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Salary Related Queries: ग्रॉस, नेट और बेसिक सैलरी में क्या है अंतर? यहां दूर करें कंफ्यूजन

Mon, 27 Jul 2026 08:19 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shikhar Baranawal Updated Mon, 27 Jul 2026 08:19 PM IST
सार

Basic vs Gross vs Net Salary: बेसिक सैलरी, ग्रॉस सैलरी और नेट सैलरी ये सभी किसी भी कर्मचारी के वेतन के अलग-अलग रूप हैं, जिनका मतलब और गणना भी एक-दूसरे से काफी अलग होती है। इसके अलावा, अक्सर लोग सीटीसी और इन-हैंड सैलरी को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों में बड़ा अंतर होता है। आइए इसी के बारे में समझते हैं।

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Salary Breakdown Guide: Understanding the Difference Between Basic, Gross, and Net In-Hand Salary
बेसिक ग्रॉस नेट सैलरी अंतर - फोटो : AI

Basic vs Gross vs Net Salary: जब भी किसी आम इंसान को नई नौकरी का ऑफर लेटर मिलता है, तो वह सबसे पहले अपनी सैलरी देखता है। मगर अक्सर लोग सैलरी स्लिप में लिखे बेसिक, ग्रॉस और नेट इन-हैंड जैसे शब्दों को देखकर उलझन में पड़ जाते हैं। वे समझ नहीं पाते कि कंपनी ने जो सीटीसी बताया था, वह हाथ में मिलने वाले पैसे से इतना अलग क्यों है। 



जानकारी के अभाव में एक आम कर्मचारी अपने ही वेतन का सही गणित नहीं लगा पाता है। इसलिए आइए इस लेख में समझते हैं कि आपकी सैलरी के इन अलग-अलग हिस्सों का असली मतलब क्या होता है और आपकी इन-हैंड सैलरी कैसे तय की जाती है।

Salary Breakdown Guide: Understanding the Difference Between Basic, Gross, and Net In-Hand Salary
बेसिक सैलरी क्या होती है? - फोटो : Adobe Stock

बेसिक सैलरी क्या होती है?
यह आपकी कुल सैलरी का सबसे मुख्य और बुनियादी हिस्सा होती है, जो बिना किसी भत्ते या कटौती के तय की जाती है। आमतौर पर यह आपकी सीटीसी का 40% से 50% हिस्सा होती है। खास बात यह है कि भविष्य निधि यानी आपका पीएफ और ग्रेच्युटी जैसे सरकारी लाभ इसी बेसिक सैलरी के आधार पर ही गिने जाते हैं।

Salary Breakdown Guide: Understanding the Difference Between Basic, Gross, and Net In-Hand Salary
ग्रॉस सैलरी का पूरा गणित - फोटो : AdobeStock

ग्रॉस सैलरी का पूरा गणित
जब आपकी बेसिक सैलरी में कंपनी की तरफ से मिलने वाले सभी भत्ते जैसे मकान किराया, महंगाई भत्ता और मेडिकल अलाउंस जोड़ दिए जाते हैं, तो वह ग्रॉस सैलरी बनती है। सरल शब्दों में कहें तो, टैक्स और पीएफ की कटौती होने से पहले जो आपकी कुल कमाई दिखती है, वही आपकी ग्रॉस सैलरी कहलाती है।

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Salary Breakdown Guide: Understanding the Difference Between Basic, Gross, and Net In-Hand Salary
नेट सैलरी यानी जो हाथ में आए - फोटो : AdobeStock

नेट सैलरी यानी जो हाथ में आए
यह वह वास्तविक पैसा है जो हर महीने की पहली तारीख को आपके बैंक खाते में क्रेडिट होता है। आपकी ग्रॉस सैलरी में से जब इनकम टैक्स, भविष्य निधि (पीएफ) का 12% हिस्सा और प्रोफेशनल टैक्स जैसी जरूरी कटौतियां घटा दी जाती हैं, तो बची हुई रकम नेट सैलरी कहलाती है, जिससे आप अपने घर के खर्चे चलाते हैं।

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सीटीसी और इन-हैंड सैलरी में बड़ा अंतर - फोटो : AdobeStock
सीटीसी और इन-हैंड सैलरी में बड़ा अंतर
'कॉस्ट टू कंपनी' यानी सीटीसी वह कुल खर्च है जो कंपनी एक कर्मचारी पर एक साल में करने का दावा करती है, जिसमें आपके हेल्थ इंश्योरेंस और ऑफिस की अन्य सुविधाएं भी शामिल होती हैं। यही कारण है कि सीटीसी हमेशा बहुत बड़ी दिखती है, जबकि सभी सरकारी कटौतियों के बाद आपके हाथ में आने वाली नेट सैलरी उससे काफी कम होती है।
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