पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
फ्री ई-पेपर
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Health Insurance: डॉक्टर के डिस्चार्ज लिखते ही कितने घंटे में मंजूर हो जाना चाहिए इंश्योरेंस क्लेम? जानें नियम

Tue, 30 Jun 2026 08:02 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shikhar Baranawal Updated Tue, 30 Jun 2026 08:02 PM IST
सार

Health Insurance Discharge Rules: अस्पताल से डिस्चार्ज क्लेम नियम को लेकर अक्सर लोगों के मन में कई तरह के सवाल होते हैं। आइए इस लेख में समझते हैं के अस्पताल के TPA डेस्क से इंश्योरेंस क्लेम जाने के बाद कितने घंटे के अंदर उसपर कंफर्मेशन मिल जाना चाहिए।

विज्ञापन
Health Insurance Discharge Rules: IRDAI Strict Deadline for Insurance Claim Approval Post Hospital Discharge
अस्पताल डिस्चार्ज क्लेम नियम - फोटो : AI

IRDAI Claim Approval Deadline: अस्पताल में इलाज पूरा होने के बाद मरीज और उसके परिवार को सबसे ज्यादा इंतजार डॉक्टर के डिस्चार्ज पेपर तैयार करने का होता है। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि डॉक्टर के छुट्टी लिखते ही क्लेम पास होने के नाम पर बीमा कंपनियां घंटों तक कागजी कार्रवाई में वक्त लगा देती हैं। इस वजह से ठीक हो चुका मरीज भी अस्पताल के बेड पर बैठा रहता है और परिवार परेशान होता है। आम जनता की इस बड़ी मुसीबत को दूर करने के लिए बीमा नियामक आईआरडीएआई (IRDAI) ने कड़े और नए नियम लागू किए हैं। 



इन नियमों के तहत अब बीमा कंपनियों के लिए क्लेम मंजूर करने की एक सख्त समय सीमा तय कर दी गई है, जिससे आम इंसान को अस्पताल से तुरंत छुट्टी मिल सके। आइए इस लेख में समझते हैं कि डॉक्टर के डिस्चार्ज लिखते ही कितने घंटे में इंश्योरेंस क्लेम मंजूर करना जरूरी है।

Health Insurance Discharge Rules: IRDAI Strict Deadline for Insurance Claim Approval Post Hospital Discharge
डॉक्टर के लिखते ही 3 घंटे के भीतर क्लेम का फैसला - फोटो : Adobe stock

डॉक्टर के लिखते ही 3 घंटे के भीतर क्लेम का फैसला
आईआरडीएआई के सख्त नियमों के मुताबिक, जैसे ही अस्पताल का डॉक्टर मरीज के डिस्चार्ज पेपर तैयार करके बीमा कंपनी को भेजता है, उसके ठीक 3 घंटे के भीतर इंश्योरेंस कंपनी को हर हाल में क्लेम मंजूर या रिजेक्ट करना होगा। बता दें कि बीमा कंपनी इससे ज्यादा वक्त नहीं ले सकती।

Health Insurance Discharge Rules: IRDAI Strict Deadline for Insurance Claim Approval Post Hospital Discharge
देरी होने पर अस्पताल का पूरा खर्च देगी बीमा कंपनी - फोटो : Adobe Stock

देरी होने पर अस्पताल का पूरा खर्च देगी बीमा कंपनी
अगर बीमा कंपनी अपनी लापरवाही या कागजी कार्रवाई के चक्कर में 3 घंटे की तय समय सीमा से ज्यादा की देरी करती है, तो उस अतिरिक्त समय का अस्पताल का पूरा खर्च (बेड चार्ज या रूम रेंट) बीमा कंपनी को अपनी जेब से भरना होगा, इसे मरीज के बिल में नहीं जोड़ा जा सकता।

विज्ञापन
विज्ञापन
Health Insurance Discharge Rules: IRDAI Strict Deadline for Insurance Claim Approval Post Hospital Discharge
मरीज की मौत होने पर 1 घंटे का विशेष नियम - फोटो : Adobe Stock

मरीज की मौत होने पर 1 घंटे का विशेष नियम
अगर अस्पताल में इलाज के दौरान किसी मरीज की दुर्भाग्यवश मृत्यु हो जाती है, तो वहां संवेदनशीलता बरतते हुए आईआरडीएआई ने और भी कड़ा नियम बनाया है। इस दुखद स्थिति में अस्पताल से शव को तुरंत ले जाने के लिए बीमा कंपनी को 1 घंटे के भीतर क्लेम सेटल करना अनिवार्य है।

विज्ञापन
Health Insurance Discharge Rules: IRDAI Strict Deadline for Insurance Claim Approval Post Hospital Discharge
हेल्थ इंश्योरेंस की सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
इन नए नियमों का सबसे बड़ा फायदा कैशलेस इलाज कराने वाले मरीजों को मिल रहा है। अस्पतालों के टीपीए डेस्क को अब डिजिटल माध्यम से तुरंत डॉक्यूमेंट अपलोड करने होते हैं, जिससे आम इंसान का समय और पैसा दोनों बच रहा है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed