Hindi News
›
Photo Gallery
›
Utility
›
Indian Railways Rule: What Happens if You Steal Bed Sheets or Towels from Train AC Coach Know the Penalties
{"_id":"6a5645b5d5a556c89a00648f","slug":"railways-ac-2026-07-14","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Railways: ट्रेन की AC कोच से चादर या तौलिया चुराने पर क्या कार्रवाई होती है? जानें इससे जुड़े रेलवे के नियम","category":{"title":"Utility","title_hn":"जरूरत की खबर","slug":"utility"}}
Railways: ट्रेन की AC कोच से चादर या तौलिया चुराने पर क्या कार्रवाई होती है? जानें इससे जुड़े रेलवे के नियम
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shikhar Baranawal
Updated Tue, 14 Jul 2026 07:50 PM IST
सार
Indian Railways Linen Theft Rules: हाल के दिनों ट्रेन से चादर, तौलिया जैसी चीजें ट्रेन से गायब होने पर मीडिया में चर्चा बढ़ गई है। बता दें कि बहुत से लोग ये समझते हैं कि टिकट के पैसे में वो चादर का भी पैसा दिए हैं, मगर यह एक गलत धारणा है। ऐसे में एसी कोच में रेल की संपत्ती से जुड़ा कुछ भी बैग में भरते हुए पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई होती है, जिसके बारे में आपको भी जानना चाहिए।
विज्ञापन
1 of 5
ट्रेन में चादर चोरी की सजा
- फोटो : AI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
Stealing Train Blankets Penalty: भारतीय रेलवे में हर दिन लाखों लोग सफर करते हैं, और एसी कोच में यात्रियों की सुविधा के लिए बेडशीट, तकिया, कंबल और तौलिया (लिनन) दिया जाता है। लेकिन कई बार कुछ यात्री सफर खत्म होने के बाद इन सरकारी सामानों को अपने बैग में चुपके से छिपाकर घर ले जाने की कोशिश करते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हर साल करोड़ों रुपये का लिनन का सामान चोरी हो जाता है। अगर कोई यात्री ट्रेन का सामान चुराते हुए रंगे हाथों पकड़ा जाता है, तो उस पर बेहद सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई होती है। आइए बेहद सरल शब्दों में समझते हैं कि इस मामले में रेलवे एक्ट के क्या नियम हैं।
2 of 5
रेलवे संपत्ति अधिनियम के तहत दर्ज होता है केस
- फोटो : अमर उजाला
रेलवे संपत्ति अधिनियम के तहत दर्ज होता है केस
ट्रेन से चादर, कंबल या तौलिया चुराना एक गंभीर कानूनी अपराध है। यदि कोई यात्री ऐसा करते हुए पकड़ा जाता है, तो उस पर रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम, 1966 की धारा 3 के तहत केस दर्ज किया जाता है। यह कानून विशेष रूप से सरकारी रेलवे संपत्ति को नुकसान या चोरी से बचाने के लिए बनाया गया है।
3 of 5
जेल की सजा और भारी जुर्माने का है प्रावधान
- फोटो : Adobe Stock
जेल की सजा और भारी जुर्माने का है प्रावधान
इस धारा के तहत पकड़े जाने पर यात्री को तुरंत गिरफ्तार किया जा सकता है। जुर्म साबित होने पर पहली बार में दोषी को अधिकतम 5 साल तक की जेल की सजा या भारी जुर्माना, या फिर दोनों भुगतने पड़ सकते हैं। रेलवे कोर्ट ऐसे मामलों में चोरी किए गए सामान की कीमत और गंभीरता के आधार पर सख्त सजा सुनाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
सामान गायब होने पर अटेंडेंट की सैलरी से कटता है पैसा
- फोटो : Adobe Stock
सामान गायब होने पर अटेंडेंट की सैलरी से कटता है पैसा
बहुत से यात्री यह नहीं जानते कि आपके कोच से जो भी चादर या तौलिया चोरी होता है, उसका हर्जाना वहां तैनात कोच अटेंडेंट को भुगतना पड़ता है। यात्रा खत्म होने पर अगर सामान कम निकलता है, तो रेलवे प्रशासन उस अटेंडेंट की तनख्वाह (सैलरी) से पैसे काट लेता है। इसलिए आपकी एक छोटी सी चोरी किसी गरीब कर्मचारी की पूरी मेहनत की कमाई छीन लेती है।
विज्ञापन
5 of 5
पकड़े जाने से बचने और सुरक्षित सफर के लिए सलाह
- फोटो : Adobe Stock
पकड़े जाने से बचने और सुरक्षित सफर के लिए सलाह
रेलवे कोचों में अब आरपीएफ और टीटीई की टीमें औचक निरीक्षण करती हैं और यात्रियों के उतरते समय कोच अटेंडेंट सामान की गिनती करते हैं। किसी भी तरह की शर्मिंदगी और जेल जाने के कानूनी झंझट से बचने के लिए रेलवे की संपत्तियों को अपनी निजी संपत्ति नहीं समझना चाहिए। सफर पूरा होने के बाद दी गई चादर और तौलिया को ईमानदारी से बर्थ पर ही छोड़ दें या अटेंडेंट को सौंप देना चाहिए।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।