PUC Certificate Expired: भारत में गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हर वाहन मालिक के पास वैध पीयूसी यानी 'पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल' सर्टिफिकेट होना बेहद अनिवार्य है। अक्सर लोग व्यस्तता या लापरवाही के कारण अपनी गाड़ी के पॉल्यूशन सर्टिफिकेट की एक्सपायरी डेट पर ध्यान नहीं देते हैं।
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PUC Certificate: पॉल्यूशन सर्टिफिकेट खत्म होने पर क्या परेशानी हो सकती है? यहां जानें इससे जुड़ी जरूरी बातें
Wed, 19 Aug 2026 09:13 PM IST
Shikhar Baranawal
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shikhar Baranawal
Updated Wed, 19 Aug 2026 09:13 PM IST
सार
PUC Fine Amount: कई बार ऐसा होता है कि लोगों का पीयूसी सर्टिफिकेट एक्सपायर हो जाता है, मगर ध्यान न देने की वजह से लोग उसे दोबारा नहीं बनवा पाते हैं। आइए इस लेख में ये समझते हैं कि ऐसी स्थिति में आपको किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
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पीयूसी सर्टिफिकेट
- फोटो : AI
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भरना पड़ सकता है भारी-भरकम चालान
- फोटो : Adobe Stock
भरना पड़ सकता है भारी-भरकम चालान
- मोटर वाहन अधिनियम के सख्त नियमों के अनुसार, बिना वैध पीयूसी सर्टिफिकेट के गाड़ी चलाते हुए पकड़े जाने पर पहली बार में ही 10,000 रुपये तक का भारी चालान हो सकता है।
- इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस आपकी गाड़ी का ड्राइविंग लाइसेंस कैंसिल कर सकती है या कुछ मामलों में 3 से 6 महीने तक की जेल की सजा का प्रावधान भी है।
वाहन बीमा क्लेम में रुकावट
- फोटो : Adobe Stock
वाहन बीमा क्लेम में रुकावट
- अगर आपकी गाड़ी का एक्सीडेंट हो जाता है और उस समय गाड़ी का पीयूसी सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका है, तो बीमा कंपनियां इंश्योरेंस क्लेम देने से मना कर सकती हैं।
- बीमा नियामक IRDAI के दिशानिर्देशों के मुताबिक, गाड़ी का इंश्योरेंस रिन्यू कराते समय या क्लेम का सेटलमेंट करते समय वैलिड पीयूसी होना बेहद जरूरी है।
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गाड़ी की परफॉर्मेंस और पर्यावरण को नुकसान
- फोटो : Adobestock
गाड़ी की परफॉर्मेंस और पर्यावरण को नुकसान
- पीयूसी टेस्ट सिर्फ चालान से बचने का जरिया नहीं है, बल्कि यह आपकी गाड़ी के इंजन की सेहत भी बताता है।
- अगर गाड़ी तय मानक से अधिक धुआं छोड़ रही है, तो इसका मतलब है कि इंजन में खराबी है और माइलेज कम हो रहा है।
- नियमित जांच न कराने से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचता ही है, साथ ही गाड़ी का मेंटेनेंस खर्च भी बढ़ जाता है।
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ऑनलाइन स्टेटस चेक और रिन्यू कराने का आसान तरीका(प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Freepik
ऑनलाइन स्टेटस चेक और रिन्यू कराने का आसान तरीका
- आप परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (parivahan.gov.in) पर जाकर अपनी गाड़ी का पीयूसी स्टेटस ऑनलाइन भी चेक कर सकते हैं।
- अपने नजदीकी अधिकृत पेट्रोल पंप या प्रदूषण जांच केंद्र पर जाकर महज 5 से 10 मिनट में बहुत कम फीस देकर नया पीयूसी बनवा लें।
- नई गाड़ियों के लिए पीयूसी 1 साल तक वैध रहता है, जिसके बाद इसे हर 6 महीने में रिन्यू कराना पड़ता है।