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Digital Locker: जेब में नहीं है DL और RC तो घबराएं नहीं, चालान से बचने के लिए तुरंत करें ये काम

यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shikhar Baranawal Updated Wed, 01 Apr 2026 05:50 PM IST
सार

Digilocker For RC and DL: अक्सर लोगों के मन में ये चिंता रहती है कि वो गाड़ी का कागज घर भूल गए हैं। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि आप ऑनलाइन एप के माध्यम से भी पुलिस को सारे दस्तावेज दिखा सकते हैं। इसके बारे में सभी वाहन स्वामी को जानना चाहिए।

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DigiLocker for Drivers 2026: No Need to Carry Physical RC or DL, Use These Apps to Avoid Traffic Fines
डिजिलॉकर आरसी और डीएल नियम - फोटो : Amar Ujala

 

IT Act Digital Document Rules: अक्सर जल्दबाजी में घर से निकलते समय हम गाड़ी के कागजात या अपना पर्स भूल जाते हैं। ऐसे में सड़क पर पुलिस द्वारा रोके जाने पर भारी-भरकम चालान का डर सताने लगता है। लेकिन डिजिटल इंडिया के इस दौर में अब घबराने की जरूरत नहीं है।

सरकार के नए नियमों के अनुसार, डिजिलॉकर या एमपरिवहन एप में रखे गए डिजिटल दस्तावेज अब पूरी तरह मान्य हैं। इसका मतलब है कि आपको हर वक्त अपने साथ में फिजिकल डाकुमेंट्स रखने की जरूरत नहीं है। अगर आपके फोन में ये दस्तावेज सुरक्षित हैं, तो आप पुलिस को डिजिटल कॉपी दिखाकर कानूनी रूप से चालान से बच सकते हैं। आइए इस लेख में जानते हैं इन ऐप्स का सही इस्तेमाल कैसे करें और चेकिंग के दौरान आपके पास क्या अधिकार हैं।

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DigiLocker for Drivers 2026: No Need to Carry Physical RC or DL, Use These Apps to Avoid Traffic Fines
mobile call new - फोटो : Adobe Stock

डिजिलॉकर का उपयोग कैसे करें?

  • अपने दस्तावेजों को डिजिटल रूप से सुरक्षित करने के लिए इन स्टेप्स का पालन करें।
  • सबसे पहले प्ले स्टोर से डिजिलॉकर ऐप डाउनलोड करें और आधार नंबर व ओटीपी के जरिए अपना अकाउंट बनाएं।
  • 'Issued Documents' सेक्शन में जाकर 'Ministry of Road Transport' चुनें और ड्राइविंग लाइसेंस या आरसी का नंबर डालकर उसे सिंक करें।
  • एप में जारी किए गए ये दस्तावेज आईटी एक्ट के तहत मूल दस्तावेजों के समान ही वैध माने जाते हैं।
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DigiLocker for Drivers 2026: No Need to Carry Physical RC or DL, Use These Apps to Avoid Traffic Fines
document new - फोटो : Adobe Stock

mParivahan एप की मदद से दिखाएं वर्चुअल आईडी

  • इस एप में आप अपनी गाड़ी और लाइसेंस की 'वर्चुअल कॉपी' बना सकते हैं, जो बिना इंटरनेट के भी दिखाई जा सकती है।
  • पुलिसकर्मी आपके एप में मौजूद सुरक्षित क्यूआर कोड को स्कैन करके आपकी जानकारी तुरंत वेरिफाई कर सकता है।
  • इस एप पर आपके वाहन का बीमा और पीयूसी का स्टेटस भी डिजिटल रूप में दिखता है।
DigiLocker for Drivers 2026: No Need to Carry Physical RC or DL, Use These Apps to Avoid Traffic Fines
Mumbai Traffic Police - फोटो : Adobe Stock

अगर पुलिस डिजिटल कॉपी मानने से इनकार करे तो क्या करें?

  • नियम स्पष्ट होने के बावजूद यदि कोई अधिकारी सहयोग न करे, तो पुलिस को बताएं कि सड़क परिवहन मंत्रालय के आधिकारिक सर्कुलर के अनुसार डिजिलॉकर के दस्तावेज मान्य हैं।
  • अगर विवाद बढ़े, तो आप वहां मौजूद किसी वरिष्ठ अधिकारी से बात करें या ट्रैफिक हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
  • आप डिजिटल दस्तावेज दिखाने का वीडियो बना सकते हैं ताकि गलत चालान को बाद में कोर्ट में चुनौती दी जा सके।
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ट्रैफिक नियम - फोटो : Adobe Stock
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
  • आज के समय में भारत की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से हाई-टेक हो चुकी है, जहां ई-चालान और डिजिटल वेरिफिकेशन ने काम को काफी पारदर्शी बना दिया है। 
  • फिजिकल दस्तावेज साथ रखने पर उनके खोने या फटने का डर बना रहता है, लेकिन डिजिटल लॉकर में वे हमेशा सुरक्षित रहते हैं।
  • हालांकि, यह ध्यान रखें कि सिर्फ 'डिजिलॉकर' या 'mParivahan' ऐप में मौजूद रिकॉर्ड ही मान्य हैं।
  • ध्यान रखें मोबाइल में खींची गई साधारण फोटो या स्कैन्ड कॉपी को पुलिस मानने से इनकार कर सकती है।
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