Property Mutation Rules: जब भी कोई व्यक्ति मकान, दुकान या जमीन खरीदता है, तो वह सबसे पहले उसकी रजिस्ट्री कराता है। रजिस्ट्री होने का मतलब यह कतई नहीं है कि सरकारी रिकॉर्ड में भी आप उस जमीन के मालिक बन चुके हैं। सरकारी कागजातों में अपना नाम दर्ज कराने के लिए रजिस्ट्री के बाद 'दाखिल-खारिज' कराना कानूनी रूप से सबसे जरूरी प्रक्रिया है।
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Property Rules: रजिस्ट्री के कितने दिनों बाद होता है दाखिल-खारिज? जानें इसके नियम और जरूरी बातें
Sun, 02 Aug 2026 08:35 PM IST
Shikhar Baranawal
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shikhar Baranawal
Updated Sun, 02 Aug 2026 08:35 PM IST
सार
Days Required For Land Mutation: कई बार लोग रजिस्ट्री करवाने को ही अंतीम प्रक्रिया मान लेते हैं, मगर आपको बता दें कि संपत्ती पर मालिकाना अधिकार के लिए रजिस्ट्री के बाद दाखिल-खारिज करवाना जरूरी होता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में समझते हैं कि रजिस्ट्री के कितने दिनों बाद दाखिल-खारिज करना होता है।
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जमीन का दाखिल खारिज नियम,
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दाखिल-खारिज होने की तय सरकारी समय-सीमा क्या है?
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दाखिल-खारिज होने की तय सरकारी समय-सीमा क्या है?
- दाखिल-खारिज में लगने वाला समय राज्य के नियमों, दस्तावेजों की जांच और विवाद की स्थिति पर निर्भर करता है।
- सामान्य तौर पर संपत्ति की रजिस्ट्री होने के बाद दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी होने में 30 से 90 दिनों (एक से तीन महीने) का समय लगता है।
- अगर जमीन पूरी तरह से विवाद रहित है और बेचने वाले के सारे कागजात सही हैं, तो कई राज्यों में यह काम ऑनलाइन आवेदन करने के मात्र 30 से 45 दिनों के भीतर सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज हो जाता है।
- कई राज्यों में यह प्रक्रिया कुछ सप्ताह से लेकर कुछ महीनों में पूरी हो जाती है।
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रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज में क्या अंतर है?
- प्रॉपर्टी रजिस्ट्री केवल दो पक्षों के बीच पैसे के लेन-देन और जमीन की खरीद-बिक्री का एक लिखित समझौता है।
- इसके विपरीत, दाखिल-खारिज का मतलब होता है सरकारी राजस्व रिकॉर्ड से पुराने मालिक का नाम 'खारिज' करना और नए खरीदार का नाम 'दाखिल' करना।
- इसके बिना आपको सरकारी तौर पर जमीन का मालिकाना हक नहीं मिलता है।
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समय पर दाखिल-खारिज न कराने से क्या हो सकता है?
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समय पर दाखिल-खारिज न कराने से क्या हो सकता है?
- अगर आप रजिस्ट्री के बाद दाखिल-खारिज कराने में देरी करते हैं, तो आपको भविष्य में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
- जब तक सरकारी रिकॉर्ड में आपका नाम दर्ज नहीं होगा, तब तक आप उस प्रॉपर्टी को किसी अन्य व्यक्ति को कानूनी रूप से नहीं बेच सकते।
- इसके अलावा, चालाक विक्रेता आपकी लापरवाही का फायदा उठाकर उस जमीन पर दोबारा लोन ले सकता है, या अन्य विवाद भी हो सकता है।
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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ऑनलाइन आवेदन के आवश्यक दस्तावेज
- आजकल लगभग सभी राज्यों में दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है।
- आवेदन करने के लिए आपको मुख्य रूप से रजिस्ट्री की कॉपी, गवाहों के नाम, पुराना म्यूटेशन सर्टिफिकेट और पहचान पत्र की आवश्यकता होती है।
- आप अपने राज्य के भूलेख पोर्टल पर जाकर या नजदीकी जन सेवा केंद्र के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकते हैं।