANI
चौथा सवाल- दिल्ली में AQI नियम कब तक लागू रहेंगे?
जवाब- ये सवाल हम सभी के दिमाग में अवश्य ही आ रहा है कि आखिर ये नियम कब तक लागू रहेंगे। तो इसका जवाब हैं कि ये नियम तब तक लागू रहते हैं जब तक AQI “Very Poor” (201–300) या “Severe” (301+) श्रेणी में रहता है। AQI में सुधार आने पर नियम धीरे-धीरे हटा दिए जाते हैं। अब नियम कब तक लागू रहते हैं ये पूरी तरह से इसी बात पर निर्भर है कि AQI में कब तक सुधार आता है।
जवाब- ये सवाल हम सभी के दिमाग में अवश्य ही आ रहा है कि आखिर ये नियम कब तक लागू रहेंगे। तो इसका जवाब हैं कि ये नियम तब तक लागू रहते हैं जब तक AQI “Very Poor” (201–300) या “Severe” (301+) श्रेणी में रहता है। AQI में सुधार आने पर नियम धीरे-धीरे हटा दिए जाते हैं। अब नियम कब तक लागू रहते हैं ये पूरी तरह से इसी बात पर निर्भर है कि AQI में कब तक सुधार आता है।